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Ranchi : भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने चुनाव आयोग को लेकर विपक्ष के बयानों पर जोरदार पलटवार किया है। पार्टी के प्रदेश कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन की भ्रम फैलाने की राजनीति पूरी तरह बिखर चुकी है। जनता लगातार कांग्रेस को नकार रही है, जिसकी वजह से विपक्षी नेता हताशा में देश की संवैधानिक संस्थाओं पर झूठे आरोप मढ़ रहे हैं। साहू ने कहा कि चुनाव आयोग के आधिकारिक संयुक्त बयान ने विपक्ष के हर मनगढ़ंत दावे की पोल खोल दी है, इसलिए अब कांग्रेस नेतृत्व को देश और संवैधानिक संस्थाओं से बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए।
चुनाव आयोग के सभी फैसले सर्वसम्मति से, मतभेद की बात मनगढ़ंत
आदित्य साहू ने साफ किया कि चुनाव आयोग के भीतर किसी तरह का कोई मतभेद नहीं है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और दोनों चुनाव आयुक्तों डॉ. एस. एस. संधू और डॉ. विवेक जोशी की बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान से सब कुछ साफ हो चुका है। देश भर में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी एसआईआर से जुड़े सभी फैसले पूरे आयोग की सहमति से लिए गए हैं। चाहे 24 जून 2025 का मूल आदेश हो या अलग-अलग चरणों की समय-सारणी, सभी पर तीनों आयुक्तों की रजामंदी थी। सुप्रीम कोर्ट ने भी इस पूरी प्रक्रिया को पूरी तरह कानूनी और सही ठहराया है। इसके बावजूद विपक्ष आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाकर उसे बदनाम करने की कोशिश कर रहा था, जो अब पूरी तरह बेनकाब हो चुका है।
फॉर्म-6 पर कोई बदलाव नहीं, हर मतदाता तक पहुंच रहा आयोग
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि विपक्ष फॉर्म-6 को लेकर भी जनता के बीच जानबूझकर अफवाहें फैला रहा था। आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि एसआईआर के लिए फॉर्म-6 से जुड़े घोषणापत्र को सुप्रीम कोर्ट पहले ही वैध मान चुका है और गैर-एसआईआर समय के लिए पुराने नियम ही लागू हैं। नियमों में कोई फेरबदल नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष जहां सिर्फ झूठी बातें गढ़ता है, वहीं चुनाव आयोग जमीन पर उतरकर रैन बसेरों, बेघरों और कामगारों के लिए विशेष कैंप लगाकर हर पात्र व्यक्ति को वोट का अधिकार दिला रहा है। बीएलओ घर-घर जाकर लोगों के फॉर्म ले रहे हैं ताकि कोई भी नागरिक मतदान सूची से वंचित न रहे।
सेना के शौर्य और संस्थाओं पर सवाल उठाना कांग्रेस की पुरानी आदत
साहू ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर पुरानी घटनाओं का हवाला देते हुए कड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जब भी चुनाव में हार मिलती है, कांग्रेस कभी ईवीएम तो कभी चुनाव आयोग पर ठीकरा फोड़ने लगती है। राहुल गांधी पहले ईवीएम को ब्लैक बॉक्स बता चुके हैं और आयोग को सत्ताधारी दल की कठपुतली कह चुके हैं, जबकि देश की अदालतें बार-बार उनके दावों को खारिज कर चुकी हैं। इतना ही नहीं, कांग्रेस नेतृत्व देश के वीर जवानों की बहादुरी पर भी भरोसा नहीं करता। सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत मांगना, सेना के लिए गलत शब्दों का प्रयोग करना और तवांग झड़प पर गैर-जिम्मेदाराना बयान देना यह साबित करता है कि कांग्रेस को सिर्फ झूठे आरोप लगाने की आदत पड़ चुकी है।
इस प्रेस वार्ता के दौरान प्रदेश प्रवक्ता अजय शाह, राफिया नाज, मीडिया सह-प्रभारी सतीश सिन्हा और नीरज सिंह भी मौजूद रहे।
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