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Patna : गांव के उस प्राइमरी स्कूल की दीवार, जहां कभी चूने की सफेदी हुआ करती थी, वहीं आज सीलन और उखड़ा हुआ प्लास्टर बच्चों का स्वागत करता है। पास के उप स्वास्थ्य केंद्र पर ताला लटक रहा होता है या फिर पंचायत भवन के बाहर जलजमाव की वजह से लोग जाने से कतराते हैं। बड़ी सड़कों और पुल-पुलियों की चर्चा में अक्सर ये छोटे-छोटे बुनियादी ढांचे कहीं पीछे छूट जाते हैं। लेकिन अब बिहार के गांवों की इस रोजमर्रा की तस्वीर को बदलने के लिए एक जमीनी कोशिश शुरू हुई है।
शुक्रवार को पटना के लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार से सीएम सम्राट चौधरी ने ‘सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान’ का शंखनाद किया। इसके साथ ही ‘कायाकल्प’ पोर्टल और मोबाइल ऐप की शुरुआत की गई, ताकि फाइलों में बंद रहने वाले विकास कार्य अब हकीकत में जमीन पर उतर सकें।


दीपावली से पहले सजेगा घर-आंगन, 30 नवंबर तक का कड़ा अल्टीमेटम
त्योहारों का मौसम नजदीक है और घर की सफाई के साथ-साथ अब सरकारी अमला गांव की सार्वजनिक इमारतों को भी चमकाने की तैयारी में है। सीएम ने अफसरों और जनप्रतिनिधियों को दो टूक निर्देश दिया है कि पंचायत स्तर पर जितने भी मरम्मत और रंगाई-पुताई के काम हैं, उन्हें 30 नवंबर तक हर हाल में पूरा कर लिया जाए। सीएम ने अधिकारियों से यह भी कहा कि अगर मुमकिन हो तो इन छोटे-मोटे लंबित कामों को दीपावली से पहले ही निपटा लें, ताकि त्योहार के समय गांव का माहौल साफ और खुशनुमा दिखे।
इस पूरे अभियान को दो स्पष्ट हिस्सों में बांटा गया है। पहला हिस्सा है—पहले से मौजूद संपत्तियों का जीर्णोद्धार। इसमें स्कूलों की पुताई, आंगनबाड़ी केंद्रों की मरम्मत, जर्जर सामुदायिक भवनों को दुरुस्त करना और अंबेडकर व कर्पूरी ठाकुर छात्रावासों में बुनियादी सुविधाएं पहुंचाना शामिल है। दूसरा हिस्सा नए निर्माण का है, जिसके तहत नई परिसंपत्तियों और बुनियादी ढांचे को खड़ा किया जाएगा। इस नए निर्माण कार्य को पूरा करने के लिए 31 मार्च 2027 तक का वक्त तय किया गया है।

अब मोबाइल स्क्रीन पर दिखेगी गांव की हकीकत, फाइलों में नहीं अटकेगी बात
अक्सर सरकारी योजनाओं के साथ सबसे बड़ी मुश्किल यह होती है कि काम शुरू तो होता है, लेकिन समय पर खत्म नहीं होता। इसी लेटलतीफी और लापरवाही पर लगाम लगाने के लिए ‘कायाकल्प’ पोर्टल और ऐप तैयार किया गया है। ग्रामीण विकास विभाग, स्वास्थ्य, शिक्षा, समाज कल्याण और पीएचईडी समेत नौ अहम विभागों की योजनाएं सीधे इस डिजिटल मंच से जुड़ेंगी।
किस पंचायत में किस स्कूल की पुताई हुई, कहां स्वास्थ्य केंद्र की मरम्मत अधूरी रह गई और कौन सा काम पूरा हो चुका है—यह सारा हिसाब-किताब अब पोर्टल पर रियल टाइम में दर्ज होगा। सीएम ने मंत्रियों और आला अधिकारियों को सख्त हिदायत दी है कि वे सिर्फ दफ्तरों में बैठकर समीक्षा न करें, बल्कि फील्ड में उतरकर इन योजनाओं की सीधी मॉनिटरिंग करें। साथ ही मुखिया, वार्ड सदस्य और नगर निकायों के स्थानीय जनप्रतिनिधियों को साथ लेकर काम करने को कहा गया है, ताकि आम जनता को सीधे तौर पर इन सुधारों का फायदा मिल सके।
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