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Lucknow : उत्तर प्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (यूपी एटीएस) ने अलकायदा के आतंकी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कामयाबी हासिल की है। एटीएस ने तमिलनाडु पुलिस के साथ मिलकर कोयंबटूर से 19 साल के मकसूद अली को दबोचा है। मकसूद अलकायदा इन इंडियन सब-कॉन्टिनेंट यानी एक्यूआईएस से सीधे तौर पर जुड़ा था। इससे पहले 12 सितंबर को एटीएस ने इसी गिरोह के सरगना मोहम्मद नबील को आजमगढ़ से पकड़ा था। नबील से हुई पूछताछ के आधार पर ही मकसूद की लोकेशन ट्रेस हुई और उसे ट्रांजिट रिमांड पर लखनऊ लाया गया है।
यूट्यूब और टेलीग्राम से सीखी हैकिंग, पाकिस्तान के संपर्क में था
मूल रूप से यूपी के सिद्धार्थनगर जिले के बांसी का रहने वाला मकसूद काफी समय से कोयंबटूर में छिपकर रह रहा था। जांच में सामने आया है कि वह सीमा पार पाकिस्तान में बैठे आतंकी आकाओं से लगातार बातचीत कर रहा था। मकसूद को देश विरोधी हिंसक घटनाओं को अंजाम देने के लिए खास तौर पर हैकिंग टूल बनाने का जिम्मा सौंपा गया था। उसने पूछताछ में बताया कि उसने कंप्यूटर कोडिंग, पायथन, जावा और साइबर हैकिंग की बारीकियां किसी कॉलेज से नहीं, बल्कि यूट्यूब, इंस्टाग्राम और टेलीग्राम चैनलों के जरिए सीखी थीं। पाकिस्तानी हैंडलर उसके इसी तकनीकी हुनर का इस्तेमाल देश की सुरक्षा में सेंध लगाने के लिए कर रहे थे।

‘कैप्टन एम नेटवर्क’ नाम से बनाया सीक्रेट ऐप, युवाओं को भड़काने की तैयारी
मकसूद केवल हैकिंग तक ही सीमित नहीं था, बल्कि वह इंटरनेट पर युवाओं का ब्रेनवॉश करने में भी जुटा हुआ था। उसने अपने साथियों और नए लड़कों से छिपकर बात करने के लिए ‘कैप्टन एम नेटवर्क’ नाम से एक बेहद सुरक्षित एप्लीकेशन तैयार किया था। इस ऐप का मकसद युवाओं को कट्टरपंथी बनाकर मुजाहिद बनने के लिए उकसाना था। जांच एजेंसी को उसके फोन से यूनाइटेड उम्माह, गजवा-ए-हिंद, टीम ब्लैक हैट और लश्कर-ए-महंदी जैसे कई संदिग्ध व्हाट्सऐप ग्रुप मिले हैं। इन ग्रुप्स में कई पाकिस्तानी नंबर और हैकर्स सक्रिय थे।
ग्रुप में शेयर होते थे बम बनाने के वीडियो
मकसूद अपने साथी नबील के बनाए ‘ला गालिब-इल्लल्लाह’ ग्रुप का भी सक्रिय सदस्य था। इस सीक्रेट ग्रुप में अलकायदा का जिहादी साहित्य, भड़काऊ भाषण और बम व आधुनिक हथियार बनाने के तरीके सिखाने वाले वीडियो साझा किए जाते थे। फिलहाल एटीएस मकसूद को अदालत में पेश कर पुलिस कस्टडी रिमांड हासिल करने की तैयारी में है, ताकि उससे यह पता लगाया जा सके कि देश के किन-किन राज्यों में उसके नेटवर्क के लोग फैले हैं और उनकी अगली योजना क्या थी।
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