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Patna : बुधवार की दोपहर पटना की सड़कों पर एक अलग ही राजनीतिक तस्वीर देखने को मिली। कारगिल चौक के आसपास का इलाका सुबह से ही नारों और झंडों से पटा पड़ा था। मौका था भाजपा की ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा का, लेकिन यह सिर्फ नेताओं के भाषणों तक सीमित नहीं रहा। जब सीएम सम्राट चौधरी खुद कार्यकर्ताओं के बीच उतरे और पैदल चलना शुरू किया, तो पूरा माहौल एक राजनीतिक आंदोलन के मंच जैसा नजर आने लगा। गांधी मैदान के किनारे-किनारे कारगिल चौक से जेपी गोलंबर तक का यह सफर लोकतंत्र, इतिहास के सबक और वर्तमान की तीखी सियासत की खुली किताब जैसा दिखा।

जब जेपी की प्रतिमा के सामने झुका सिर और याद आया इतिहास
गांधी मैदान का कोना हमेशा से बिहार और देश के बड़े आंदोलनों का गवाह रहा है। पदयात्रा करते हुए जब सीएम का काफिला जेपी गोलंबर पहुंचा, तो माहौल में एक अलग तरह की गंभीरता दिखी। लोकनायक जयप्रकाश नारायण की प्रतिमा पर माल्यार्पण करते हुए सीएम ने उस दौर को याद दिलाया जब इसी मैदान से संपूर्ण क्रांति की आवाज उठी थी। उन्होंने कहा कि जो दल आज घूम-घूमकर संविधान और लोकतंत्र की दुहाई दे रहे हैं, वे असल में वही हैं जिन्होंने इस देश की छाती पर इमरजेंसी का काला दाग लगाया था। लोगों के मौलिक अधिकार छीनने वाले और जेलों में लोकतंत्र के पहरेदारों को ठूंसने वाले आज जब नसीहत देते हैं, तो यह बात किसी के गले नहीं उतरती। अगर वे इतिहास के पन्नों में दर्ज अपने पुरखों की गलतियों को देख लें, तो जनता के सामने मुंह दिखाने लायक भी नहीं बचेंगे।

जनता मालिक है, काम पर वोट देती है गालियों पर नहीं
कारगिल चौक के मंच पर जब सीएम बोलने खड़े हुए, तो उनकी आवाज में कार्यकर्ताओं का उत्साह भरने वाला लहजा साफ था। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र किसी दल की जागीर नहीं है, यहां आखिरी फैसला जनता की अदालत में होता है। देश में नरेंद्र मोदी की सरकार ने आम आदमी की बुनियादी जरूरतों से लेकर दुनिया भर में भारत की पहचान को नई ऊंचाई दी है। जब सरकार जमीन पर काम करेगी, तो जनता उसी के साथ खड़ी होगी। उन्होंने सीधे तौर पर कहा कि विपक्ष को यह हकीकत पच नहीं रही है। चुनाव बैलेट पेपर के जमाने में हुआ हो या आज ईवीएम के दौर में, कांग्रेस को जनता नकारती रही है। जब चुनाव जीतना मुमकिन नहीं दिखता, तो विपक्ष अब गाली-गलौज और प्रधानमंत्री के माता-पिता पर ओछी टिप्पणियां करने के रास्ते पर उतर आया है, जिसे कोई भी समाज कभी बर्दाश्त नहीं करेगा।

202 सीटों का भरोसा और समृद्ध बिहार की साझी जिम्मेदारी
अपने भाषण के आखिरी हिस्से में सीएम ने बिहार की राजनीतिक यात्रा को कार्यकर्ताओं से जोड़ा। उन्होंने 2025 के विधानसभा चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी और पूर्व सीएम नीतीश कुमार की जोड़ी को जनता ने 202 सीटों का जो भारी समर्थन दिया, वह विकास के वादे पर मिला भरोसा था। नीतीश जी के बाद एनडीए ने मिलकर उन्हें सीएम पद की जिम्मेदारी दी है, जो जनता के प्रति उनकी बड़ी जवाबदेही है। उन्होंने कहा कि मोदी जी के विकसित भारत और नीतीश जी के समृद्ध बिहार के विजन को जमीन पर उतारना ही इस सरकार का एकमात्र मकसद है। पदयात्रा के दौरान भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी के साथ-साथ कई मंत्री और सांसद भी लगातार जनता के बीच पैदल चलते नजर आए।
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