अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :
Ramgarh (Dharmendra Pradhan) : आम लोगों के बीच अपनी साख मजबूत करने के लिए रामगढ़ पुलिस का चलाया जा रहा अभियान ‘ऑपरेशन भरोसा’ रंग ला रहा है। पुलिस ने अलग-अलग जिलों से खोजकर निकाले गए 61 गुमशुदा मोबाइल फोन उनके असली मालिकों को सौंप दिए हैं। इसके लिए बकायदा जिला स्तर पर एक कार्यक्रम रखा गया, जहां फोन पाकर लोगों के चेहरे खुशी से खिल उठे। पिछले तीन महीनों के भीतर पुलिस इस अभियान के तहत तीन अलग-अलग चरणों में कुल 245 मोबाइल बरामद कर चुकी है। पहले चरण में 125, दूसरे में 59 और अब तीसरे चरण में 61 फोन लोगों को लौटाए गए हैं।
तकनीकी सर्विलांस से पड़ोसी जिलों तक पहुंची पुलिस टीम
पुलिस अधीक्षक मुकेश लुनायत के निर्देश पर जिले के सभी थाना और ओपी प्रभारियों ने गुमशुदगी की सनहा डायरी और केंद्र सरकार के सीईआईआर पोर्टल पर दर्ज शिकायतों को खंगालना शुरू किया। इसके बाद तकनीकी सर्विलांस टीम ने सुराग जुटाए। पुलिस की टीमें न केवल रामगढ़ बल्कि रांची, हजारीबाग, चतरा, बोकारो, पलामू और गढ़वा जैसे कई जिलों तक पहुंचीं और वहां से फोन ट्रेस कर बरामद किए।

इस बरामदगी में सबसे आगे पतरातु थाना रहा, जहां से 10 मोबाइल मिले। रामगढ़, रजरप्पा और भुरकुंडा ओपी से 7-7 फोन रिकवर किए गए। गोला, बरकाकाना ओपी और कुज्जू ओपी की टीम ने 5-5 मोबाइल खोज निकाले। मांडू और भदानीनगर थाने के हाथ 4-4 फोन लगे, जबकि बरलंगा और वेस्ट बोकारो ओपी से 3-3 और बासल थाने से 1 मोबाइल बरामद किया गया।
सीईआईआर पोर्टल को लेकर एसपी ने दी अहम जानकारी
कार्यक्रम में एसपी मुकेश लुनायत ने लोगों को समझाया कि मोबाइल खो जाने पर घबराने के बजाय सीईआईआर पोर्टल का सही इस्तेमाल करें। उन्होंने बताया कि फोन गुम या चोरी होते ही इस पोर्टल पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए, जिससे फोन तुरंत ब्लॉक हो जाता है और कोई उसका गलत इस्तेमाल नहीं कर पाता। एसपी ने लोगों से यह भी कहा कि वे अपने आसपास के लोगों, दोस्तों और रिश्तेदारों को भी इस पोर्टल की जानकारी दें ताकि चोरी की घटनाओं पर लगाम लगाई जा सके।
महीनों से खोया हुआ फोन वापस पाकर लोगों ने पुलिस की तत्परता की जमकर तारीफ की। वहीं पुलिस अधिकारियों ने साफ किया है कि आम जनता की सेवा और उनका भरोसा जीतने के लिए यह अभियान आगे भी इसी तरह जारी रहेगा।
इसे भी पढ़ें : सब इंस्पेक्टर के जवान बेटे की पीट-पीट कर ह’त्या, होमगार्ड में हो चुका था चयन



