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Sitamarhi : गांव के किसान के पास खेती के साथ अगर दूध और मछली पालन का मजबूत सहारा हो, तो उसकी कमाई के रास्ते भी बढ़ते हैं। सीएम सम्राट चौधरी ने शनिवार को सीतामढ़ी में इसी बात पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि डेयरी और मत्स्य क्षेत्र को आगे बढ़ाने से किसानों, पशुपालकों और मछली पालकों की आय बढ़ेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। सीएम राघोपुर बखरी में आयोजित कार्यक्रम में जिले की 218 करोड़ रुपए की 83 विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करने पहुंचे थे।
इस मौके पर उन्होंने 76.60 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले 30 एमटीपीडी क्षमता के दुग्ध चूर्ण संयंत्र के काम की शुरुआत की। साथ ही बखरी मत्स्य बीज प्रक्षेत्र में मत्स्य ब्रुड बैंक के प्रजनन कार्य का भी शुभारंभ किया। यानी सीतामढ़ी में एक तरफ दूध को संभालने और उसका प्रसंस्करण करने की सुविधा बढ़ाने की तैयारी है, तो दूसरी तरफ मछली पालकों के लिए अच्छी गुणवत्ता वाला बीज उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।

दूध का कारोबार बढ़ेगा तो पशुपालकों को भी फायदा होगा
सीतामढ़ी और आसपास के ग्रामीण इलाकों में बड़ी संख्या में परिवार पशुपालन और दूध के कारोबार से जुड़े हैं। किसान खेत के साथ गाय और भैंस पालकर अपनी आमदनी बढ़ाते हैं। ऐसे में दूध के प्रसंस्करण की स्थानीय सुविधा बढ़ना उनके लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सीएम ने कहा कि दुग्ध चूर्ण संयंत्र शुरू होने से दूध के प्रसंस्करण को बढ़ावा मिलेगा। इसका फायदा दुग्ध उत्पादकों को मिलेगा। 76.60 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले इस संयंत्र की क्षमता 30 एमटीपीडी होगी। इसके लिए डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग और बिहार स्टेट मिल्क को-ऑपरेटिव फेडरेशन लिमिटेड की राज्य योजना 2025-26 और 2026-27 के तहत काम शुरू किया गया है।
मछली पालकों को अब अच्छे बीज की सुविधा
सीएम ने बखरी मत्स्य बीज प्रक्षेत्र में मत्स्य ब्रुड बैंक के प्रजनन कार्य की शुरुआत भी की। मछली पालन करने वालों के लिए अच्छी गुणवत्ता वाला बीज बेहद जरूरी होता है। बीज अच्छा होगा तो उत्पादन बेहतर होने की संभावना भी बढ़ती है। सीएम ने इस दौरान मत्स्य हैचरी कॉम्प्लेक्स का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने उन्हें सीतामढ़ी के मत्स्य बीज प्रक्षेत्र के बारे में विस्तार से जानकारी दी। बताया गया कि राज्य के मत्स्य उत्पादन में इस प्रक्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका है। अधिकारियों ने कॉर्प मछलियों के प्रजनन चक्र और यहां होने वाले मत्स्य उत्पादन की मौजूदा स्थिति के बारे में भी जानकारी दी। सीएम ने अधिकारियों से यह जानना चाहा कि मत्स्य उत्पादन को और कैसे बढ़ाया जा सकता है और मछली पालकों को पर्याप्त मात्रा में गुणवत्तापूर्ण बीज कैसे उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इस दिशा में जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए।

