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Ramgarh (Dharmendra Pradhan) : संस्थानों में महिला कर्मचारियों को सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल देने के मकसद से HASP परिसर में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम रखा गया। सेंट्रल ट्रेनिंग हॉल में आयोजित इस पॉश (POSH) ट्रेनिंग सेशन में संस्थान की सभी महिला कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करना और दफ्तर में ऐसा माहौल बनाना था जहां वे बिना किसी झिझक के काम कर सकें।
अधिकारों और कानूनी सुरक्षा की दी गई जानकारी
ट्रेनिंग सत्र का संचालन ट्रेनर अदिति ने किया। उन्होंने बहुत ही सरल और स्पष्ट भाषा में समझाया कि कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा, समानता और गरिमा के क्या मायने हैं। उन्होंने बताया कि किसी भी तरह का अनुचित व्यवहार बर्दाश्त करने की जरूरत नहीं है। कानून महिलाओं को अपने आत्मसम्मान की रक्षा करने का पूरा अधिकार देता है। कार्यस्थल पर होने वाले किसी भी प्रकार के उत्पीड़न की पहचान कैसे की जाए और उससे कैसे निपटा जाए, इस पर विस्तार से चर्चा हुई।


आंतरिक समिति से कराया परिचय, खुलकर पूछे सवाल
सत्र के दौरान महिला कर्मचारियों को इंटरनल कमेटी यानी आंतरिक शिकायत समिति के बारे में जानकारी दी गई। समिति के सदस्यों से सभी का आमना-सामना कराया गया ताकि जरूरत पड़ने पर कर्मचारी बिना किसी डर या संकोच के सीधे अपनी बात रख सकें। कर्मचारियों को शिकायत दर्ज कराने की पूरी कानूनी प्रक्रिया और गोपनीयता के नियमों के बारे में भी बताया गया।
संवाद और चर्चा से दूर हुईं शंकाएं
यह पूरा सत्र एकतरफा भाषण की जगह आपसी बातचीत पर आधारित रहा। महिला कर्मचारियों ने अपनी रोजमर्रा की चिंताओं, कार्यस्थल की चुनौतियों और कानूनी बारीकियों को लेकर खुलकर सवाल पूछे। ट्रेनर ने व्यावहारिक उदाहरण देकर सभी शंकाओं का समाधान किया। प्रबंधन की ओर से स्पष्ट किया गया कि संस्थान में सुरक्षा और बराबरी की संस्कृति को मजबूत बनाए रखना प्राथमिकता है और ऐसे सत्र आगे भी लगातार आयोजित किए जाएंगे।
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