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Patna / New Delhi : प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (PMAY-U 2.0) में बिहार को मिले दो प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कारों पर खुशी जताते हुए नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा ने इसे पूरे राज्य के लिए गर्व की बात बताया है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान इस बात का सीधा सबूत है कि राज्य सरकार सिर्फ कागजों पर योजनाएं नहीं बना रही, बल्कि जमीन पर तेजी से मकान बनाकर सही और जरूरतमंद लोगों तक उनका हक पहुंचा रही है। नई दिल्ली में विश्व पर्यावास दिवस के मौके पर केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू से मिले इस सम्मान को उन्होंने पूरी टीम की लगन और राज्य की बदलती तस्वीर से जोड़ा।
जमीन पर काम उतारने और लक्ष्य साधने में देश भर में आगे
मंत्री नीतीश मिश्रा ने पुरस्कारों का ब्योरा साझा करते हुए बताया कि बिहार ने दो अलग-अलग पैमानों पर देश भर में अपनी धाक जमाई है। पहला सम्मान बिहार को इसलिए मिला क्योंकि राज्य ने जितने आवास मंजूर किए, उनमें से सबसे ज्यादा घरों की ग्राउंडिंग यानी निर्माण कार्य तेजी से जमीन पर शुरू कराया। वहीं दूसरा पुरस्कार बड़े राज्यों की श्रेणी में हासिल हुआ, जहां बिहार ने निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले सबसे ज्यादा फीसदी आवास मंजूर कर दिखाए। मंत्री ने कहा कि शहरों में अक्सर जमीन और प्रक्रियाओं को लेकर चुनौतियां आती हैं, लेकिन हमारे विभाग ने हर रुकावट को पार करते हुए यह साबित किया कि नीयत साफ हो तो रफ्तार अपने आप बन जाती है।

गरीब परिवारों के चेहरे की मुस्कान ही हमारी असली ताकत
नीतीश मिश्रा ने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबके लिए आवास’ के संकल्प को पूरा करने की दिशा में बिहार पूरी मजबूती से कदम बढ़ा रहा है। राज्य सरकार का स्पष्ट मकसद है कि शहर के किसी भी गरीब या कमजोर परिवार को कच्ची छत या किराए के भरोसे न रहना पड़े। उन्होंने कहा कि पक्का मकान केवल ईंट और सीमेंट की चारदीवारी नहीं होता, बल्कि यह एक परिवार को समाज में आत्मसम्मान और सुरक्षा देता है। इस बड़ी उपलब्धि का श्रेय उन्होंने नगर विकास विभाग के अधिकारियों, इंजीनियरों और मैदानी स्तर पर दिन-रात जुटे कर्मियों को दिया और कहा कि यह दोहरा पुरस्कार पूरी टीम के हौसले को और बढ़ाएगा।
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