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Patna : बिहार में अल्पसंख्यक छात्रों की शिक्षा को मजबूत करने की दिशा में सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। राज्य के चार नये अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालयों में इसी शैक्षणिक सत्र से पढ़ाई शुरू होने जा रही है। अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मो. जमा खान ने शुक्रवार को प्रेस वार्ता में बताया कि जमुई, नालंदा, कैमूर और मुजफ्फरपुर में विद्यालय भवनों का निर्माण पूरा हो चुका है और 17 अगस्त से इन स्कूलों में शैक्षणिक गतिविधियां शुरू कर दी जाएंगी। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य राज्य के हर जिले में एक अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालय स्थापित करना है, ताकि अल्पसंख्यक समुदाय के बच्चों को बेहतर शिक्षा और आधुनिक सुविधाएं मिल सकें।
24 जिलों में बन रहे विद्यालय, ऑनलाइन पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षा की भी तैयारी
मंत्री ने बताया कि फिलहाल पूर्णिया, मधुबनी, गया, जमुई, नालंदा, कैमूर, कटिहार, बेगूसराय, पश्चिम चंपारण, सुपौल, मुजफ्फरपुर, मधेपुरा, पटना, सहरसा, मुंगेर, सीवान, पूर्वी चंपारण, भागलपुर, अररिया, गोपालगंज, रोहतास और बक्सर समेत 24 जिलों में अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालयों के निर्माण को मंजूरी दी जा चुकी है। दरभंगा और किशनगंज के विद्यालय पहले से संचालित हैं, जबकि अब चार नए विद्यालय भी शुरू हो जाएंगे। उन्होंने बताया कि शुरुआती चरण में जमुई और कैमूर के विद्यार्थियों के लिए कैंप के माध्यम से पढ़ाई की व्यवस्था की जाएगी। आने वाले समय में इन विद्यालयों में ऑनलाइन कक्षाओं के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि छात्र आगे की प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी भी कर सकें।
टीआरई-4 से होगी शिक्षकों की बहाली, मदरसों के छात्रों को मिलेगा कौशल प्रशिक्षण
मंत्री ने कहा कि नए और पुराने आवासीय विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए टीआरई-4 के माध्यम से 288 शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। इसके लिए बिहार लोक सेवा आयोग को अधियाचना भेज दी गई है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में 13 अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालयों के संचालन के लिए 481 शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक पद स्वीकृत हैं। इसके अलावा 71वीं बीपीएससी परीक्षा के माध्यम से एक जिला कल्याण पदाधिकारी और 459 प्रखंड अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारियों की नियुक्ति की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है। मो. जमा खान ने कहा कि विभाग अब मदरसों के विद्यार्थियों को भी आधुनिक शिक्षा के साथ कौशल विकास कार्यक्रम से जोड़ेगा। इसके लिए भारत सरकार के उपक्रम नेशनल स्मॉल इंडस्ट्रीज कॉरपोरेशन लिमिटेड (एनएसआईसी) के सहयोग से प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया जाएगा। उनका कहना था कि इससे विद्यार्थियों को रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे और वे आत्मनिर्भर बन सकेंगे।

हज यात्रियों की संख्या बढ़ी, उद्यमी योजना और कोचिंग योजना का भी मिला लाभ
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मंत्री ने विभाग की अन्य उपलब्धियां भी साझा कीं। उन्होंने बताया कि बिहार राज्य हज समिति के गठन के बाद हज यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 2,526 लोगों ने हज यात्रा की थी, जबकि वर्ष 2026-27 के लिए अब तक 3,637 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत वर्ष 2025-26 में 1,247 लाभुकों को 100 करोड़ रुपये का ऋण उपलब्ध कराया गया। वहीं अब तक कुल 3,741 लाभुकों को 270 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया जा चुका है।
राज्य कोचिंग योजना का जिक्र करते हुए मंत्री ने कहा कि इस वर्ष योजना के तहत प्रशिक्षण लेने वाले 20 अभ्यर्थियों ने जेईई और 38 अभ्यर्थियों ने नीट परीक्षा में सफलता हासिल की है। वहीं अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालयों के मैट्रिक और इंटरमीडिएट के करीब 90 प्रतिशत विद्यार्थियों ने प्रथम श्रेणी से परीक्षा पास की है। किशनगंज आवासीय विद्यालय के पांच विद्यार्थियों ने जिला टॉपरों में जगह बनाकर राज्य का नाम रोशन किया है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में विभाग के सचिव मो. सोहेल, विशेष सचिव सह निदेशक डॉ. आमिर आफाक अहमद फैजी, अपर सचिव इबरार अहमद खान सहित कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
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