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Patna : हाथ में तिरंगा था, जुबां पर देशभक्ति के नारे और चेहरे पर आजादी के जश्न का उत्साह। जेपी गोलंबर से कारगिल चौक की ओर बढ़ती भीड़ में बच्चे थे, कॉलेज के विद्यार्थी थे, युवा थे और आम लोग भी। कोई तिरंगा लहरा रहा था तो कोई भारत माता के जयकारे लगा रहा था। पटना की सड़कें सोमवार को कुछ इसी रंग में रंगी नजर आईं। ‘हर घर तिरंगा अभियान-2026’ के तहत निकली इस तिरंगा यात्रा में देशभक्ति का उत्साह देखते ही बन रहा था।
लेकिन इस जोश के बीच अगस्त की गर्मी भी अपना असर दिखा रही थी। लगातार पैदल चलने से कई लोगों को प्यास लग रही थी। ऐसे में रास्ते में लगा ‘सुधा’ का स्टॉल लोगों के लिए कुछ देर सुस्ताने और राहत पाने की जगह बन गया। यहां कोई बोतल में ठंडा सुधा जल लेकर आगे बढ़ रहा था तो कोई लस्सी या छाछ पीकर अपनी थकान मिटा रहा था। खास बात यह रही कि इन पेय पदार्थों के लिए लोगों को अपनी जेब से एक रुपया भी खर्च नहीं करना पड़ा।
तिरंगे के साथ आगे बढ़ते रहे कदम, ‘सुधा’ स्टॉल पर मिली राहत
कला, संस्कृति एवं युवा विभाग, बिहार सरकार की ओर से आयोजित तिरंगा यात्रा का नेतृत्व मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किया। जेपी गोलंबर से शुरू हुई यात्रा कारगिल चौक तक पहुंची। बड़ी संख्या में विद्यार्थी, युवा और आम नागरिक इस यात्रा का हिस्सा बने। सुबह से ही लोगों में इसे लेकर उत्साह था। हाथों में तिरंगा लेकर लोग यात्रा में शामिल होते गए और पूरा रास्ता देशभक्ति के रंग में डूबता गया।
यात्रा जैसे-जैसे आगे बढ़ रही थी, गर्मी और उमस भी महसूस हो रही थी। पैदल चल रहे विद्यार्थियों और युवाओं के लिए बीच रास्ते पानी और ठंडे पेय की जरूरत साफ नजर आ रही थी। इसी दौरान COMFED की ओर से लगाया गया ‘सुधा’ का स्टॉल लोगों के काम आया। स्टॉल पर सुधा जल, लस्सी और छाछ सहित दूसरे पेय पदार्थ निशुल्क उपलब्ध कराए गए।
तिरंगा लेकर आगे बढ़ रहे कई युवा कुछ पल के लिए स्टॉल पर रुके। किसी ने पानी पिया तो किसी ने छाछ और लस्सी ली। पेय लेने के बाद फिर उसी जोश के साथ यात्रा में शामिल हो गए। गर्मी के बीच ठंडे पेय की यह छोटी सी सुविधा लोगों के लिए बड़ी राहत जैसी थी।
देशभक्ति के बीच सेवा का भी संदेश
तिरंगा यात्रा सिर्फ हाथों में झंडा लेकर सड़क पर चलने तक सीमित नहीं रही। यात्रा के दौरान लोगों की सुविधा का भी ध्यान रखा गया। ‘सुधा’ की ओर से की गई निशुल्क पेय पदार्थों की व्यवस्था ने इस पूरे आयोजन में सेवा का एक अलग रंग जोड़ दिया।
खासकर छोटे बच्चों और विद्यार्थियों के लिए यह व्यवस्था उपयोगी रही। लंबे रास्ते तक पैदल चलने के दौरान शरीर को पानी और तरल पदार्थ की जरूरत होती है। ऐसे में छाछ और लस्सी लोगों को राहत देने के साथ गर्मी में शरीर को ठंडक देने वाली रही। स्टॉल पर लगातार लोगों की आवाजाही बनी रही और कर्मचारी भी पेय पदार्थ बांटने में जुटे रहे।
‘सुधा’ बिहार के लोगों के घरों से लंबे समय से जुड़ा नाम है। ऐसे में तिरंगा यात्रा के दौरान लोगों के बीच उसकी मौजूदगी सिर्फ एक स्टॉल तक सीमित नहीं दिखी, बल्कि लोगों की जरूरत के वक्त साथ खड़े रहने की तस्वीर के रूप में नजर आई। यात्रा में शामिल लोगों के लिए गर्मी के बीच मुफ्त पेय पदार्थ मिलना निश्चित तौर पर यादगार अनुभव रहा।
मुख्य सचिव पहुंचे तो देखी सेवा की पूरी व्यवस्था
तिरंगा यात्रा के दौरान बिहार सरकार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत भी ‘सुधा’ के स्टॉल पर पहुंचे। उन्होंने स्टॉल का निरीक्षण किया और वहां लोगों के लिए की गई व्यवस्थाओं को देखा। इस मौके पर COMFED के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक शीर्षत कपिल अशोक ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया।
स्टॉल पर उस समय भी तिरंगा यात्रा में शामिल लोगों की भीड़ थी। विद्यार्थी और युवा पेय पदार्थ ले रहे थे। मुख्य सचिव ने वहां की व्यवस्था देखी। अधिकारियों ने उन्हें बताया कि यात्रा में शामिल लोगों की सुविधा के लिए सुधा जल, लस्सी और छाछ समेत कई पेय पदार्थ निशुल्क उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
तिरंगा हाथ में था, लेकिन याद रही एक गिलास छाछ भी
तिरंगा यात्रा में शामिल लोगों के लिए यह दिन देशभक्ति के उत्साह से भरा था। जेपी गोलंबर से कारगिल चौक तक का सफर तिरंगे, नारों और देश के प्रति सम्मान की भावना से भरा रहा। इस पूरे माहौल में ‘सुधा’ के स्टॉल पर कुछ देर रुककर पानी, लस्सी या छाछ पीना यात्रा का एक सहज हिस्सा बन गया।
गर्मी में पैदल चल रहे लोगों के लिए यह छोटी सी मदद काफी मायने रखती थी। कई लोगों के लिए तिरंगा यात्रा की यादों में देशभक्ति के नारों और लहराते तिरंगे के साथ ‘सुधा’ की ठंडी लस्सी और छाछ का स्वाद भी जुड़ गया।
‘सुधा’ की ओर से इस पहल के जरिए यही संदेश देने की कोशिश की गई कि राष्ट्रभक्तों की सेवा भी देश के प्रति सम्मान का एक तरीका है। तिरंगा यात्रा में जहां लोग देश के लिए अपने सम्मान और भावनाओं को लेकर सड़कों पर उतरे, वहीं रास्ते में उन्हें राहत देने के लिए ‘सुधा’ भी उनके साथ खड़ी नजर आई।
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