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Patna : सीएम सम्राट चौधरी ने सोमवार को कहा कि श्रद्धेय कैलाशपति मिश्र जी का पूरा जीवन राष्ट्र निर्माण, समाज और संगठन की सेवा में बीता। वे केवल एक बड़े नेता ही नहीं, बल्कि एक प्रखर विचारक थे, जिन्होंने बिहार की राजनीति को नई दिशा दी। मुख्यमंत्री ने ऐलान किया कि राज्य सरकार उनके इस अमूल्य योगदान और सार्वजनिक जीवन में उनकी ऐतिहासिक भूमिका को हमेशा याद रखेगी। इसी सम्मान के तहत अगले वर्ष से उनकी जयंती पूरे बिहार में राजकीय समारोह के रूप में मनाई जाएगी। यह फैसला बिहार की माटी के इस महान सपूत के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि और कृतज्ञता का प्रतीक है।
आदमकद प्रतिमा पर पुष्प चढ़ाकर किया नमन
पटना के आईसीएआर परिसर में आयोजित जयंती कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्वर्गीय कैलाशपति मिश्र जी की आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और हाथ जोड़कर उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री ने वहां मौजूद लोगों से बातचीत करते हुए कहा कि कैलाशपति जी ने सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया। उनका सादा जीवन और उच्च विचार आज के दौर में हर जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता के लिए प्रेरणास्रोत हैं। आने वाली पीढ़ियां उनके संघर्ष और आदर्शों से सीख ले सकें, इसीलिए सरकार ने उनके जन्मदिवस को राजकीय स्तर पर आयोजित करने का निर्णय लिया है।

कई वरिष्ठ नेता रहे मौजूद, भजनों से गूंजा परिसर
इस मौके पर आईसीएआर परिसर में विशेष भजन-कीर्तन का भी आयोजन हुआ, जिसने माहौल को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया। कार्यक्रम में भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री भीखूभाई दलसानिया के साथ-साथ विधायक संजीव चौरसिया, विधायक संजय कुमार, विधायक मनोज कुमार, विधायक रत्नेश कुमार, विधान पार्षद संजय मयूख और पूर्व विधायक दिलमणी देवी सहित कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं। सभी नेताओं ने कैलाशपति मिश्र जी की प्रतिमा पर फूल चढ़ाकर अपनी श्रद्धांजलि दी और कहा कि संगठन को खड़ा करने में उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता।
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