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Patna/New Delhi : बिहार में सड़क और पुल परियोजनाओं को रफ्तार देने की दिशा में राज्य सरकार ने केंद्र के सामने एक बार फिर बड़ा प्रस्ताव रखा है। बिहार के पथ निर्माण मंत्री ई. कुमार शैलेन्द्र ने शुक्रवार को नई दिल्ली स्थित संसद भवन में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात की। इस दौरान राज्य की कई महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं, नए पुलों और सड़क चौड़ीकरण के प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा हुई। पथ निर्माण मंत्री ने केंद्र से इन परियोजनाओं को जल्द मंजूरी देने का अनुरोध किया, ताकि लोगों की आवाजाही आसान हो और राज्य में विकास की गति तेज हो सके।
कांवरिया पथ से लेकर नए पुलों तक कई अहम प्रस्तावों पर चर्चा
बैठक में सबसे पहले हाजीपुर से मुजफ्फरपुर तक राष्ट्रीय राजमार्ग-22 के किनारे छह मीटर चौड़े कच्चे कांवरिया पथ के निर्माण का मुद्दा उठाया गया। पथ निर्माण मंत्री ने कहा कि हर साल श्रावणी और भादो मेले के दौरान लाखों श्रद्धालु पहलेजा घाट से गंगाजल लेकर बाबा गरीबनाथ मंदिर तक पैदल यात्रा करते हैं। ऐसे में अलग काँवरिया पथ बनने से श्रद्धालुओं को बड़ी सुविधा मिलेगी। इस पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने अधिकारियों को जल्द डीपीआर तैयार करने का निर्देश दिया और सकारात्मक रुख दिखाया।
इसके अलावा विक्रमशिला सेतु के पुनर्निर्माण के दौरान यातायात प्रभावित न हो, इसके लिए निर्माणाधीन नए पुल के समानांतर अस्थायी पांटून ब्रिज बनाने का प्रस्ताव भी रखा गया। मंत्री ने कहा कि यदि यह पुल समय पर बन जाता है तो लाखों लोगों की आवाजाही, व्यापार, कृषि और स्वास्थ्य सेवाओं पर किसी तरह का असर नहीं पड़ेगा।
कई राष्ट्रीय राजमार्गों के चौड़ीकरण और बाईपास को लेकर रखा पक्ष
बैठक में मुजफ्फरपुर से बरौनी तक राष्ट्रीय राजमार्ग-122 को चार लेन करने और मुजफ्फरपुर पूर्वी बाईपास के निर्माण का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। मंत्री ने अनुरोध किया कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण जल्द डीपीआर पूरा कर निविदा प्रक्रिया शुरू करे ताकि इस परियोजना का काम तेजी से आगे बढ़ सके।
इसी तरह नौबतपुर से झारखंड सीमा तक राष्ट्रीय राजमार्ग-139 के चार लेन चौड़ीकरण, बरियारपुर, खड़गपुर, संग्रामपुर और जमुई को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-333 के निर्माण, बरबीघा, शेखपुरा, जमुई, बांका और पंजवारा को जोड़ने वाली राष्ट्रीय राजमार्ग-333ए परियोजना को भी जल्द मंजूरी देने का आग्रह किया गया। मंत्री ने बताया कि कई परियोजनाओं की डीपीआर और अन्य प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं। अब अंतिम स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जा सकता है।
भागलपुर से बलझोर तक राष्ट्रीय राजमार्ग-133ई के चौड़ीकरण और जर्जर जमुआ नदी पुल के स्थान पर नई व्यवस्था बनाने का भी अनुरोध किया गया। वहीं कच्ची दरगाह-बिदुपुर छह लेन पुल के उत्तरी पहुंच पथ पर घनी आबादी को देखते हुए एलिवेटेड सड़क बनाने का प्रस्ताव भी रखा गया, ताकि लोगों के विस्थापन से बचा जा सके।

बिहपुर पुल, सीआरआईएफ योजनाएं और बिहार दौरे का दिया भरोसा
मुलाकात के दौरान भागलपुर जिले के बिहपुर विधानसभा क्षेत्र की हरिओ पंचायत के गोविंदपुर-मुशहरी और कहारपुर गांवों को निर्माणाधीन फुलौत-बिहपुर पुल से रैम्प के जरिए जोड़ने की मांग भी केंद्रीय मंत्री के सामने रखी गई। पथ निर्माण मंत्री ने कहा कि इससे बाढ़ के समय इन गांवों के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी और उन्हें बहुप्रतीक्षित पुल का सीधा लाभ मिलेगा।
इसके साथ ही केंद्रीय सड़क निधि (सीआरआईएफ) के तहत बिहार के जर्जर संपर्क मार्गों के पुनर्निर्माण और नई योजनाओं को मंजूरी देने का भी आग्रह किया गया। ई. कुमार शैलेन्द्र ने बताया कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सभी प्रस्तावों को गंभीरता से सुना और सकारात्मक आश्वासन दिया। उन्होंने बिहार आकर प्रस्तावित परियोजनाओं और स्थलों का स्वयं निरीक्षण करने की भी बात कही।
पथ निर्माण मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के विकसित भारत के विजन और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में बिहार की सड़क संपर्क व्यवस्था लगातार मजबूत हो रही है। इन परियोजनाओं को मंजूरी मिलने के बाद राज्य में परिवहन व्यवस्था बेहतर होगी, निवेश को बढ़ावा मिलेगा और सामाजिक तथा आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।
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