सीतामढ़ी में 83 योजनाओं पर खर्च होंगे 218 करोड़
कार्यक्रम में सीएम ने जिले की 83 विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इनमें 82 योजनाओं का उद्घाटन और एक योजना का शिलान्यास शामिल है। इन योजनाओं में सड़क, भवन, ग्रामीण कार्य और पुलिस भवन से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं। भवन निर्माण विभाग की 76.25 करोड़ रुपए की लागत वाली 25 योजनाओं का उद्घाटन किया गया। ग्रामीण कार्य विभाग के सीतामढ़ी कार्य प्रमंडल की 26.75 करोड़ रुपए की 15 योजनाएं भी इसमें शामिल हैं। बेलसंड कार्य प्रमंडल की 5.80 करोड़ रुपए की छह योजनाओं और पुपरी कार्य प्रमंडल की 1.45 करोड़ रुपए की पांच योजनाओं का भी उद्घाटन किया गया।
बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम की 16.85 करोड़ रुपए की पांच योजनाओं को भी पूरा कर जनता को समर्पित किया गया। योजना एवं विकास विभाग के स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन, कार्य प्रमंडल-2 पुपरी की 26.16 लाख रुपए की नौ योजनाओं का उद्घाटन हुआ।
इसके अलावा बिहार राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड की 2.05 करोड़ रुपए की एक योजना और पथ निर्माण विभाग की 98 लाख रुपए की एक योजना का उद्घाटन किया गया। वहीं स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन, कार्य प्रमंडल-1 सीतामढ़ी के तहत 46.69 करोड़ रुपए की लागत वाली एक योजना का शिलान्यास किया गया।

सरकारी योजनाओं का लाभ लेने वाले लोगों से भी मिले सीएम
कार्यक्रम में योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास तो हुआ ही, साथ ही अलग-अलग सरकारी योजनाओं के लाभुक भी पहुंचे थे। कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों की ओर से स्टॉल लगाए गए थे। सीएम ने इन स्टॉलों का निरीक्षण किया और वहां दी जा रही सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने विभिन्न सरकारी योजनाओं से लाभान्वित लोगों को सांकेतिक चेक और स्वीकृति प्रमाण-पत्र भी दिए। लाभुकों से मुलाकात के दौरान सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने और उनकी स्थिति के बारे में भी जानकारी ली गई।
डेयरी और मत्स्य से गांव की अर्थव्यवस्था मजबूत करने की कोशिश
सीतामढ़ी में शुरू की गई दोनों परियोजनाओं को ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जोड़कर देखा जा रहा है। खेती के अलावा पशुपालन और मछली पालन गांवों में अतिरिक्त कमाई का बड़ा साधन है। दूध के प्रसंस्करण और मछली के उत्पादन से जुड़ी सुविधाएं बढ़ने पर इस क्षेत्र से जुड़े लोगों को अपने काम को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है। सीएम ने भी इसी बात को रेखांकित करते हुए कहा कि डेयरी और मत्स्य क्षेत्र के विकास से किसानों, पशुपालकों और मत्स्य पालकों की आय बढ़ेगी। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को इससे बल मिलेगा। सीतामढ़ी में एक ही कार्यक्रम के दौरान दुग्ध चूर्ण संयंत्र और मत्स्य ब्रुड बैंक के काम की शुरुआत इसी दिशा में उठाया गया कदम है।

कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी तथा पंचायती राज राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, उद्योग एवं खेल मंत्री और सीतामढ़ी की प्रभारी मंत्री श्रेयसी सिंह, डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन मंत्री नन्दकिशोर राम, समाज कल्याण मंत्री श्वेता गुप्ता, सांसद देवेश चंद्र ठाकुर समेत कई विधायक मौजूद रहे। इनके अलावा मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, सीएम के सचिव दीपक कुमार, सीएम के सचिव लोकेश कुमार सिंह, डीजीपी विनय कुमार, डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के सचिव शीर्षत कपिल अशोक, निदेशक मत्स्य पालन तुषार सिंगला, तिरहुत प्रमंडल के आयुक्त गिरिवर दयाल सिंह, तिरहुत प्रक्षेत्र के डीआईजी चंदन कुशवाहा, सीतामढ़ी के डीएम रिचि पांडेय और एसपी अमित रंजन समेत कई वरीय अधिकारी मौजूद रहे।
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