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Patna : स्वतंत्रता सेनानी, शिक्षाविद् और किसान नेता स्व. गुरू सहाय लाल का जीवन समाज और देश के लिए समर्पण की मिसाल रहा है। उन्होंने आजादी की लड़ाई के साथ शिक्षा और किसानों के हित के लिए भी काम किया। उनके विचार और योगदान आज भी समाज के लिए प्रेरणा हैं। सीएम सम्राट चौधरी ने मंगलवार को स्व. गुरू सहाय लाल की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए उनके योगदान को याद किया। पटना के श्रीकृष्ण स्मारक भवन परिसर में स्व. गुरू सहाय लाल के जन्म दिवस के मौके पर राजकीय समारोह का आयोजन किया गया। सीएम सम्राट चौधरी समारोह में पहुंचे और उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि गुरू सहाय लाल ने अपने जीवन में देश, समाज, शिक्षा और किसानों के लिए महत्वपूर्ण काम किया। उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता।

आजादी की लड़ाई से लेकर किसानों की आवाज तक उठाई
गुरू सहाय लाल को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका पूरा जीवन समाज के लिए समर्पित रहा। वे स्वतंत्रता सेनानी होने के साथ शिक्षाविद् और किसान नेता भी थे। उन्होंने लोगों को जागरूक करने और समाज के कमजोर वर्गों की आवाज उठाने का काम किया। यही वजह है कि आज भी उन्हें सम्मान के साथ याद किया जाता है। सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि ऐसे महापुरुषों की जयंती मनाने का मकसद सिर्फ उन्हें श्रद्धांजलि देना नहीं है, बल्कि नई पीढ़ी को उनके जीवन और संघर्ष से परिचित कराना भी है। उनके बताए रास्ते पर चलकर समाज और राज्य को आगे बढ़ाने की प्रेरणा मिलती है।
मंत्री और अधिकारियों ने भी दी श्रद्धांजलि
राजकीय समारोह में सीएम सम्राट चौधरी के साथ बिहार सरकार के कई मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। भवन निर्माण मंत्री लेशी सिंह, सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव और विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री शीला कुमारी ने भी स्व. गुरू सहाय लाल के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, पटना प्रमंडल के आयुक्त मयंक वरवड़े, जिलाधिकारी कुंदन कुमार और वरीय पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के. शर्मा समेत कई प्रशासनिक अधिकारी और सामाजिक कार्यकर्ता भी कार्यक्रम में शामिल हुए। सभी ने गुरू सहाय लाल के योगदान को याद करते हुए उन्हें नमन किया।

भजन और देशभक्ति गीतों से गूंजा समारोह स्थल
समारोह के दौरान श्रीकृष्ण स्मारक भवन परिसर में श्रद्धा और देशभक्ति का माहौल रहा। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के कलाकारों ने आरती पूजन और भजन-कीर्तन की प्रस्तुति दी। इसके बाद राष्ट्रीय गीत, राष्ट्रगान और बिहार गीत प्रस्तुत किया गया। कलाकारों ने देशभक्ति गीत भी पेश किए, जिसे वहां मौजूद लोगों ने ध्यान से सुना। कार्यक्रम के दौरान गुरू सहाय लाल के जीवन और उनके योगदान को याद किया गया। स्वतंत्रता आंदोलन में उनकी भूमिका के साथ शिक्षा और किसानों के हित में किए गए उनके कार्यों को भी लोगों ने स्मरण किया। जयंती समारोह के जरिए राज्य सरकार ने उनके प्रति सम्मान प्रकट किया और उनके विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का संदेश दिया।
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