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News Samvad : बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव को चेक बाउंस मामले में सुप्रीम कोर्ट से फिलहाल थोड़ी राहत मिली है। अभिनेता बुधवार को खुद कोर्ट पहुंचे और 1.15 करोड़ रुपए का डिमांड ड्राफ्ट पेश किया। उन्होंने अदालत को भरोसा दिलाया कि बाकी 85 लाख रुपए भी जल्द जमा कर दिए जाएंगे। राजपाल यादव के मुताबिक, उनकी पुश्तैनी संपत्ति के संभावित खरीदार अनंत प्रकाश यादव इस रकम को जमा करने के लिए तैयार हैं। राजपाल यादव ने अदालत को बताया कि अनंत प्रकाश यादव कोर्ट में मौजूद हैं और सोमवार को रजिस्ट्री में 85 लाख रुपए का डिमांड ड्राफ्ट जमा कर सकते हैं। अभिनेता ने कहा कि बाकी रकम 13 अक्टूबर तक जमा कर दी जाएगी। इस दौरान कोर्ट में सीजेआई और राजपाल यादव के बीच हल्की-फुल्की बातचीत भी हुई।
फिल्म ‘अता पता लापता’ से हुआ बड़ा आर्थिक नुकसान
सुनवाई के दौरान राजपाल यादव ने अपनी फिल्म ‘अता पता लापता’ का जिक्र करते हुए कहा कि इस फिल्म की वजह से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। उन्होंने बताया कि फिल्म के कारण उन्हें करीब 200 से 250 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ, जबकि फिल्म के निर्माता भी घाटे में चले गए। राजपाल यादव अपनी आर्थिक परेशानी और पुराने विवाद का जिक्र कर रहे थे। इसी दौरान सीजेआई ने फिल्म के नाम को उनके मौजूदा हालात से जोड़ते हुए हल्के-फुल्के अंदाज में कहा, “आपकी फिल्म की तरह आपका पैसा भी अता पता लापता है, गायब।” अदालत की इस टिप्पणी के बाद कुछ देर के लिए माहौल हल्का हो गया।
राजपाल बोले, 5 करोड़ के चक्कर में 17 करोड़ भी डूब गए
राजपाल यादव ने कोर्ट में अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि कुल रकम 22 करोड़ रुपए की थी। उन्होंने दावा किया कि 5 करोड़ रुपए के विवाद की वजह से उनके 17 करोड़ रुपए भी फंस गए। अभिनेता ने कहा कि साल 2013 से उनका पैसा डूबा हुआ है और इस विवाद के कारण उन्हें लंबे समय तक आर्थिक और सामाजिक परेशानियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा, “ये मर्चेंट ऑफ वेनिस वाला केस है हुजूर। लेकिन कुल 22 करोड़ था। बचे हुए पांच करोड़ ने मेरे 17 करोड़ को 2013 से मिट्टी में मिला दिया।” राजपाल यादव ने शिकायतकर्ता के साथ अपने पुराने रिश्ते का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि जिन लोगों से उन्होंने पैसे लिए थे, वे साल 2012 में उनके दोस्त थे। अभिनेता के मुताबिक, उस समय उनसे कहा गया था कि 5 करोड़ रुपए कोई बड़ी रकम नहीं है। बाद में दोनों के बीच विवाद बढ़ गया और मामला अदालत तक पहुंच गया।
अभिनेता ने कहा कि उनके खिलाफ प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई और उनकी फिल्म को भी रोक दिया गया। उन्होंने दावा किया कि फिल्म को करीब 1200 थिएटर में रिलीज किया जाना था, लेकिन विवाद के कारण यह एक भी थिएटर में रिलीज नहीं हो सकी। राजपाल यादव ने कोर्ट में कहा कि वह 2012 में ही 5 करोड़ रुपए लौटाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन इस रकम के विवाद ने उनके 22 करोड़ रुपए को भी प्रभावित कर दिया। उन्होंने कहा कि पिछले कई वर्षों से इस मामले की वजह से उन्हें बदनामी झेलनी पड़ी है। अभिनेता ने अदालत के सामने अपनी स्थिति बताते हुए कहा कि वह कोर्ट के निर्देशों का पालन करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा, “जब चाहो, जहां चाहो भेज दो, मैं हर समय तैयार हूं।” सुप्रीम कोर्ट में अब मामले की आगे की कार्यवाही में बाकी 85 लाख रुपए जमा किए जाने को लेकर स्थिति साफ होगी। राजपाल यादव की ओर से अदालत को यह भरोसा दिया गया है कि यह रकम तय समय सीमा के भीतर जमा कर दी जाएगी।
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