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Patna : बिहार में तेजी से बढ़ रही आमदनी के बावजूद लोग शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड में निवेश के मामले में राष्ट्रीय औसत से पीछे हैं। साथ ही, पैसे दोगुना करने वाली फर्जी स्कीमों और साइबर फ्रॉड के मामलों में भी इजाफा हो रहा है। आम लोगों की गाढ़ी कमाई को सुरक्षित रखने और सही जगह निवेश सिखाने के लिए सम्राट सरकार और बाजार नियामक सेबी (SEBI) ने मिलकर एक बड़ा अभियान शुरू करने का फैसला लिया है। इसको लेकर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में आला अधिकारियों की एक हाई लेवल बैठक हुई। बैठक में मुख्य सचिव ने साफ कहा कि बिहार की विकास दर देश के औसत से बेहतर है और लोगों की प्रति व्यक्ति आय भी बढ़ी है, लेकिन सुरक्षित निवेश के मामले में जागरूकता की भारी कमी है। इसे दूर करने के लिए जल्द से जल्द जमीनी रोडमैप तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।

सबसे पहले जीविका दीदियों को ट्रेनिंग, फिर नए अफसरों की बारी
मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि इस जागरूकता अभियान की शुरुआत सबसे पहले ‘जीविका’ समूह से जुड़ी महिलाओं के साथ की जाए। ग्रामीण अर्थव्यवस्था में जीविका दीदियों की मजबूत पकड़ है, इसलिए जब वे सुरक्षित बचत और निवेश के तरीके समझेंगी, तो पूरा गांव जागरूक होगा। इसके बाद दूसरे चरण में राज्य के प्रोबेशनर अफसरों को ट्रेंड किया जाएगा, जिससे प्रशासनिक स्तर पर भी इस मुहिम को रफ्तार मिल सके।
सरकारी खजाने पर कोई बोझ नहीं, सेबी हिंदी में देगा सामग्री
सेबी अपने प्रोजेक्ट ‘जागरूक’ के तहत चलाए जा रहे अभियान ‘समझ से इन्वेस्टिंग सिंपल’ को बिहार में लागू करेगा। खास बात यह है कि इस पूरे कार्यक्रम से बिहार सरकार के खजाने पर कोई अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा। सेबी और उसके सहयोगी संस्थान, जैसे NISM, हिंदी भाषा में आसान ट्रेनिंग मॉड्यूल और अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराएंगे।

गांव और शहर के लिए बनी दो अलग रणनीतियां
राज्य के हर वर्ग तक पहुंचने के लिए दो अलग-अलग स्तरों पर योजना बनाई गई है…
1. ग्रामीण इलाकों में भरोसा और सुरक्षा : ग्राम पंचायतों, जीविका समूहों और ग्रामीण हाट-बाजारों के जरिए महिलाओं, किसानों और युवाओं को जोड़ा जाएगा। उन्हें यह समझाया जाएगा कि 21 दिन या कुछ महीनों में पैसा दोगुना करने का दावा करने वाली स्कीमें पूरी तरह फर्जी होती हैं। इसके अलावा सुरक्षित KYC कराने और धोखाधड़ी होने पर तुरंत शिकायत दर्ज कराने के तरीके बताए जाएंगे।
2. शहरों में भ्रामक टिप्स और फर्जी ऐप्स से बचाव : पटना, गया, मुजफ्फरपुर और भागलपुर जैसे बड़े शहरों के कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और दफ्तरों में विशेष कार्यशालाएं लगेंगी। यहां युवाओं और कामकाजी लोगों को फर्जी ट्रेडिंग ऐप्स और सोशल मीडिया पर भ्रामक टिप्स देने वाले स्वघोषित जानकारों से सावधान रहने के गुर सिखाए जाएंगे।
साइबर ठगी पर सीधा प्रहार
बैठक में NCRB 2024 के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया गया कि बिहार में साइबर अपराधों का सबसे बड़ा कारण वित्तीय धोखाधड़ी ही है। इस संयुक्त अभियान का मुख्य मकसद लोगों को डरने के बजाय सतर्क करना है। लोगों को सिखाया जाएगा कि अगर कोई फ्रॉड हो जाए, तो सेबी के आधिकारिक शिकायत निवारण पोर्टल और हेल्पलाइन नंबरों का उपयोग कैसे करें।

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