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Ranchi : इंजीनियरिंग कॉलेज में दाखिला लेना जितना बड़ा सपना होता है, कई परिवारों के लिए उसकी फीस और रोजमर्रा के खर्चे जुटाना उतनी ही बड़ी चुनौती बन जाता है। अक्सर छात्र सही जानकारी और कागजी उलझनों के डर से सरकारी व निजी छात्रवृत्तियों के लिए आवेदन ही नहीं कर पाते। इसी झिझक और अज्ञानता को दूर करने के लिए भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT) रांची के कैंपस में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति जागरूकता कार्यक्रम 2026 का आयोजन हुआ, जहां नवागंतुक छात्रों को उनकी पढ़ाई का खर्च हल्का करने का सीधा रास्ता दिखाया गया।


कागजी उलझनों से राहत और योजनाओं का गणित
संस्थान के निदेशक प्रो. राजीव श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में सजे इस मंच पर केंद्र सरकार, अलग-अलग राज्य सरकारों और निजी कंपनियों द्वारा दी जाने वाली योजनाओं का पूरा ब्योरा रखा गया। स्कॉलरशिप प्रभारी डॉ. प्रियब्रत गरणायक, डॉ. आकाश श्रीवास्तव और डॉ. अमित कुमार सिंह ने विद्यार्थियों को बहुत ही सहज अंदाज में समझाया कि कौन सी योजना उनके लिए सबसे मुफीद है। फॉर्म भरने की तारीखों से लेकर जरूरी दस्तावेजों की लिस्ट, ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन करने का तरीका और कॉलेज स्तर पर होने वाले वेरिफिकेशन के हर छोटे-बड़े नियम को आसान शब्दों में समझाया गया, ताकि छात्र किसी तकनीकी गलती की वजह से मौके से न चूकें।

सीनियर्स के अपने तजुर्बे बने नए छात्रों की ताकत
इस सत्र की सबसे खूबसूरत कड़ी वे सीनियर छात्र बने, जो खुद इन्हीं स्कॉलरशिप्स के सहारे अपनी बीटेक की पढ़ाई पूरी कर रहे हैं। बतौर छात्र समन्वयक मंच पर आए इन सीनियर्स ने अपने पहले साल की घबराहट, फॉर्म भरने की मुश्किलें और फिर बैंक खाते में स्कॉलरशिप आने तक की पूरी कहानी खुलकर साझा की। अपने ही बीच के साथियों की जुबानी सच्चाई सुनकर नए छात्रों के चेहरे की चिंता दूर हो गई। IIIT रांची पिछले चार सालों से लगातार यह पहल कर रहा है, जिसका असर यह रहा कि बीते सत्र में 300 से अधिक विद्यार्थियों के आवेदनों को मंजूरी दिलाकर उन्हें आर्थिक राहत पहुंचाई गई। इस आयोजन ने एक बार फिर साबित किया कि अगर सही समय पर सही मार्गदर्शन मिल जाए, तो आर्थिक तंगी कभी सपनों के आड़े नहीं आ सकती।
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