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Patna : दिल्ली के सियासी मंच पर पीएम नरेंद्र मोदी की कूटनीति का मखौल उड़ाने और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के नाम पर की गई अभद्र टिप्पणी को लेकर बिहार से लेकर दिल्ली तक सियासी भूचाल आ गया है। बिहार के सीएम सम्राट चौधरी ने कांग्रेस और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ बेहद कड़ा और आक्रामक रुख अपनाते हुए सीधा हमला बोला है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि राहुल गांधी ने राजनीति की सारी हदें पार कर दी हैं और उनका यह आचरण भारत के लोकतांत्रिक इतिहास का एक काला पन्ना है। सीएम सम्राट चौधरी ने स्पष्ट किया कि जब कोई नेता विपक्ष के शीर्ष संवैधानिक पद पर बैठकर किसी विदेशी महिला राष्ट्राध्यक्ष और अपने देश के प्रधानमंत्री का सरेआम उपहास उड़ाता है, तो यह केवल राजनीतिक गिरावट नहीं बल्कि देश की अंतरराष्ट्रीय छवि पर सीधा हमला है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि राहुल गांधी को इस घिनौनी हरकत के लिए पूरे देश और दुनिया के सामने हाथ जोड़कर माफी मांगनी ही होगी।
संवैधानिक पद की मर्यादा तार-तार, उजागर हुई महिला विरोधी मानसिकता
सीएम सम्राट चौधरी ने राहुल गांधी को उनके संवैधानिक दायित्वों का आईना दिखाते हुए कहा कि नेता प्रतिपक्ष का पद कोई सड़क छाप नौटंकी करने की जगह नहीं है। यह एक गंभीर, जिम्मेदार और लोकतंत्र की रीढ़ माना जाने वाला पद है। सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि राहुल गांधी लगातार अपनी राजनीतिक अपरिपक्वता और कुंठा का प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने तीखा प्रहार करते हुए कहा कि एक संप्रभु राष्ट्र की महिला प्रधानमंत्री का नाम लेकर मंच से फूहड़ इशारेबाजी करना और ठहाके लगाना कांग्रेस की असली महिला विरोधी मानसिकता का पर्दाफाश करता है। जो पार्टी खुद को महिलाओं और लोकतंत्र की रक्षक बताती है, उसके शीर्ष नेता मंच पर बैठकर ऐसी घटिया स्तर की जुमलेबाजी में मशगूल हैं। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि आलोचना नीतियों की होती है, फैसलों की होती है, लेकिन कूटनीति के नाम पर इस तरह की फूहड़ता और व्यक्तिगत कीचड़ उछालने की इजाजत कोई भी सभ्य समाज नहीं दे सकता।
मावलंकर हॉल के मंच पर क्या हुआ था
यह पूरा विवाद उस वक्त भड़का जब नई दिल्ली के मावलंकर हॉल में रचनात्मक कांग्रेस के राष्ट्रीय सम्मेलन को राहुल गांधी संबोधित कर रहे थे। केंद्र सरकार की विदेश नीति पर प्रहार करते हुए राहुल गांधी ने बेहद तल्ख लहजे में कहा कि प्रधानमंत्री किसी दूसरे देश में दोस्ती निभाने नहीं जाते, बल्कि उनका काम देश की सुरक्षा और हितों की रक्षा करना होता है। इसके बाद उन्होंने केंद्र सरकार का मजाक उड़ाते हुए कहा कि इनके दिमाग में यह बात भर गई है कि सिर्फ गले मिलने से विदेश नीति चलती है। इतना कहते ही राहुल गांधी ने मंच पर बैठे कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित को बुलाया और उन्हें जबरन जोर से अपनी बांहों में भींच लिया।
राहुल गांधी की भाषा और राजनीतिक आचरण का स्तर दिन-प्रतिदिन गिरता जा रहा है। देश के प्रधानमंत्री और इटली की राष्ट्राध्यक्ष जैसी संवैधानिक एवं सम्मानित शख्सियतों के लिए जिस तरह की आपत्तिजनक और अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया गया है, वह किसी भी सभ्य लोकतांत्रिक और राजनीतिक संस्कृति के… pic.twitter.com/EqHjO4OQQw
— Sambit Patra (@sambitswaraj) August 13, 2026
मंच पर चल रहे कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने व्यंग्य करते हुए कहा कि मोदी जी को लगता है कि बस ऐसे गले मिलना ही डिप्लोमेसी है। इसी बीच संदीप दीक्षित ने मर्यादा की सारी सीमाएं तोड़ते हुए इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी का नाम उछाल दिया। इस आपत्तिजनक टिप्पणी पर राहुल गांधी समेत मंच पर बैठे अन्य नेता असहज होने के बजाय हंसने लगे। यह पूरा दृश्य कैमरे में कैद हो गया और जैसे ही इसका वीडियो सार्वजनिक हुआ, पूरे देश में आक्रोश की लहर दौड़ गई।
चौतरफा घिरी कांग्रेस, बिहार से दिल्ली तक आर-पार की जंग
इस वीडियो के सामने आते ही भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस नेतृत्व को कटघरे में खड़ा कर दिया है। सीएम सम्राट चौधरी के इस तीखे बयान ने आग में घी का काम किया है और बिहार के राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है। एनडीए खेमे ने एक सुर में राहुल गांधी और संदीप दीक्षित पर केस दर्ज करने और कड़े एक्शन की मांग शुरू कर दी है। भाजपा प्रवक्ताओं का कहना है कि जब-जब राहुल गांधी विदेश नीति या सुरक्षा पर बोलते हैं, तब-तब वे भारत का सिर शर्म से झुकाने का काम करते हैं। वहीं दूसरी तरफ, अचानक हुए इस चौतरफा हमले से कांग्रेस बैकफुट पर नजर आ रही है और उसके नेता बचाव की मुद्रा में आ गए हैं।
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