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Ranchi : अंधेरी सुरंगें, गूंजती भारी मशीनें और जमीन की गहराइयों में काम करते मजदूर। कोयला खदानों की जिंदगी जितनी चुनौतीपूर्ण होती है, वहां सुरक्षा के इंतजाम उतने ही अहम होते हैं। ऐसे में जब खदान कर्मचारियों की सेहत, सुरक्षा और उनके अधिकार पर एक जगह बैठकर गंभीर मंथन हो, तो बात सिर्फ सरकारी कागजों तक सीमित नहीं रहती। 28 जुलाई, 2026 को रांची में CCL यानी सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड की 37वीं कॉर्पोरेट स्तरीय त्रिपक्षीय सुरक्षा समिति की बैठक में कुछ ऐसा ही माहौल देखने को मिला।
सुरक्षा सिर्फ नियम नहीं, हर मजदूर का अधिकार
इस खास बैठक की अध्यक्षता CCL के सीएमडी निलेंदु कुमार सिंह ने की। मंच पर एक तरफ खान सुरक्षा महानिदेशालय (डीजीएमएस) के बड़े अधिकारी थे, तो दूसरी तरफ सीसीएल प्रबंधन और सेफ्टी बोर्ड के प्रतिनिधि मौजूद थे। बैठक का सीधा मकसद था कि खदान में काम करने वाले हर मजदूर को सुरक्षित माहौल मिले। बैठक में सुरक्षा मानकों के अनुपालन की बारीकी से पड़ताल की गई। पिछली बैठकों में दिए गए सुझावों पर कितना काम हुआ और कहां सुधार की गुंजाइश है, इस पर विस्तार से बात हुई। सिर्फ खदान के भीतर की सुरक्षा ही नहीं, बल्कि कर्मचारियों के स्वास्थ्य और उनके कल्याण के लिए चलाई जा रही योजनाओं को भी नए सिरे से परखने का काम किया गया।
दीप प्रज्वलन से हुई सकारात्मक शुरुआत
कार्यक्रम का आगाज डीजीएमएस के उप महानिदेशक (सेंट्रल जोन) आरटी मंडेकर, CCL के निदेशकों और सेफ्टी बोर्ड के सदस्यों ने मिलकर दीप जलाकर किया। इसके बाद वहां मौजूद अतिथियों का शॉल और बुके देकर स्वागत किया गया। बैठक की शुरुआत में ही सेफ्टी बोर्ड के सदस्यों ने खदानों में काम करने के अपने जमीनी अनुभवों को साझा किया। उन्होंने सुरक्षा से जुड़ी व्यावहारिक चुनौतियों और उनके समाधान के जो तरीके बताए, उनकी सभी ने खुलकर तारीफ की।
जब खदानों में महिलाओं की सुरक्षा और सुविधाओं पर लगा ठप्पा
खदानों में लगातार बढ़ रही महिला कर्मचारियों की भागीदारी को ध्यान में रखते हुए बैठक में विशेष चर्चा हुई। डीजीएमएस के उप महानिदेशक (दक्षिण-पूर्वी जोन) एसएस प्रसाद ने खदान क्षेत्र में महिलाओं के लिए जरूरी आधारभूत ढांचे पर खुलकर बात रखी। उन्होंने कर्मचारियों की हर साल होने वाली मेडिकल जांच (पीएमई) की व्यवस्था को और आधुनिक बनाने का सुझाव दिया ताकि किसी भी बीमारी का शुरुआती स्तर पर ही पता लगाया जा सके।
अलग वॉशरूम, ट्रेनिंग सेंटर और स्पेशल टास्क फोर्स का फॉर्मूला
उप महानिदेशक आरटी मंडेकर ने कुछ ऐसे व्यावहारिक सुझाव दिए, जो खदान में काम करने वालों के रोजमर्रा के जीवन को सीधे प्रभावित करते हैं। उन्होंने महिला कर्मचारियों के लिए तुरंत अलग वॉशरूम बनाने की आवश्यकता जताई। इसके साथ ही नए जमाने की जरूरतों को देखते हुए अत्याधुनिक वोकेशनल ट्रेनिंग सेंटर शुरू करने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने नए लेबर कोड का जिक्र करते हुए ‘ऑक्यूपेशनल सेफ्टी एंड हेल्थ’ के तहत एक स्पेशल टास्क फोर्स बनाने की बात कही, जो सुरक्षा नियमों को तुरंत जमीन पर लागू करा सके। अपने वर्षों के अनुभव से निकले उनके छोटे-छोटे सुझावों ने पूरे सदन का ध्यान खींचा।
सीएमडी का स्पष्ट संदेश- “सुरक्षा सर्वोपरि, हर सुझाव पर होगा तुरंत काम”
सभी सदस्यों और अधिकारियों के सुझावों को सुनने के बाद CCL के सीएमडी निलेंदु कुमार सिंह ने डीजीएमएस के शीर्ष अधिकारियों, मुख्य रूप से उप महानिदेशक (सेंट्रल जोन) और उप महानिदेशक (दक्षिण-पूर्वी जोन) का दिल से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अधिकारियों द्वारा दिए गए सुझाव सिर्फ कागजी नहीं, बल्कि खदानों में पसीना बहाने वाले हमारे श्रमिकों के सीधे हित में हैं। सीएमडी ने पूरे सदन को आश्वस्त करते हुए कहा कि जितने भी महत्वपूर्ण और उपयोगी सुझाव आज की इस बैठक में सामने आए हैं, उन्हें तय समय-सीमा और निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार हर हाल में जमीन पर लागू किया जाएगा। इसमें किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी।
कंपनी के मूल विजन को रेखांकित करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि सीसीएल के लिए अपने श्रमिकों की सुरक्षा हमेशा से सर्वोपरि रही है और आगे भी रहेगी। उत्पादन महत्वपूर्ण है, लेकिन वह हमारे कर्मियों की जान और सेहत की कीमत पर नहीं हो सकता। उन्होंने बैठक में मौजूद सभी सेफ्टी बोर्ड सदस्यों, डीजीएमएस अधिकारियों और श्रमिक प्रतिनिधियों से भावुक अपील करते हुए कहा कि आइए, हम सभी सुरक्षा के मानकों को मजबूत करते हुए एक-दूसरे से कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ें। देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने और राष्ट्रहित में कोयला उत्पादन के निर्धारित लक्ष्यों को हासिल करने के लिए सुरक्षा को अपनी ढाल बनाकर काम करना ही हमारा सच्चा संकल्प है।
सीएमडी के इस प्रेरक और भरोसा जगाने वाले संबोधन के बाद पूरे सदन ने तालियों के साथ उनके आश्वासन का स्वागत किया। अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ इस महत्वपूर्ण और सफल बैठक का औपचारिक समापन किया गया।
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