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Patna : कभी राशन कार्ड में गड़बड़ी तो कभी पेंशन अटक जाने की परेशानी। कहीं जमीन के कागजों का मामला तो कहीं सरकारी योजना का लाभ नहीं मिलने की शिकायत। ऐसे छोटे-बड़े कामों के लिए पहले लोगों को प्रखंड और जिला मुख्यालय के कई चक्कर लगाने पड़ते थे। समय भी लगता था और पैसा भी खर्च होता था। अब तस्वीर बदलने लगी है। सरकार लोगों के इंतजार में दफ्तरों में बैठने के बजाय खुद गांव और मोहल्लों तक पहुंच रही है। बिहार सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से शुरू किए गए ‘सहयोग शिविर’ इसी बदलाव की कहानी कह रहे हैं। शुक्रवार को सूचना एवं जन-सम्पर्क विभाग के संवाद कक्ष में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव मो. सोहैल ने बताया कि सीएम सम्राट चौधरी के नेतृत्व में प्रशासन को लोगों के और करीब लाने की कोशिश लगातार की जा रही है। इसी सोच के तहत राज्य के हर पंचायत, प्रखंड और नगर निकाय में महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को सहयोग शिविर लगाए जा रहे हैं।
दो महीने में लाखों लोगों ने जताया भरोसा
सिर्फ दो महीने के भीतर ही इन शिविरों में लोगों का भरोसा साफ दिखाई देने लगा है। 19 मई 2026 से शुरू हुए इस अभियान में अब तक 5 लाख 83 हजार 866 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। इनमें से 5 लाख 33 हजार 904 मामलों का समय सीमा के भीतर निपटारा भी कर दिया गया है। बाकी मामलों पर भी तेजी से काम चल रहा है। यह आंकड़ा सिर्फ फाइलों का नहीं है। इसके पीछे उन हजारों परिवारों की राहत छिपी है, जिन्हें समय पर सरकारी मदद मिली या जिनकी वर्षों पुरानी समस्याओं का समाधान शुरू हुआ। सहयोग शिविरों में सबसे ज्यादा आवेदन भोजपुर, पश्चिम चंपारण, पटना, बेगूसराय और मुजफ्फरपुर से आए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जैसे-जैसे लोगों को इस व्यवस्था की जानकारी मिल रही है, वैसे-वैसे शिविरों में आने वालों की संख्या भी बढ़ रही है। अब लोगों को यह भरोसा होने लगा है कि उनकी शिकायत सिर्फ दर्ज नहीं होगी, बल्कि उस पर कार्रवाई भी होगी।
शिविर नहीं पहुंच पाए तो घर बैठे दर्ज करें शिकायत
सरकार ने व्यवस्था को सिर्फ शिविरों तक सीमित नहीं रखा है। अगर कोई व्यक्ति किसी कारणवश शिविर में नहीं पहुंच पाता, तो उसके लिए भी रास्ता खुला है। सहयोग पोर्टल पर घर बैठे ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। इसके अलावा टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1100 पर फोन करके भी जानकारी ली जा सकती है। यानी शिकायत दर्ज कराने के लिए अब सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत पहले जैसी नहीं रह गई है।
गांव में ही मिलने लगीं 64 से ज्यादा सरकारी सेवाएं
प्रेस वार्ता में मो. सोहैल ने बताया कि पंचायत सरकार भवनों में स्थापित लोक सेवा केंद्र अब ग्रामीणों के लिए बड़ी राहत बन रहे हैं। यहां 64 से अधिक सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसका सबसे बड़ा फायदा यह हुआ है कि जन्म प्रमाण पत्र, जाति, आय, आवासीय प्रमाण पत्र समेत कई जरूरी सेवाओं के लिए अब लोगों को प्रखंड या जिला मुख्यालय तक नहीं जाना पड़ता। लोक सेवाओं का अधिकार अधिनियम, 2011 के तहत अब तक करीब 53.80 करोड़ आवेदनों का सफलतापूर्वक निष्पादन किया जा चुका है। वहीं पंचायत स्तर पर प्राप्त 33 लाख 77 हजार 620 आवेदनों में से 33 लाख 48 हजार 776 मामलों का समाधान किया जा चुका है।
अब आवेदन अटका तो सिस्टम खुद करेगा अपील
पहले कई बार आवेदन समय पर नहीं निपटते थे और लोगों को दोबारा अधिकारियों के पास जाना पड़ता था। इस परेशानी को दूर करने के लिए 23 जून 2026 से स्वत: अपील की व्यवस्था लागू की गई है। अब यदि तय समय सीमा में किसी आवेदन का निपटारा नहीं होता है तो सिस्टम खुद उसे अपील में भेज देता है। इस नई व्यवस्था के तहत अब तक 6 हजार 934 अपील दर्ज हुई हैं, जिनमें से 5 हजार 503 मामलों का समाधान किया जा चुका है।
लोक शिकायत कानून से भी मिल रही राहत
सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव ने बताया कि बिहार लोक शिकायत निवारण अधिनियम, 2015 के तहत हर प्रमंडल और जिले में लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी तैनात किए गए हैं। इस व्यवस्था के जरिए अब तक 19.38 लाख से अधिक शिकायतों का निपटारा किया जा चुका है। इससे लोगों को अपनी शिकायतों के समाधान के लिए एक मजबूत कानूनी व्यवस्था भी मिली है।
प्रशासनिक व्यवस्था को आधुनिक बनाने पर जोर
मो. सोहैल ने बताया कि सरकार सिर्फ शिकायतों के निपटारे तक सीमित नहीं है। प्रशासनिक व्यवस्था को आधुनिक और अधिक जवाबदेह बनाने की दिशा में भी लगातार काम हो रहा है। इसी क्रम में बिपार्ड, पटना और बिपार्ड, गया को इस वर्ष आईएसओ 9001:2015 अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणन मिला है। इसके अलावा सरकारी कर्मचारियों के क्षमता विकास, मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली, सरकारी सेवक शिकायत निवारण प्रणाली, मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना, युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने, चल-अचल संपत्ति विवरण और हेल्पलाइन सेवाओं जैसी कई योजनाओं पर भी तेजी से काम किया जा रहा है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में विशेष सचिव संजय कुमार, बीपीएसएम के अपर मिशन निदेशक मो. राशिद कलीम अंसारी, संयुक्त सचिव मो. आफाक अहमद समेत कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
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