Close Menu
News SamvadNews Samvad
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • बिजनेस
  • स्पोर्ट्स
  • राशिफल
Facebook X (Twitter) Instagram
Friday, 6 November, 2026 • 10:04 pm
  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • AdSense Policy
  • Terms and Conditions
Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest Vimeo
News SamvadNews Samvad
  • HOME
  • INDIA
  • WORLD
  • JHARKHAND
    • RANCHI
  • BIHAR
  • UP
  • SPORTS
  • HOROSCOPE
  • CAREER
  • HEALTH
  • MORE…
News SamvadNews Samvad
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • बिजनेस
  • स्पोर्ट्स
  • राशिफल
Home » ‘हर मुश्किल में पत्नी ने थामा हाथ’… विदाई के मंच पर छलक पड़े जज्बात
बिहार

‘हर मुश्किल में पत्नी ने थामा हाथ’… विदाई के मंच पर छलक पड़े जज्बात

July 29, 2026No Comments4 Mins Read
Share Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Telegram WhatsApp Email
Follow Us
Google News Flipboard Facebook X (Twitter)
राजेन्दर
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Telegram WhatsApp Email
WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now

अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :

auto
IPRD_ERO_000293/26-27

auto

Patna : सरकारी दफ्तरों में हर दिन फाइलें आती हैं, फैसले होते हैं और अधिकारी बदलते रहते हैं। लेकिन कुछ लोग ऐसे होते हैं, जिनके जाने के बाद सिर्फ उनकी कुर्सी खाली नहीं होती, बल्कि उनकी कार्यशैली की चर्चा भी लंबे समय तक होती है। बिहार सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव बी. राजेन्दर की विदाई भी कुछ ऐसी ही रही। बुधवार को आयोजित समारोह में सम्मान तो था ही, लेकिन उससे कहीं ज्यादा अपनापन और भावनाएं थीं। मंच पर जब उन्होंने अपनी प्रशासनिक यात्रा को याद किया तो उनकी आवाज में अनुभव भी था और भावुकता भी। सबसे भावुक पल तब आया, जब उन्होंने कहा कि उनके पूरे सेवाकाल में अगर किसी ने हर परिस्थिति में उनका साथ निभाया तो वह उनकी पत्नी जया थीं।

मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की ओर से आयोजित इस विदाई समारोह में राज्य सरकार के सभी प्रमुख विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, सचिव और कई वरिष्ठ आईएएस अधिकारी मौजूद रहे। हर किसी के पास बी. राजेन्दर से जुड़ी कोई न कोई याद थी। किसी ने उनकी समय की पाबंदी का जिक्र किया, तो किसी ने उनकी सादगी और काम के प्रति समर्पण को याद किया।

फाइलों को सिर्फ कागज नहीं, लोगों की उम्मीद मानते थे राजेन्दर

समारोह की शुरुआत मुख्य जांच आयुक्त दीपक कुमार सिंह के स्वागत भाषण से हुई। इसके बाद एक लघु फिल्म दिखाई गई, जिसने बी. राजेन्दर के पूरे प्रशासनिक सफर को सामने ला दिया। फिल्म में दिखाया गया कि उनके नेतृत्व में सामान्य प्रशासन विभाग ने किस तरह डिजिटल व्यवस्था को अपनाया। ई-ऑफिस, HRMS, सहयोग पोर्टल और रिकॉर्ड के वैज्ञानिक प्रबंधन जैसी पहल ने सरकारी कामकाज को नई दिशा दी।

सामान्य प्रशासन विभाग और बिपार्ड, गया को मिले आईएसओ प्रमाणन के साथ हाल ही में बिपार्ड, पटना को भी आईएसओ प्रमाणन मिलना उनके कार्यकाल की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में गिना गया।

समारोह में अधिकारियों ने कहा कि बी. राजेन्दर की सबसे बड़ी खासियत यह थी कि वे हर फाइल के पीछे किसी व्यक्ति की समस्या और उम्मीद को देखते थे। उनका मानना था कि सरकारी दफ्तर में रुकी हुई फाइल का मतलब किसी नागरिक की रुकी हुई उम्मीद है। इसलिए वे हमेशा समय पर निर्णय लेने और काम पूरा करने पर जोर देते थे। यही सोच उन्हें बाकी अधिकारियों से अलग बनाती थी।

