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Home » सीएम हेमंत ने ‘सोनू भइया’ की अर्थी को दिया कंधा, बोले- उनका जाना कलेजा चीर गया
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सीएम हेमंत ने ‘सोनू भइया’ की अर्थी को दिया कंधा, बोले- उनका जाना कलेजा चीर गया

September 6, 2026No Comments5 Mins Read
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Giridih : गिरिडीह में आज की सुबह का सन्नाटा कुछ अलग ही था। हवा में एक अजीब सी उदासी घुली हुई थी। हरसिंहरायडीह की गलियों में, जहां अमूमन सुबह से ही लोगों का आना-जाना लगा रहता था, वहां सिसकियों की आवाजें गूंज रही थीं। किसी को यकीन नहीं हो रहा था कि कल शाम तक लोगों के बीच हंसकर बात करने वाले, हर सुख-दुख में आगे खड़े रहने वाले उनके अपने ‘सोनू भइया’ यानी मंत्री सुदिव्य कुमार अब इस दुनिया में नहीं हैं। देर रात अचानक आए दिल के दौरे ने एक भरे पूरे परिवार और एक बड़े सियासी वजूद को पलक झपकते ही खामोश कर दिया।

घर के बाहर जमा लोगों में सिर्फ पार्टी के कार्यकर्ता नहीं थे, बल्कि वे आम लोग भी थे जिनका काम कभी न कभी सोनू दा के एक फोन से बना था। कोई बुजुर्ग हाथ जोड़े शून्य में ताक रहा था, तो कोई नौजवान अपने आंसू छिपाने की कोशिश कर रहा था। राजनीति अपनी जगह है, लेकिन जब कोई जननेता जमीन से जुड़ा हो, तो उसका जाना एक निजी नुकसान जैसा महसूस होता है। गिरिडीह आज अपने उसी बेटे, उसी भाई के जाने के गम में डूबा हुआ था।

जब मुख्यमंत्री ने दिया कंधा, छलक पड़े आंसू 

दोपहर होते होते सीएम हेमंत सोरेन खुद हरसिंहरायडीह पहुंचे। उनके चेहरे पर एक कैबिनेट सहयोगी को खोने की औपचारिकता नहीं, बल्कि एक पुराने, भरोसेमंद साथी के बिछड़ जाने का गहरा दर्द साफ नजर आ रहा था। मुख्यमंत्री सीधे उस जगह पहुंचे जहां सुदिव्य कुमार का पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया था। पुष्पचक्र अर्पित करते वक्त हेमंत सोरेन कुछ पलों के लिए एकदम शांत खड़े रहे, जैसे यादों का कोई पुराना सिलसिला उनकी आंखों के सामने से गुजर रहा हो।

इसके बाद सीएम भीतर गए और सुदिव्य कुमार के रोते बिलखते परिजनों से मिले। वहां शब्द बहुत छोटे पड़ रहे थे। मुख्यमंत्री ने परिवार के बुजुर्गों और बच्चों के सिर पर हाथ रखा, उन्हें ढांढस बंधाया और कहा कि इस अंधियारे दौर में वे अकेले नहीं हैं। कुछ ही देर में जब अंतिम यात्रा के लिए अर्थी उठाई गई, तो मुख्यमंत्री ने बिना किसी हिचकिचाहट के आगे बढ़कर पार्थिव शरीर को कंधा दिया। श्मशान घाट तक के रास्ते में मुख्यमंत्री आम लोगों के साथ पैदल चले। एक सूबे का मुखिया जब अपने साथी की अर्थी को कंधा देकर चल रहा हो, तो वह मंजर वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम कर देने के लिए काफी था। श्मशान घाट पर राजकीय सम्मान के साथ जब पुलिस की टुकड़ी ने मातमी धुन बजाई और अंतिम विदाई दी गई, तो माहौल पूरी तरह गमगीन हो गया।

वो कमी जो कभी पूरी नहीं होगी

अंतिम संस्कार की रस्में पूरी होने के बाद जब सीएम हेमंत सोरेन मीडिया के सामने आए, तो उनकी आवाज में भारीपन था। उन्होंने बेहद सादे और सच्चे लहजे में कहा कि देर रात जब दिल का दौरा पड़ने की खबर आई, तो पहले पहल यकीन ही नहीं हुआ। यह केवल सरकार का नुकसान नहीं है, यह झारखंड के उस नौजवान नेतृत्व का नुकसान है जो जमीन की हकीकत समझता था। सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि सुदिव्य कुमार के साथ उन्होंने विकास की कई योजनाओं पर साथ काम किया। उनकी खासियत यह थी कि वे हर बात को बड़ी संजीदगी और परिपक्वता से रखते थे।

सीएम ने भावुक होते हुए कहा कि राजनीति में लोग आते-जाते रहते हैं, लेकिन जो लोग जनता के दिलों में जगह बना लेते हैं, उनका जाना कलेजा चीर देता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार और पार्टी इस पूरे परिवार के साथ ढाल बनकर खड़ी रहेगी। यह सिर्फ कहने भर की बात नहीं है, बल्कि उस इंसान के प्रति एक फर्ज है जिसने अपनी पूरी जिंदगी इस राज्य की सेवा में लगा दी।

गमगीन चेहरे और नम आंखों से अंतिम विदाई

इस भावुक मौके पर गांडेय विधायक कल्पना सोरेन भी साथ थीं। उन्होंने भी पार्थिव शरीर पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए और घर की महिलाओं के पास बैठकर उनके आंसू पोंछे। एक महिला और एक जनप्रतिनिधि के तौर पर वे परिवार के इस अचानक टूटे पहाड़ जैसे दुख को बांटने की कोशिश कर रही थीं। उनके चेहरे का खिंचाव बता रहा था कि यह आघात कितना बड़ा है।

अंतिम यात्रा में सिर्फ सरकार का अमला, मंत्री, विधायक या मुख्य सचिव अविनाश कुमार ही नहीं थे, बल्कि गिरिडीह की सड़कों पर हजारों आम चेहरों का हुजूम था। छतों, मुंडेरों और दुकानों के आगे खड़े लोग हाथ जोड़कर अपने प्रिय नेता को रुखसत कर रहे थे। कई महिलाएं अपने घरों की चौखट पर खड़ी रो रही थीं। लोग कह रहे थे कि सोनू दा किसी से मिलने के लिए समय का इंतजार नहीं करते थे, जब जो पहुंचा, उसकी बात सुनी। शाम ढलते ढलते गिरिडीह ने अपने चहेते बेटे को हमेशा के लिए पंचतत्व में विलीन होते देखा, लेकिन लोगों के दिलों में उनकी यादें और उनके किए काम हमेशा जिंदा रहेंगे।

इसे भी पढ़ें : मंत्री सुदिव्य का पार्थिव शरीर देख छलके सीएम हेमंत के आंसू, बोले- बचपन का सच्चा…

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