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Ranchi : छात्र आंदोलन के समर्थन में मंगलवार को राजधानी रांची में सामाजिक और छात्र संगठनों ने राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने और पुलिस कार्रवाई की न्यायिक जांच कराने की मांग की। तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में अजय, मोहम्मद नौशाद और एलिना हीरो शामिल थे। उन्होंने राजभवन में राज्यपाल के एडीसी से मुलाकात कर अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि छात्र लंबे समय से शिक्षा व्यवस्था में सुधार, प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक रोकने और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की कार्यप्रणाली में बदलाव की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि कई राज्यों में शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग किया गया और उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है।
बारिश के बीच अल्बर्ट एक्का चौक पर हुआ प्रतिवाद, दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग
राजभवन में ज्ञापन सौंपने के बाद खराब मौसम और बारिश के बावजूद अल्बर्ट एक्का मेन रोड पर नागरिक प्रतिवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रदर्शनकारियों ने छात्र आंदोलन को मिली सफलता पर खुशी जताते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की घोषणा का स्वागत किया। साथ ही भाजपा और एनडीए शासित राज्यों में छात्रों पर दर्ज मामलों को वापस लेने की घोषणा का भी स्वागत किया।

प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि एनटीए की कार्यप्रणाली की समीक्षा कर परीक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाया जाए। बिहार, दिल्ली और अन्य राज्यों में छात्र आंदोलन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच कराई जाए। छात्रों पर दर्ज सभी मुकदमे वापस लिए जाएं और गिरफ्तार छात्रों को बिना शर्त रिहा किया जाए। साथ ही आंदोलन के दौरान कथित रूप से लाठीचार्ज और गोली चलाने वाले दोषी पुलिसकर्मियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
कार्यक्रम में रिंकु ठाकुर, किरण कुमारी, एहतेशाम परवीन, अफजल दुर्रानी, नंदिता भट्टाचार्या, रिया तुलिका पिंगुवा, त्रिलोक नाथ, मोहम्मद नौशाद, शमशुल होदा, संगीता सिंह समेत कई सामाजिक और छात्र संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
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