युवा अधिकारियों को दिया जीवन का संदेश, पत्नी को बताया सबसे बड़ा संबल

अपने संबोधन में बी. राजेन्दर ने उपलब्धियों की चर्चा कम और जिम्मेदारियों की बात ज्यादा की। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक सेवा केवल आदेश देने का माध्यम नहीं है, बल्कि लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरने की जिम्मेदारी भी है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जनता से संवाद बनाए रखें, फाइलों को लंबित न रखें और हर निर्णय में जनहित को सबसे ऊपर रखें। उनके अनुसार संवेदनशीलता, पारदर्शिता, जवाबदेही और समय पर काम करना ही सुशासन की असली पहचान है।

मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने भी उनके योगदान की सराहना करते हुए कहा कि बी. राजेन्दर ने जिस ईमानदारी और अनुशासन के साथ काम किया, वह आने वाली पीढ़ियों के प्रशासनिक अधिकारियों के लिए मिसाल रहेगा। उन्होंने कहा कि पद बदल जाते हैं, लेकिन काम करने का तरीका लोगों के दिलों में हमेशा जिंदा रहता है।

समारोह का सबसे भावुक क्षण तब आया, जब बी. राजेन्दर ने अपनी पत्नी जया की ओर देखते हुए कहा कि उनकी पूरी प्रशासनिक यात्रा की सबसे बड़ी ताकत वही रही हैं। उन्होंने कहा कि लंबे सेवाकाल में कई ऐसे मौके आए, जब चुनौतियां बड़ी थीं, लेकिन हर बार उनकी पत्नी ने उन्हें संभाला और आगे बढ़ने का हौसला दिया। यह सुनते ही सभागार तालियों से गूंज उठा।

कार्यक्रम के अंत में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने उन्हें स्मृति चिह्न और पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया। विदाई के उस पल में एक अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों से मुक्त हो रहा था, लेकिन अपने पीछे ऐसी कार्यशैली छोड़ गया, जो आने वाले वर्षों तक बिहार प्रशासन के लिए प्रेरणा बनी रहेगी।

इसे भी पढ़ें : सैटेलाइट शहरों में जमीन खरीदने-बेचने की राह होगी आसान, सम्राट सरकार ने दी राहत

Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Telegram WhatsApp Email
Previous Articleसैटेलाइट शहरों में जमीन खरीदने-बेचने की राह होगी आसान, सम्राट सरकार ने दी राहत
Next Article राशिफल @ 30 जुलाई 2026… आज क्या कहता है आपका भाग्य… जानें

Related Posts

बिहार

हवा में झूलते शीशे पर अब चलेंगे नन्हे कदम, राजगीर ग्लास ब्रिज पर लगी रोक हटी

November 6, 2026
बिहार

सीएम सम्राट ने मंत्री कुमार शैलेंद्र के पिता को दी श्रद्धांजलि, परिजनों का बंधाया ढांढस

November 6, 2026
Headlines

पंचायत सरकार भवनों के निर्माण में लाएं तेजी, ठेकेदारों की तय हो जवाबदेही : सीएम सम्राट

November 6, 2026
Advertisement
  • Facebook
  • Twitter
  • Telegram
  • WhatsApp

Latest Post

हवा में झूलते शीशे पर अब चलेंगे नन्हे कदम, राजगीर ग्लास ब्रिज पर लगी रोक हटी

November 6, 2026

सीएम सम्राट ने मंत्री कुमार शैलेंद्र के पिता को दी श्रद्धांजलि, परिजनों का बंधाया ढांढस

November 6, 2026

पंचायत सरकार भवनों के निर्माण में लाएं तेजी, ठेकेदारों की तय हो जवाबदेही : सीएम सम्राट

November 6, 2026

बॉर्डर से लेकर पंचायत तक महातैयारी, छठ पर घर लौटने वालों का कुछ ऐसे स्वागत करेगा बिहार

November 6, 2026

परदेस से लौटने वालों को मिले सुरक्षित और स्वच्छ बिहार, त्योहारों में कोताही नहीं : सीएम

November 6, 2026
© 2026 News Samvad. Designed by Launching Press.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.