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News Samvad : बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। पहले चेक बाउंस मामले में उन्हें कानूनी झटका लगा और अब सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने उनके खिलाफ कर्ज वसूली की कार्रवाई तेज कर दी है। बैंक ने 16 करोड़ 61 लाख रुपये से ज्यादा के बकाया ऋण की वसूली के लिए शाहजहांपुर स्थित उनकी दो संपत्तियों को नीलामी के लिए चिह्नित कर दिया है। इन संपत्तियों पर नोटिस भी चस्पा कर दिया गया है।
फिल्म के लिए लिया था कर्ज, फ्लॉप होने के बाद बढ़ी मुश्किल
जानकारी के मुताबिक राजपाल यादव ने अपनी फिल्म ‘अता पता लापता’ के निर्माण के लिए सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया से ऋण लिया था। हालांकि फिल्म बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकी। इसके बाद वह समय पर ऋण की किस्तें नहीं चुका पाए। लगातार ब्याज जुड़ने से यह रकम बढ़कर अब 16 करोड़ 61 लाख रुपये से अधिक हो गई है। बैंक का कहना है कि बकाया राशि लंबे समय से जमा नहीं होने के कारण अब कानूनी प्रक्रिया के तहत संपत्तियों की नीलामी की जा रही है।
शाहजहांपुर की दो संपत्तियां होंगी नीलाम
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की मुंबई शाखा ने शाहजहांपुर शहर में स्थित एक संपत्ति और गांव में मौजूद खेत व मकान को अपने कब्जे में लेकर नीलामी की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बैंक ने इन दोनों संपत्तियों का आरक्षित मूल्य 3 करोड़ 19 लाख 26 हजार रुपये तय किया है।इन संपत्तियों की ई-नीलामी 9 सितंबर 2026 को होगी। बैंक को उम्मीद है कि नीलामी से मिलने वाली राशि के जरिए बकाया कर्ज की आंशिक वसूली की जा सकेगी।
पत्नी और मां की संपत्तियां भी थीं गिरवी
जब राजपाल यादव ने यह ऋण लिया था, तब उन्होंने अपनी पत्नी राधा यादव और मां गोदावरी की संपत्तियों को भी गारंटर के तौर पर गिरवी रखा था। इसी आधार पर बैंक अब इन संपत्तियों के खिलाफ भी कार्रवाई कर रहा है। बताया जा रहा है कि शाहजहांपुर के अलावा मुंबई में मौजूद उनकी कुछ अन्य संपत्तियों पर भी वसूली की प्रक्रिया जारी है।
पहले भी मिल चुका है कानूनी झटका
राजपाल यादव पहले से ही चेक बाउंस मामले को लेकर कानूनी विवाद में घिरे हुए हैं। इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्हें चेक बाउंस मामले में दोषी ठहराते हुए तीन महीने की कैद की सजा सुनाई थी। अब बैंक की ओर से शुरू की गई नई कार्रवाई ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। फिलहाल बैंक की नजर कर्ज की वसूली पर है और यदि बकाया राशि का भुगतान नहीं होता है, तो आगे भी उनकी अन्य संपत्तियों पर कार्रवाई की जा सकती है।
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