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Ramgarh (Dharmendra Pradhan) : रामगढ़ के कुज्जु क्षेत्र स्थित श्रीराम पावर एंड स्टील प्लांट रविवार को दोपहर एक बजे अचानक रणक्षेत्र में बदल गया। प्लांट की एक नंबर फर्नेस भट्टी में अचानक तेज धमाका हुआ और खौलता हुआ धातु-मलबा चारों तरफ फैल गया। इसकी चपेट में आने से वहां तैनात 10 मजदूर बुरी तरह झुलस गए। धमाका इतना तेज था कि पूरे प्लांट परिसर में भगदड़ मच गई। घटना के बाद बदहवास प्रबंधन ने आनन-फानन में सभी घायलों को इलाज के लिए रांची रोड स्थित होप अस्पताल पहुंचाया। वहां चार मजदूरों की गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें तुरंत रांची रेफर कर दिया। घायलों में विजय, राजेंद्र महतो, परमेश्वर महतो, कुंज लाल, रमेश, रितेश, संजय और मोनू शामिल हैं।
न हेलमेट न सेफ्टी शूज, जान हथेली पर रखकर काम करने की मजबूरी
इस हादसे ने प्लांट के भीतर छिपे काले सच को उजागर कर दिया है। कारखाने में काम करने वाले मजदूरों का साफ कहना है कि श्रीराम पावर एंड स्टील प्लांट में सुरक्षा शब्द सिर्फ कागजों तक सीमित है। खौलती भट्टी के पास बिना किसी बुनियादी सुरक्षा उपकरण के काम कराया जाता है। मजदूरों को न तो सेफ्टी शूज दिए जाते हैं, न हेलमेट और न ही फायरप्रूफ जैकेट। जब भी कोई मजदूर अपनी सुरक्षा या अधिकारों को लेकर आवाज उठाता है, तो प्रबंधन उसे सीधे नौकरी से निकालने का फरमान सुना देता है। पेट पालने की मजबूरी में मजदूर अपनी जान जोखिम में डालकर रोजाना मौत के साये में काम करने को विवश हैं।
जिम्मेदार बने मौनी बाबा, चुप्पी पर उठ रहे गंभीर सवाल
श्रीराम पावर प्लांट में यह कोई पहला हादसा नहीं है, बल्कि इससे पहले भी सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण कई जानें जोखिम में पड़ चुकी हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि लगातार हो रही घटनाओं के बाद भी जिम्मेदार विभागों के अधिकारी मौनी बाबा बने हुए हैं। हादसों के बाद न तो कभी सुरक्षा मानकों की निष्पक्ष जांच की जाती है और न ही दोषी प्रबंधन पर कोई दंडात्मक कार्रवाई होती है। प्रशासन का यह ढुलमुल रवैया और श्रम विभाग की रहस्यमयी खामोशी सीधे तौर पर प्रबंधन के हौसले बुलंद कर रही है, जिसका खामियाजा हर बार गरीब मजदूरों को अपने खून और जान से चुकाना पड़ रहा है। हादसे के बाद अब यह भी देखना होगा कि संबंधित विभाग घटना की जांच कर प्लांट में सुरक्षा मानकों की वास्तविक स्थिति सामने लाते हैं या मामला कुछ दिनों बाद ठंडे बस्ते में चला जाता है।
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