Close Menu
News SamvadNews Samvad
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • बिजनेस
  • स्पोर्ट्स
  • राशिफल
Facebook X (Twitter) Instagram
Thursday, 24 September, 2026 • 10:05 pm
  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • AdSense Policy
  • Terms and Conditions
Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest Vimeo
News SamvadNews Samvad
  • HOME
  • INDIA
  • WORLD
  • JHARKHAND
    • RANCHI
  • BIHAR
  • UP
  • SPORTS
  • HOROSCOPE
  • CAREER
  • HEALTH
  • MORE…
News SamvadNews Samvad
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • बिजनेस
  • स्पोर्ट्स
  • राशिफल
Home » न जात पूछी, न मजहब देखा… बस धड़कनों को बचाने की जिद
झारखंड

न जात पूछी, न मजहब देखा… बस धड़कनों को बचाने की जिद

September 24, 2026No Comments3 Mins Read
Share Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Telegram WhatsApp Email
Follow Us
Google News Flipboard Facebook X (Twitter)
खून
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Telegram WhatsApp Email
WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now

अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :

auto

Pakur (Jaydev Kumar) : अस्पताल के कॉरिडोर में अक्सर एक मंजर देखने को मिलता है, जहां कोई बेबस पिता अपने थैलेसीमिया पीड़ित बच्चे की रिपोर्ट हाथ में लिए ब्लड बैंक की खिड़की पर खड़ा होता है। आंखों में आंसू और जुबां पर एक ही सवाल होता है कि क्या खून मिल पाएगा? गुरुवार को पाकुड़ ने इसी लाचारी को हराने का बीड़ा उठाया। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की एक पहल पर पूरा शहर किसी अनजान की सांसें बचाने के लिए एक छत के नीचे जमा हो गया। मुख्य ब्लड बैंक से लेकर दूर-दराज के प्रखंडों के स्वास्थ्य केंद्रों तक, हर जगह बस एक ही जज्बा नजर आ रहा था कि किसी भी सूरत में खून की कमी से कोई जान नहीं जानी चाहिए।

कोई ड्यूटी छोड़कर पहुंचा तो कोई आम नागरिक बना अनजान का मसीहा

शिविर की शुरुआत उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने दीप जलाकर की, लेकिन इसके बाद जो तस्वीर उभरी, उसने इंसानियत का भरोसा और मजबूत कर दिया। वहां खाकी वर्दी पहने पुलिस के जवान भी थे, दफ्तर की फाइलें संभाल रहे अंचलाधिकारी और नगर परिषद के अफसर भी, और कॉलेज के वे नौजवान भी जो पहली बार सुई के डर को पीछे छोड़कर पहुंचे थे। इंसानियत फाउंडेशन के कार्यकर्ता लोगों का हौसला बढ़ा रहे थे। जब एक पुलिसकर्मी से पूछा गया कि ड्यूटी के बीच रक्तदान क्यों, तो उनका सीधा जवाब था कि सड़क हादसों में हमने बहुत सी जिंदगियों को सिर्फ इसलिए दम तोड़ते देखा है क्योंकि वक्त पर खून नहीं मिला, आज अगर हमारा थोड़ा सा खून किसी के काम आ जाए तो इससे बड़ी ड्यूटी क्या होगी। देखते ही देखते 147 लोगों ने मुस्कुराते हुए अपनी बांहें आगे कर दीं।

Advertisement

डीसी बोलीं- जब अस्पताल में कोई तड़प रहा हो, तब रक्तदाता ही भगवान दिखता है

मौके पर मौजूद डीसी मेघा भारद्वाज ने खुद हर बेड के पास जाकर रक्तदाताओं का हालचाल जाना और उन्हें सर्टिफिकेट सौंपे। उन्होंने बेहद संजीदा लहजे में कहा कि जब कोई महिला प्रसव पीड़ा में हो और खून बह रहा हो, या कोई गंभीर एनीमिया से जूझ रहा हो, उस वक्त ब्लड बैंक की एक थैली सीधे भगवान का वरदान लगती है। डीसी ने कहा कि हमें किसी हादसे का इंतजार नहीं करना चाहिए कि तभी रक्तदान करें। इसी सोच के साथ अब जिले में यह तय किया गया है कि हर महीने ऐसे कैंप लगाए जाएंगे, ताकि पाकुड़ के किसी भी परिवार को रक्त की तलाश में दूसरे शहरों के चक्कर न काटने पड़ें।

डर पर भारी पड़ी अपनों की चिंता, 24 और 28 सितंबर को फिर सजेगा जीवन बचाने का मंच

इस शिविर ने एक और बड़ा काम किया, वह था रक्तदान को लेकर मन में बैठे डर को निकालना। कई युवा ऐसे थे जिन्हें लगता था कि रक्तदान से कमजोरी आ जाएगी, लेकिन जब उन्होंने अफसरों और साथी नागरिकों को पूरे जोश के साथ उठकर काम पर लौटते देखा, तो उनकी झिझक भी मिट गई। यह सिर्फ एक दिन का उत्साह नहीं है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि यह सिलसिला अभी लंबा चलेगा। आगामी 24 और 28 सितंबर को फिर से जिले भर में विशेष कैंप लगाए जा रहे हैं। गुरुवार की शाम जब शिविर खत्म हुआ, तो ब्लड बैंक के फ्रीजर में रखी 147 यूनिट्स सिर्फ खून के पैकेट नहीं थे, बल्कि 147 परिवारों को मिली नई जिंदगी की गारंटी थे।

इसे भी पढ़ें : रात के अंधेरे में हाथियों का तांडव, रौंद डाली तीन किसानों की तैयार फसल

Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Telegram WhatsApp Email
Previous Articleकोडरमा स्टेशन पर अचानक धधक उठी पैसेंजर ट्रेन की बोगी, फिर…
Next Article सत्तू ने बदला चोला… अब कॉरपोरेट हलक को तर करेगा बिहार का देसी ‘एनर्जी ड्रिंक’

Related Posts

Headlines

मंत्री दीपिका की बेटी का पार्थिव शरीर देख भावुक हुए सीएम हेमंत, बोले- संतान खोने का दर्द शब्दों से परे

September 24, 2026
बिहार

मधेपुरा : स्कूल गेट पर छात्रों में तकरार, पुलिस बोली- छेड़खानी की अफवाह झूठी

September 24, 2026
Headlines

सीएम सम्राट बोले- कोसी पर बनेगा नया बैराज, प्रोजेक्ट्स लटकाए तो नपेंगे अफसर

September 24, 2026
Advertisement
Advertisement
  • Facebook
  • Twitter
  • Telegram
  • WhatsApp

Latest Post

मंत्री दीपिका की बेटी का पार्थिव शरीर देख भावुक हुए सीएम हेमंत, बोले- संतान खोने का दर्द शब्दों से परे

September 24, 2026

मधेपुरा : स्कूल गेट पर छात्रों में तकरार, पुलिस बोली- छेड़खानी की अफवाह झूठी

September 24, 2026

सीएम सम्राट बोले- कोसी पर बनेगा नया बैराज, प्रोजेक्ट्स लटकाए तो नपेंगे अफसर

September 24, 2026

प्रशासन के इकबाल से कोई समझौता नहीं, सुस्त अफसरों पर गिरेगी गाज : मुख्य सचिव

September 24, 2026

बिहार में कृषि सांख्यिकी मजबूत करने की कवायद, मंत्री बोले- सटीक डेटा से ही…

September 24, 2026
© 2026 News Samvad. Designed by Launching Press.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.