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Ranchi : सीएम हेमंत सोरेन के कड़े निर्देश के बाद वियतनाम में सड़क हादसे में जान गंवाने वाले रांची के युवा योगा ट्रेनर राजा कुमार वर्मा का पार्थिव शरीर शनिवार को उनके घर पहुंच सका। सीएम ने मामले की जानकारी मिलते ही अधिकारियों को साफ कहा था कि परिवार को हर हाल में मदद मिले और शव को जल्द से जल्द सम्मानपूर्वक रांची लाया जाए। सरकार के श्रम विभाग और राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष की तत्परता से कानूनी अड़चनों को दूर करते हुए शव को स्वदेश लाया गया। मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवार के प्रति गहरी संवेदना जताते हुए पांच लाख रुपए की आर्थिक मदद देने का भी निर्देश दिया है।
सीएम की पहल पर दूतावास से हुआ संपर्क, पूरी की गईं कागजी औपचारिकताएं
रांची के कैलाश नगर निवासी राजा कुमार वर्मा की वियतनाम में सड़क दुर्घटना में मौत के बाद उनका परिवार गहरे सदमे में था। दूर देश से बेटे का शव लाना साधारण परिवार के बूते के बाहर था। ऐसे में परिजनों ने राज्य सरकार से गुहार लगाई। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इसे गंभीरता से लेते हुए तुरंत एक्शन लेने को कहा। सीएम के निर्देश पर राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष ने नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय और हनोई स्थित भारतीय दूतावास से संपर्क साधा। वियतनामी प्रशासन के साथ लगातार तालमेल बनाकर सभी जरूरी कानूनी कागजी काम तेजी से पूरे कराए गए, जिसके बाद शव को विमान से कोलकाता हवाई अड्डे तक पहुंचाया जा सका।
कोलकाता एयरपोर्ट से रांची तक प्रशासन ने दी फ्री एंबुलेंस
शव कोलकाता पहुंचने के बाद परिजनों को रांची लाने में कोई परेशानी न हो, इसके लिए भी मुख्यमंत्री के निर्देश पर पुख्ता व्यवस्था की गई थी। रांची जिला प्रशासन ने तुरंत कोलकाता एयरपोर्ट के लिए एक एंबुलेंस रवाना की। हवाई अड्डे पर परिजनों द्वारा कागजी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद पार्थिव शरीर को उसी एंबुलेंस से सुरक्षित रांची लाया गया। शनिवार को जैसे ही राजा का शव कैलाश नगर पहुंचा, पूरे मोहल्ले में मातम पसर गया। अपने लाल को बेजान देखकर माता-पिता और परिजनों की चीखें निकल पड़ीं, जिससे वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं।
योगा सिखाने गए थे विदेश, आश्रितों को मिलेगी अनुदान राशि
राजा कुमार वर्मा अपने बेहतर भविष्य और परिवार के भरण-पोषण के लिए वियतनाम गए थे, जहां वे योगा ट्रेनर के रूप में काम कर रहे थे। वहां एक सड़क हादसे में बुरी तरह जख्मी होने के बाद इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। इस मुश्किल घड़ी में संबल देने के लिए श्रम विभाग ने बताया कि मुख्यमंत्री झारखंड अंतरराष्ट्रीय प्रवासी श्रमिक अनुदान योजना के तहत मृतक के परिजनों को पांच लाख रुपए की सहायता राशि दी जाएगी। इस कठिन समय में बेटे का अंतिम दर्शन संभव कराने और आर्थिक मदद के लिए शोकाकुल परिवार ने राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया है।
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