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Ranchi : JPSC यानी झारखंड लोक सेवा आयोग भर्ती मामले की जांच अब उस दौर में पहुंच गई है, जहां CID सिर्फ कागजों पर नहीं, बल्कि फैसले लेने वाले लोगों तक सीधा पहुंच रही है। मंगलवार को जांच एजेंसी ने आयोग के पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांगते को करीब आठ घंटे तक सवालों के घेरे में रखा। पूछताछ खत्म होते ही उनका पासपोर्ट जब्त कर लिया गया। साफ संकेत है कि अब जांच एजेंसी कोई भी ढील देने के मूड में नहीं है। CID सूत्रों का कहना है कि जांच पूरी होने तक एल. ख्यांगते बिना अनुमति देश से बाहर नहीं जा सकेंगे। एजेंसी को आशंका है कि जांच के इस अहम दौर में विदेश यात्रा से जांच प्रभावित हो सकती है। यही वजह है कि पासपोर्ट जब्त करने जैसा बड़ा कदम उठाया गया।
भर्ती से लेकर विदेश दौरों तक, हर कड़ी जोड़ रही CID
पूछताछ के दौरान CID अधिकारियों ने एल. ख्यांगते से उनके पूरे कार्यकाल का हिसाब मांगा। किन परिस्थितियों में नियुक्तियां हुईं, चयन प्रक्रिया कैसे आगे बढ़ी, किस स्तर पर फैसले लिए गए और किन अधिकारियों की क्या भूमिका रही, इन सभी बिंदुओं पर एक-एक कर सवाल पूछे गए। जांच एजेंसी का फोकस अब उनकी विदेश यात्राओं पर भी है। जानकारी मिली है कि जेपीएससी अध्यक्ष रहते हुए उन्होंने कई विदेशी दौरे किए थे। अब सीआईडी यह पता लगा रही है कि इन यात्राओं का खर्च किसने उठाया, यात्रा का मकसद क्या था, किन लोगों से मुलाकात हुई और क्या इन दौरों का किसी भर्ती प्रक्रिया या फैसले से कोई संबंध था। जांच अधिकारी यात्रा से जुड़े दस्तावेजों, बैंक रिकॉर्ड और दूसरे वित्तीय दस्तावेजों का मिलान भी कर रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि पूछताछ के दौरान कई ऐसे दस्तावेज भी सामने रखे गए, जिनके आधार पर अधिकारियों ने सिलसिलेवार सवाल किए। कई जवाबों का रिकॉर्ड पहले से जुटाए गए दस्तावेजों से मिलान भी किया गया।
जांच का दायरा बढ़ा, कई और लोगों पर नजर
सीआईडी पहले ही इस मामले में कथित नियुक्ति घोटाले के मुख्य आरोपित अभय तिवारी समेत 10 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। जांच के दौरान कई अभ्यर्थियों, अधिकारियों और आयोग से जुड़े लोगों से भी पूछताछ की जा चुकी है। अब एजेंसी पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में लगी है।
सूत्रों का कहना है कि जांच सिर्फ एक भर्ती परीक्षा तक सीमित नहीं है। आयोग के कार्यकाल में हुई अलग-अलग नियुक्तियों, फैसलों और फाइलों की भी जांच चल रही है। इसी वजह से आने वाले दिनों में कुछ और पूर्व अधिकारियों और संबंधित लोगों को भी पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है।
सीआईडी का कहना है कि जांच पूरी तरह साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ रही है। जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके अनुसार आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल इतना तय माना जा रहा है कि जेपीएससी भर्ती मामले की जांच अब अपने सबसे अहम और संवेदनशील चरण में पहुंच चुकी है।
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