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Jamtara : झारखंड का कुख्यात गैंगस्टर सुजीत सिन्हा पुलिस एनकाउंटर में मारा गया है। यह सनसनीखेज घटना रविवार की रात जामताड़ा जिले के बॉर्डर इलाके में घटी। रविवार को सुजीत सिन्हा को साहिबगंज जेल से कड़ी सुरक्षा के बीच धनबाद जेल शिफ्ट किया जा रहा था। जब कैदी वैन जामताड़ा इलाके से होकर गुजर रही थी, तभी सुजीत सिन्हा ने टॉयलेट जाने का बहाना बनाया। गाड़ियों का काफिला रुकते ही उसने अचानक पुलिसकर्मी की राइफल छीन ली और गोलियां बरसाते हुए झाड़ियों की तरफ भागने लगा। पुलिस की ओर से की गई जवाबी कार्रवाई में कई गोलियां लगने से वह मौके पर ही ढेर हो गया।
छोटे-मोटे अपराधों से शुरू हुई कहानी, फिर पलामू से फैलाया खौफ का साम्राज्य
पलामू जिले का रहने वाला सुजीत सिन्हा कभी छोटे-मोटे अपराधों और रंगदारी की वारदातों में शामिल हुआ करता था। धीरे-धीरे उसने अपना एक बड़ा गिरोह खड़ा कर लिया और झारखंड के पलामू, रांची, हजारीबाग, धनबाद, लातेहार और रामगढ़ जैसे जिलों में दहशत का दूसरा नाम बन गया। उसने मुख्य रूप से बड़े कोयला कारोबारियों, ठेकेदारों, बिल्डरों और ट्रांसपोर्टरों को निशाना बनाना शुरू किया। रंगदारी न देने पर सीधे गोलियां चलवा देना या बम फेंक देना उसकी कार्यशैली का हिस्सा बन चुका था। सुजीत सिन्हा के खिलाफ हत्या, रंगदारी, आर्म्स एक्ट और अपहरण जैसे चार दर्जन से अधिक संगीन मामले दर्ज थे।
वह इतना दुस्साहसी था कि जेल में बंद रहने के बावजूद मोबाइल और अपने गुर्गों के नेटवर्क के जरिए वसूली का धंधा चलाता रहता था। राज्य की कई जेलों में रहने के दौरान वह अंदर से ही हत्याओं और फायरिंग की साजिशें रचता रहा। पलामू केंद्रीय कारागार और चाईबासा जेल में हुई गोलीबारी की घटनाओं में भी उसके गैंग की अहम भूमिका सामने आई थी। यहां तक कि उसने वासेपुर के गैंगस्टर प्रिंस खान के गिरोह के साथ हाथ मिलाकर पूरे झारखंड में रंगदारी और हथियार तस्करी का बड़ा सिंडिकेट तैयार कर लिया था।
क्राइम पार्टनर बनी पत्नी, जेल जाने के बाद संभाला पूरे गैंग का कामकाज
सुजीत सिन्हा के जुर्म के काले साम्राज्य को फैलाने में उसकी पत्नी रिया सिन्हा का भी पूरा हाथ रहा। सुजीत के सलाखों के पीछे पहुंचने के बाद रिया सिन्हा ने गिरोह की पूरी कमान अपने हाथों में ले ली थी। वह सुजीत के इशारे पर कारोबारियों की सूची तैयार करवाती, गुर्गों से रंगदारी मंगवाती और पैसों के लेन-देन से लेकर हथियारों की खरीद-फरोख्त का सारा हिसाब-किताब खुद रखती थी।
रिया सिन्हा न केवल पर्दे के पीछे से काम करती थी, बल्कि उसने अपने साथ बाकायदा बॉडीगार्ड और शूटर भी रख रखे थे। पुलिस ने जब रिया के नेटवर्क पर शिकंजा कसा, तो कई बार हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद हुआ। प्रिंस खान गैंग और सुजीत सिन्हा गैंग के बीच कड़ी का काम करने और अवैध हथियारों की तस्करी के आरोप में रांची पुलिस ने रिया सिन्हा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पति-पत्नी दोनों के जेल में होने के बावजूद उनका सिंडिकेट लगातार पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था, जिस पर अब इस एनकाउंटर के बाद विराम लग गया है।
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