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News Samvad : बाल झड़ने के पीछे आनुवंशिकता, तनाव, हार्मोनल बदलाव, थायरॉयड और पोषक तत्वों की कमी जैसे कई कारण हो सकते हैं। कैल्शियम की गंभीर या लंबे समय तक रहने वाली कमी भी बालों की सेहत को प्रभावित कर सकती है। बिना जांच के सप्लीमेंट लेने के बजाय पहले समस्या की सही वजह पता करना जरूरी है।
बाल झड़ने की समस्या आजकल काफी आम हो गई है। कम उम्र में भी कई लोग हेयर फॉल और गंजेपन की शिकायत कर रहे हैं। किसी के बाल नहाते या कंघी करते समय ज्यादा टूटते हैं, तो किसी की हेयरलाइन धीरे-धीरे पीछे जाने लगती है। ऐसे में ज्यादातर लोग सबसे पहले शैंपू, तेल या दूसरे हेयर केयर प्रोडक्ट बदलना शुरू कर देते हैं। लेकिन हर बार समस्या बाहर से नहीं होती। कई बार शरीर के अंदर की किसी कमी या बीमारी का असर भी बालों पर दिखाई देता है।
खान-पान में पोषक तत्वों की कमी, लगातार तनाव, नींद पूरी न होना, हार्मोन में बदलाव, थायरॉयड की समस्या और आनुवंशिक कारण बालों की ग्रोथ को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए अचानक या लगातार बाल झड़ने लगें तो सिर्फ घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय इसकी वजह समझना जरूरी है।
कैल्शियम की कमी से भी प्रभावित हो सकते हैं बाल
कैल्शियम को आमतौर पर हड्डियों और दांतों की मजबूती से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन शरीर में इसकी भूमिका इससे कहीं ज्यादा है। लंबे समय तक या गंभीर कैल्शियम की कमी होने पर शरीर के कई हिस्सों पर असर पड़ सकता है। इसका प्रभाव बालों और नाखूनों की सेहत पर भी दिखाई दे सकता है।
कैल्शियम की कमी होने पर बालों की जड़ें कमजोर पड़ सकती हैं। इससे बाल रूखे और कमजोर होने के साथ आसानी से टूटने लग सकते हैं। हालांकि, केवल कैल्शियम की कमी को बाल झड़ने का प्रमुख कारण मानना सही नहीं होगा। विशेषज्ञों के अनुसार कैल्शियम की गंभीर या लंबे समय तक रहने वाली कमी की स्थिति में ही बालों में बदलाव अधिक देखने को मिल सकते हैं।
बालों के साथ नाखूनों की कमजोरी भी शरीर में पोषक तत्वों की कमी का संकेत हो सकती है। इसलिए अगर बाल झड़ने के साथ नाखून भी कमजोर या आसानी से टूटने लगे हैं तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।
आयरन, प्रोटीन और जिंक की कमी भी हो सकती है वजह
डर्मेटोलॉजिस्ट गरिमा चौहान के अनुसार आयरन, प्रोटीन, जिंक और बायोटिन जैसे पोषक तत्वों की कमी बालों के झड़ने को बढ़ावा दे सकती है। शरीर को बालों की ग्रोथ और उनकी मजबूती के लिए पर्याप्त पोषण की जरूरत होती है। लंबे समय तक खान-पान सही नहीं रहने पर इसका असर बालों की गुणवत्ता पर भी पड़ सकता है।
लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि बाल झड़ते ही इन सभी पोषक तत्वों की सप्लीमेंट की गोलियां लेना शुरू कर दिया जाए। बिना जरूरत सप्लीमेंट लेने से भी शरीर को नुकसान हो सकता है। इसलिए किसी विटामिन या मिनरल की कमी का पता जांच के बाद ही लगाना चाहिए और सप्लीमेंट डॉक्टर की सलाह से लेना चाहिए।
विशेषज्ञों के मुताबिक रोज कुछ बाल गिरना सामान्य प्रक्रिया है। आम तौर पर प्रतिदिन करीब 30 से 50 बाल गिर सकते हैं। चिंता की बात तब होती है जब बाल लगातार सामान्य से ज्यादा गिरने लगें, हेयरलाइन पीछे जाने लगे या सिर के किसी हिस्से में बालों की घनत्व कम दिखाई देने लगे।
अचानक गुच्छों में बाल गिरें तो जांच जरूरी
किसी बीमारी, तेज बुखार, मानसिक तनाव या शरीर पर पड़े किसी बड़े दबाव के बाद भी कुछ लोगों में अचानक बाल ज्यादा गिरने लगते हैं। कई बार ऐसी स्थिति कुछ महीनों बाद दिखाई देती है और मूल कारण ठीक होने के बाद धीरे-धीरे बालों का झड़ना कम हो सकता है।
हालांकि, अगर बाल अचानक गुच्छों में गिर रहे हैं, सिर पर गोल-गोल खाली पैच बन रहे हैं या स्कैल्प पर लालिमा, खुजली और सूजन दिखाई दे रही है तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसी स्थिति में त्वचा रोग विशेषज्ञ से जांच कराना जरूरी है।
बाल झड़ने की समस्या में सबसे जरूरी बात यह है कि बिना वजह तरह-तरह के प्रोडक्ट और सप्लीमेंट आजमाने के बजाय पहले कारण का पता लगाया जाए। सही कारण सामने आने के बाद ही खान-पान, दवा या हेयर केयर से जुड़ा उचित इलाज शुरू किया जा सकता है।
डिस्क्लेमर: यह खबर सामान्य स्वास्थ्य जानकारी पर आधारित है। बाल झड़ने के कई कारण हो सकते हैं। कैल्शियम या किसी अन्य पोषक तत्व की कमी की पुष्टि बिना जांच के नहीं की जा सकती। किसी भी सप्लीमेंट या दवा का सेवन डॉक्टर की सलाह के बिना न करें। लगातार या अत्यधिक बाल झड़ने की स्थिति में त्वचा रोग विशेषज्ञ से परामर्श लें।
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