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Patna : संत शिरोमणि गुरु रविदास की 650वीं जयंती वर्ष के अवसर पर बिहार सरकार ने समरसता संकल्प अभियान की शुरुआत की। पटना के ज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि अब संत रविदास के समरसता, सेवा और मानवता के संदेश को बिहार के गांव-गांव तक पहुंचाया जाएगा। सरकार इसके लिए व्यापक अभियान चलाएगी। उन्होंने कहा कि संत रविदास की जन्मभूमि की मिट्टी भी जिला, प्रखंड और पंचायत स्तर तक पहुंचाई जाएगी। अगर कोई मठ, मंदिर, धार्मिक स्थल, टोला या परिवार इस पवित्र मिट्टी को अपने यहां स्थापित करना चाहता है तो सरकार वहां तक भी इसे पहुंचाने की व्यवस्था करेगी।
सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि संत रविदास ने उस दौर में समाज को जोड़ने का काम किया, जब जाति और भेदभाव की गहरी खाई थी। उन्होंने लोगों को बराबरी, सेवा और मानवता का रास्ता दिखाया। आज भी उनके विचार समाज को नई दिशा देने की ताकत रखते हैं और सरकार चाहती है कि उनकी सीख समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
समाज को बांटने नहीं, जोड़ने का संदेश दिया
सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि संत रविदास का पूरा जीवन संघर्षों के बीच बीता, लेकिन उन्होंने कभी समाज को बांटने की बात नहीं की। उन्होंने हमेशा प्रेम, भाईचारे और समानता का संदेश दिया। उनके विचारों को इतना सम्मान मिला कि गुरु नानक देव के पवित्र ग्रंथ में भी उन्हें स्थान मिला। उन्होंने कहा कि समाज किसी एक वर्ग से नहीं बना है। गुरु रामानंद जैसे संतों ने भी समाज को एक सूत्र में बांधने का काम किया। इसलिए अगड़ा, पिछड़ा, दलित या किसी अन्य वर्ग के नाम पर समाज में दूरी पैदा करने के बजाय सभी को साथ लेकर चलना ही सही रास्ता है।
ज्ञान भवन, पटना में संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास जी महाराज की 650वीं जयंती के उपलक्ष्य पर आयोजित समारोह में सहभागिता कर उनके समतामूलक, मानवीय एवं आध्यात्मिक विचारों को श्रद्धापूर्वक नमन किया।
वाराणसी की पावन जन्मस्थली से प्रारंभ हुई पवित्र कलश यात्रा आज देशभर में सामाजिक समरसता,… pic.twitter.com/viUCrWIUFn
— Samrat Choudhary (@samrat4bjp) August 7, 2026
हर जिले में सावित्रीबाई फुले के नाम पर खुलेंगे आवासीय विद्यालय
सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकार शिक्षा को सबसे बड़ा हथियार मानकर काम कर रही है। खासकर गरीब और दलित परिवारों की बेटियों को अच्छी शिक्षा मिले, इसके लिए हर जिले में माता सावित्रीबाई फुले के नाम पर आवासीय छात्रावास के साथ विद्यालय खोले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले गांव की बेटियों को पढ़ाई के लिए बाहर जाने में काफी परेशानी होती थी, लेकिन अब सरकार ऐसी व्यवस्था कर रही है ताकि उन्हें अपने ही जिले में बेहतर शिक्षा मिल सके। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी इच्छा है कि बिहार एक बार फिर देश का बड़ा शिक्षा केंद्र बने। इसी सोच के साथ शिक्षा व्यवस्था में लगातार बदलाव किए जा रहे हैं।
सरकारी स्कूलों में भी मिलेगी निजी स्कूल जैसी सुविधा
मुख्यमंत्री ने सरकारी शिक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि 15 अगस्त से सरकारी स्कूलों के बच्चों को रात 11 बजे तक ऑनलाइन शिक्षक उपलब्ध हों। अगर किसी छात्र को पढ़ाई में कोई परेशानी आती है तो वह देर रात भी शिक्षक से मदद ले सकेगा। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए नीट और जेईई जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी कराई जाएगी। लाइव क्लास की सुविधा मिलेगी ताकि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को भी वही अवसर मिल सके, जो बड़े निजी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को मिलता है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि अगले एक-दो वर्षों में सरकार ऐसी व्यवस्था बनाने की कोशिश करेगी, जिसमें मंत्री, विधायक और जिला पदाधिकारियों के बच्चे भी सरकारी स्कूलों में पढ़ें। उनका कहना था कि जिस दिन सक्षम परिवारों के बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़ेंगे, उसी दिन माना जाएगा कि सरकारी शिक्षा व्यवस्था सही मायनों में बदल गई है।

