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Katra : शारदीय नवरात्र में माता वैष्णो देवी के दर्शन करने आने वाले बुजुर्ग और दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए राहत की खबर है। 11 से 19 अक्टूबर तक चलने वाले नवरात्र के दौरान इन श्रद्धालुओं को कटड़ा से भवन तक पहुंचने के लिए बैटरी कार, घोड़ा और पालकी की सुविधा निशुल्क मिलेगी। दिव्यांग श्रद्धालुओं को इस सुविधा का लाभ लेने के लिए दिव्यांगता प्रमाणपत्र दिखाना होगा। श्रद्धालुओं की सुविधा और भीड़ को देखते हुए श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने यात्रा मार्ग पर कई स्तरों पर तैयारियां शुरू कर दी हैं।
श्राइन बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, नवरात्र के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के कटड़ा पहुंचने की उम्मीद है। ऐसे में यात्रा को व्यवस्थित रखने और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा से लेकर सफाई, स्वास्थ्य और आपातकालीन सेवाओं तक सभी व्यवस्थाओं को मजबूत किया जा रहा है। कटड़ा शहर और यात्रा मार्ग के प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाई गई है। इससे श्रद्धालुओं की सुरक्षा के साथ भीड़ की निगरानी भी की जाएगी।
गेट नंबर दो से दिव्यांग और बुजुर्गों को सुगम दर्शन
दिव्यांग और बुजुर्ग श्रद्धालुओं के लिए भवन में गेट नंबर दो से सुगम दर्शन की व्यवस्था रहेगी। यात्रा मार्ग पर आठ विशेष हेल्प डेस्क भी बनाए गए हैं। यहां श्रद्धालुओं को यात्रा से जुड़ी जानकारी, मार्गदर्शन और जरूरत के मुताबिक दूसरी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। भीड़ बढ़ने की स्थिति में कटड़ा में पंजीकरण काउंटरों की संख्या भी बढ़ाई जा सकती है।
श्राइन बोर्ड ने मेडिकल और इमरजेंसी सेवाओं को भी तैयार रखा है। यात्रा मार्ग पर पानी और बिजली की निर्बाध आपूर्ति बनाए रखने के साथ आपदा से निपटने की तैयारियों पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखने के लिए कटड़ा आधार शिविर से भवन तक तीन स्तर की सुरक्षा व्यवस्था रहेगी। संदिग्ध लोगों की पहचान के लिए री वेरिफिकेशन की प्रक्रिया भी जारी रहेगी। यात्रा मार्ग और भवन क्षेत्र में सीसीटीवी निगरानी के साथ आरएफआईडी ट्रैकिंग सिस्टम भी सक्रिय रखा जाएगा।
पांच करोड़ की फूलों की सजावट, 500 से ज्यादा कारीगर जुटेंगे
नवरात्र के दौरान माता वैष्णो देवी के भवन को भव्य तरीके से सजाया जाएगा। इसके लिए करीब पांच करोड़ रुपए का बजट रखा गया है। श्राइन बोर्ड विशेष दाताओं के सहयोग से हर साल नवरात्र में भवन, प्राचीन गुफा के प्रवेश द्वार, अटका स्थल और कटड़ा से भवन तक के रास्तों को फूलों से सजाता है। इस बार भी सजावट में देश के साथ विदेशों से मंगाए गए फूलों का इस्तेमाल किया जाएगा।
नीदरलैंड और जापान से लिलियम और ट्यूलिप, थाईलैंड और मलेशिया से ऑर्किड, दक्षिण अफ्रीका और यूरोप से ग्लैडियोलस और जरबेरा मंगाए जाएंगे। इसके अलावा कोलंबिया और तुर्की से कार्नेशन तथा दक्षिण अमेरिका से एंथुरियम के फूल सजावट में शामिल होंगे। देश के अलग-अलग राज्यों से गेंदा, गुलाब, गुलदाउदी, चमेली और चंपा जैसे पारंपरिक फूल भी मंगाए जाएंगे।
मंदिर परिसर को सजाने के काम में 500 से ज्यादा पेशेवर कारीगर जुटेंगे। ये कारीगर कई दिनों तक दिन-रात काम करके भवन और यात्रा मार्ग को आकर्षक रूप देंगे। फूलों के साथ मौसमी फलों का भी सजावट में इस्तेमाल किया जाएगा। नवरात्र के दौरान भवन और आसपास का पूरा क्षेत्र रंग-बिरंगे फूलों से सजा नजर आएगा।
चार जगह 24 घंटे लंगर, भोजनालयों में मिलेगा व्रत का खाना
नवरात्र के दौरान यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं के लिए चार बड़े स्थानों पर 24 घंटे लंगर सेवा जारी रहेगी। इसके अलावा श्राइन बोर्ड के सभी भोजनालयों में नवरात्र व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्रत का खाना उपलब्ध कराया जाएगा। यात्रा मार्ग की सफाई के लिए भी विशेष अभियान चलाया गया है। बोर्ड का प्रयास है कि बढ़ती भीड़ के बावजूद श्रद्धालुओं को साफ-सफाई और खान-पान को लेकर परेशानी न हो।
माता वैष्णो देवी की यात्रा में नवरात्र के दौरान हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। चैत्र नवरात्र 2025 में करीब 3.75 लाख श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन किए थे। वहीं शारदीय नवरात्र 2025 में 1.70 लाख से ज्यादा श्रद्धालु भवन पहुंचे थे। 19 से 27 मार्च 2026 तक चले चैत्र नवरात्र में भी तीन लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने माता के दरबार में माथा टेका था। वर्ष 2024 में चैत्र नवरात्र के दौरान 4,04,605 और शारदीय नवरात्र में 1,61,699 श्रद्धालुओं ने माता वैष्णो देवी के दर्शन किए थे। इस बार भी शारदीय नवरात्र में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।
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