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Patna : पटना की पहचान बदलने वाली मेट्रो परियोजना तेजी से आगे बढ़ रही है। हर गुजरते दिन के साथ शहर आधुनिक सार्वजनिक परिवहन की ओर बढ़ रहा है। लेकिन इस सफर का एक दूसरा पहलू भी है। सड़कों पर बढ़ती भीड़, जगह-जगह बैरिकेडिंग, डायवर्जन और रोजमर्रा के ट्रैफिक की परेशानी। यही वजह है कि अब बिहार सरकार मेट्रो निर्माण के साथ-साथ लोगों की सहूलियत पर भी बराबर ध्यान देने की तैयारी में है। सीएम सम्राट चौधरी ने शनिवार को साफ शब्दों में कहा कि राजधानी का विकास जरूरी है, लेकिन विकास की कीमत आम लोगों को रोज-रोज की परेशानी के रूप में नहीं चुकानी पड़े। इसलिए जहां मेट्रो का काम चल रहा है, वहां ट्रैफिक को सुचारु बनाए रखने के लिए हर जरूरी कदम उठाया जाएगा। लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में पथ निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान सीएम सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नेहरू पथ यानी बेली रोड पर यातायात को हर हाल में सुचारु रखा जाए।
हर दिन लाखों लोगों की लाइफलाइन है बेली रोड
पटना में बेली रोड सिर्फ एक सड़क नहीं, बल्कि राजधानी की सबसे व्यस्त लाइफलाइन है। सचिवालय, हाईकोर्ट, अस्पताल, विश्वविद्यालय, सरकारी दफ्तर, एयरपोर्ट और कई बड़े रिहायशी इलाकों को जोड़ने वाली इस सड़क पर सुबह से रात तक वाहनों की लंबी कतारें दिखाई देती हैं। अब इसी सड़क पर मेट्रो का निर्माण चल रहा है। ऐसे में ट्रैफिक का दबाव और बढ़ना स्वाभाविक है। सरकार चाहती है कि मेट्रो का काम भी समय पर पूरा हो और लोगों की रोजमर्रा की आवाजाही भी प्रभावित न हो।

11 जगहों की पहचान, अब मौके पर होगा फैसला
बैठक में पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल और पटना मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक संदीप कुमार आर. पुडुकलकट्टी ने मुख्यमंत्री को बताया कि नेहरू पथ पर 11 ऐसे हिस्सों की पहचान की गई है, जहां ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार की सबसे ज्यादा जरूरत है। सीएम सम्राट चौधरी ने अधिकारियों से कहा कि सिर्फ फाइलों में योजना बनाने से काम नहीं चलेगा। सभी जगहों का मौके पर जाकर निरीक्षण करें और देखें कि कहां सड़क चौड़ी करने की जरूरत है, कहां जंक्शन को बेहतर बनाया जा सकता है और कहां ट्रैफिक की सबसे बड़ी बाधा मौजूद है। जरूरत के मुताबिक तुरंत काम शुरू किया जाए।
पहले बनेगा विकल्प, फिर बदलेगा रास्ता
मेट्रो निर्माण के दौरान अक्सर लोगों को डायवर्जन की वजह से परेशानी होती है। कई बार रास्ता बदलने की जानकारी समय पर नहीं मिलती और लोग जाम में फंस जाते हैं। इसी को देखते हुए सीएम सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जहां भी निर्माण की वजह से ट्रैफिक प्रभावित होने की आशंका हो, वहां पहले से वैकल्पिक मार्ग तैयार किए जाएं। इतना ही नहीं, उन रास्तों को भी दुरुस्त किया जाए ताकि लोग बिना परेशानी उनका इस्तेमाल कर सकें। उन्होंने कहा कि ट्रैफिक व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए जिससे लोगों का समय भी बचे और सफर भी आसान रहे।

सड़क किनारे की अव्यवस्था पर भी रहेगी नजर
बेली रोड पर कई जगह सड़क किनारे रेहड़ी-पटरी और अस्थायी दुकानें भी ट्रैफिक की रफ्तार धीमी कर देती हैं। इसे देखते हुए मुख्यमंत्री ने उपयुक्त वेंडिंग जोन चिन्हित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि छोटे कारोबारियों की आजीविका भी बनी रहनी चाहिए और सड़क पर अनावश्यक दबाव भी नहीं बढ़ना चाहिए। इसके लिए संतुलित व्यवस्था तैयार की जाए।
एक साथ काम करेंगे सभी विभाग
सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि ट्रैफिक की समस्या सिर्फ एक विभाग के भरोसे नहीं सुलझेगी। इसके लिए पथ निर्माण विभाग, पटना मेट्रो रेल कॉरपोरेशन, जिला प्रशासन और यातायात पुलिस को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने निर्देश दिया कि सड़क चौड़ीकरण, ट्रैफिक मैनेजमेंट, डायवर्जन, जंक्शन सुधार और वैकल्पिक मार्गों को लेकर साझा कार्ययोजना बनाई जाए और समयबद्ध तरीके से उसे जमीन पर उतारा जाए।
भविष्य की जरूरत है मेट्रो, लेकिन आज की परेशानी भी कम करनी होगी
बैठक के दौरान सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि पटना मेट्रो आने वाले वर्षों में राजधानी की परिवहन व्यवस्था को नई दिशा देगी। इससे लोगों का सफर तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक होगा। लेकिन जब तक निर्माण कार्य पूरा नहीं हो जाता, तब तक सरकार की जिम्मेदारी है कि लोगों को कम से कम परेशानी हो। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि विकास कार्यों की गति भी बनी रहे और राजधानी की रफ्तार भी न थमे। इसी सोच के साथ मेट्रो निर्माण के दौरान हर जरूरी कदम समय पर उठाया जाए।
बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, पटना मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक सह नगर विकास एवं आवास विभाग के सचिव संदीप कुमार आर. पुडुकलकट्टी, पटना के डीएम कुंदन कुमार, नगर आयुक्त यशपाल मीणा, एसएसपी कार्तिकेय के. शर्मा समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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