कॉलेजों में शिक्षकों की कमी होगी दूर, टीआरई-4 से होगी बड़ी बहाली
सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य में उच्च शिक्षा को मजबूत करने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। 211 नए डिग्री कॉलेज खोले जा चुके हैं और अब वहां शिक्षकों की कमी भी दूर की जाएगी। उन्होंने बताया कि 10 अगस्त तक कॉलेजों में शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्ति प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इसके अलावा करीब नौ हजार नए पद सृजित किए जा रहे हैं। वहीं टीआरई-4 के तहत लगभग 32 हजार शिक्षकों की बहाली की प्रक्रिया भी चल रही है।
बिहार में ही मिलेगा बेहतर उच्च शिक्षा का विकल्प
सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि हर साल लाखों छात्र पढ़ाई के लिए दूसरे राज्यों का रुख करते हैं। सरकार चाहती है कि उन्हें बिहार छोड़ने की जरूरत न पड़े। उन्होंने बताया कि स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के जरिए सरकार हजारों करोड़ रुपये खर्च कर रही है, जबकि सक्षम परिवार भी बड़ी राशि बच्चों की पढ़ाई पर बाहर खर्च करते हैं। इसलिए राज्य में ही बेहतर विश्वविद्यालय और संस्थान विकसित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भागलपुर में करीब 220 एकड़ जमीन पर प्राचीन विक्रमशिला विश्वविद्यालय को फिर से विकसित किया जाएगा। अगले एक वर्ष के भीतर इस दिशा में काम शुरू करने का लक्ष्य है।

भागलपुर में बनेगा एआई और कंप्यूटर साइंस विश्वविद्यालय
सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि आने वाला दौर तकनीक का है। इसे देखते हुए भागलपुर में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और कंप्यूटर साइंस विश्वविद्यालय स्थापित किया जाएगा। यह विश्वविद्यालय नई तकनीक, शोध और आधुनिक शिक्षा का बड़ा केंद्र बनेगा और बिहार के युवाओं को भविष्य की जरूरतों के हिसाब से तैयार करेगा। उन्होंने बताया कि बेगूसराय में राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर के नाम पर साहित्य विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी। वहीं मुजफ्फरपुर में स्वतंत्रता सेनानी जुब्बा साहनी के नाम पर आर्किटेक्चर और सिविल इंजीनियरिंग विश्वविद्यालय बनाने की दिशा में भी सरकार काम कर रही है।
भाषा, सामाजिक न्याय और विकास पर भी सरकार का जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार आबादी की जरूरत के अनुसार शिक्षा व्यवस्था विकसित करेगी। जहां जरूरत होगी वहां उर्दू विद्यालय खोले जाएंगे और संस्कृत शिक्षा को भी पूरा महत्व दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी भी शिक्षा पद्धति के साथ भेदभाव नहीं होगा। सामाजिक न्याय का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आरक्षण और समान अवसर की व्यवस्था देश के कई नेताओं और समाज सुधारकों के प्रयासों से मजबूत हुई है। सरकार सभी वर्गों को साथ लेकर विकास की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई समेत सभी समुदायों की भागीदारी से ही बिहार और देश आगे बढ़ेगा।
संत रविदास पर बनी लघु फिल्म ने दिया समरसता का संदेश
कार्यक्रम के दौरान संत शिरोमणि गुरु रविदास के जीवन और उनके विचारों पर आधारित एक लघु फिल्म भी दिखाई गई। फिल्म में उनके सामाजिक योगदान और मानवता के संदेश को सरल तरीके से प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम में कई मंत्री, विधायक, विधान पार्षद, साधु-संत, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। मुख्यमंत्री का अंगवस्त्र और पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत भी किया गया।
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