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Patna : बिहार में आम जनता को राहत देने और राज्य को ग्रीन एनर्जी का बड़ा केंद्र बनाने की दिशा में सीएम सम्राट चौधरी ने एक बड़ा और दूरगामी फैसला लिया है। उनके सीधे निर्देश के बाद ऊर्जा विभाग ने रूफटॉप सोलर लगाने वाले उपभोक्ताओं के लिए कमाई का नया रास्ता खोल दिया है। अब घर की छत पर बने सोलर प्लांट से जरूरत से ज्यादा पैदा होने वाली बिजली साल के अंत में बेकार नहीं जाएगी, बल्कि सरकार उसे खुद खरीदेगी और उपभोक्ताओं के खाते में पैसे भेजेगी। मुख्यमंत्री के इस जनता से जुड़े संवेदनशील फैसले के बाद ऊर्जा विभाग ने बिहार विद्युत विनियामक आयोग को नियमों में जरूरी संशोधन का प्रस्ताव भेज दिया है। आयोग से हरी झंडी मिलते ही यह व्यवस्था पूरे राज्य में लागू हो जाएगी।
सीएम ने समझा उपभोक्ताओं का दर्द, खत्म होगी लैप्स होने वाली व्यवस्था
नेट मीटरिंग की मौजूदा व्यवस्था में उपभोक्ता अपने घर की छत पर सोलर पैनल लगाकर बिजली तैयार करता है। इस बिजली से पहले घर के सारे उपकरण चलते हैं और जो यूनिट बच जाती है, वह ग्रिड में चली जाती है। हर महीने के बिल में इसका हिसाब होता है और ज्यादा बनी बिजली अगले महीने जुड़ती जाती है। लेकिन सबसे बड़ी दिक्कत यह थी कि 31 मार्च को वित्तीय वर्ष पूरा होते ही खाते में बची हुई सारी अतिरिक्त बिजली शून्य हो जाती थी यानी उसका कोई फायदा उपभोक्ता को नहीं मिलता था। सीएम सम्राट चौधरी के संज्ञान में जब यह बात आई, तो उन्होंने साफ निर्देश दिया कि जनता की बनाई एक भी यूनिट बेकार नहीं जानी चाहिए। सीएम की इसी जनहितकारी सोच का नतीजा है कि अब साल के अंत में बचने वाली अतिरिक्त सौर बिजली का पूरा आर्थिक लाभ सीधे उपभोक्ता की जेब में पहुंचेगा।
पीएम सूर्य घर योजना को मिलेगी नई रफ्तार, बढ़ेगा लोगों का भरोसा
सीएम के इस साहसिक कदम से केंद्र की पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को बिहार में जबर्दस्त मजबूती मिलेगी। जिन लोगों ने पहले से अपनी छतों पर सोलर सिस्टम लगा रखा है, उन्हें अपनी अतिरिक्त यूनिट्स का पूरा हक मिलेगा। वहीं नए उपभोक्ता भी इस बात से बेहद उत्साहित होंगे कि सोलर पैनल लगाना अब केवल बिजली बिल शून्य करने का उपाय नहीं, बल्कि एक सुरक्षित और नियमित आमदनी का जरिया भी बन गया है। सीएम का मानना है कि जब तक आम आदमी को अपनी बचत और कमाई जमीन पर दिखती नहीं, तब तक कोई भी योजना पूरी तरह सफल नहीं हो सकती। इसी सोच के तहत खेतों में पीएम-कुसुम योजना से जुड़े किसानों से भी बिजली खरीदी जा रही है, ताकि अन्नदाता को खेती के साथ बिजली बेचकर भी पक्की कमाई हो सके।
दफ्तरों के चक्कर काटने से मिलेगी मुक्ति, हर कदम पर विभाग देगा साथ
सीएम के विजन के अनुसार ऊर्जा विभाग ने अपनी कार्यशैली को भी पूरी तरह जनसुलभ बना दिया है। सोलर पैनल लगाने, नेट मीटर बैठाने और ग्रिड से जोड़ने की पूरी प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी किया जा रहा है ताकि उपभोक्ताओं को सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें। वेंडर कंपनियों और उपभोक्ताओं के बीच बेहतर तालमेल बनाकर तय समय सीमा के भीतर कनेक्शन चालू करने की हिदायत दी गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में उठाया गया यह कदम न केवल बिहार के लाखों परिवारों का बिजली खर्च घटाकर उनकी आमदनी बढ़ाएगा, बल्कि पूरे राज्य को स्वच्छ और आत्मनिर्भर ऊर्जा के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों की कतार में खड़ा करेगा।
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