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Home » जिनपिंग आज चेन्नई पहुंचेंगे 2 दिन के दौरे पर, मोदी के साथ सीमा विवाद-कारोबार समेत कई मुद्दों पर चर्चा संभव
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जिनपिंग आज चेन्नई पहुंचेंगे 2 दिन के दौरे पर, मोदी के साथ सीमा विवाद-कारोबार समेत कई मुद्दों पर चर्चा संभव

October 11, 2019No Comments4 Mins Read
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चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग-नरेंद्र मोदी के बीच चेन्नई के ऐतिहासिक शहर महाबलीपुरम में मुलाकात होगी
जिनपिंग की यात्रा के मद्देनजर तमिलनाडु में सुरक्षा कड़ी, चेन्नई से महाबलीपुरम तक 5 हजार जवान तैनात
पिछले साल अप्रैल में चीन के वुहान शहर में मोदी और जिनपिंग के बीच पहली अनौपचारिक बैठक हुई थी
नई दिल्ली- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ दूसरी अनौपचारिक बैठक के लिए चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग शुक्रवार दोपहर चेन्नई पहुंचेंगे। तमिलनाडु के महाबलीपुरम में शुक्रवार और शनिवार को दोनों नेता मुलाकात करेंगे। साथ ही चेन्नई के ऐतिहासिक शहर महाबलीपुरम (मामल्लपुरम) में कई सांस्कृतिक कार्यक्रमों में शामिल होंगे। जिनपिंग के स्वागत के लिए चेन्नई एयरपोर्ट पर विशेष सजावट की गई है। शहर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम हैं, चेन्नई से महाबलीपुरम तक 5 हजार जवान तैनात हैं। रास्तों और कार्यक्रम स्थल पर 800 सीसीटीवी कैमरे लगे लगाए गए हैं। भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल ने समुद्र तट से कुछ दूरी पर युद्धपोत तैनात किए हैं।

जिनपिंग के साथ चीन के विदेश मंत्री और पोलित ब्यूरो के सदस्य भी भारत आएंगे। इस बैठक के लिए कोई एजेंडा तय नहीं है, लेकिन भारत-प्रशांत क्षेत्र, सीमा विवाद, आतंकवाद, कारोबारी असंतुलन, टेरर फंडिंग के मुद्दे पर चर्चा हो सकती है। इस दौरान कोई समझौता और एमओयू पर हस्ताक्षर नहीं होंगे, लेकिन मोदी-जिनपिंग की ओर से साझा बयान जारी हो सकता है। मोदी पिछले साल अप्रैल में पहली अनौपचारिक बैठक के लिए चीन के वुहान गए थे। दोनों नेता बैंकॉक में 31 अक्टूबर से 4 नवंबर के बीच होने जा रहे आसियान समिट में भी मिलेंगे।

एयरपोर्ट को फूलों से सजाया गया

जिनपिंग के स्वागत की विशेष तैयारियां की गई हैं। चेन्नई एयरपोर्ट को पारंपरिक रूप से केले के पत्तों, फल-फूल मालाओं के साथ सजाया गया है। वहां अनोखा स्वागत करने के लिए 2000 स्कूली छात्र जिनपिंग का मुखौटा पहनकर अंग्रेजी के शब्द वेलकम की मुद्रा में होंगे। जहां से भी जिनपिंग गुजरेंगे, वहां भारत और चीन के झंडे लगे होंगे।
एयरपोर्ट से जिनपिंग के साथ प्रधानमंत्री मोदी होटल जाएंगे। वहां खाना खाने के बाद शाम करीब 5 बजे जिनिपंग 60 किमी दूर महाबलीपुरम पहुंचेंगे। वहां वह विश्व विरासत स्थल में शामिल शोर मंदिर, 7वीं सदी का अर्जुन का तपस्या स्मारक, पल्लव वंश द्वारा बनाए गए पंच रथ मंदिर देखेंगे। वहां से दोनों नेता डिनर के लिए जाएंगे। शनिवार सुबह प्रतिनिधि स्तर की वार्ता के बाद मोदी और जिनपिंग भोजन करेंगे। दोपहर में जिनपिंग चीन लौट जाएंगे।
चीन का महाबलीपुरम से ऐतिहासिक संबंध
तमिलनाडु में बंगाल की खाड़ी किनारे स्थित महाबलीपुरम शहर चेन्नई से करीब 60 किमी दूर है। पुरातत्त्वविद् एस राजावेलु के मुताबिक, इसकी स्थापना धार्मिक उद्देश्यों से 7वीं सदी में पल्लव वंश के राजा नरसिंह वर्मन ने कराई थी। नरसिंह ने मामल्ल की उपाधि धारण की थी, इसलिए इसे मामल्लपुरम के नाम से भी जाना जाता है। यहां शोध के दौरान चीन, फारस और रोम के प्राचीन सिक्के बड़ी संख्या में मिले हैं। प्राचीन बंदरगाह वाले महाबलीपुरम का करीब 2000 साल पहले चीन के साथ खास संबंध था। पुरातत्वविद राजावेलू बताते हैं कि कि यहां बरामद हुए पहली और दूसरी सदी के मिट्टी के बर्तन हमें चीन के समुद्री व्यापार की जानकारी देते हैं। पल्लव शासन के दौरान चीनी यात्री ह्वेनसांग कांचीपुरम आए थे। पल्लव शासकों ने चीन में अपने दूत भेजे थे।

यात्रा से पहले चीन ने कश्मीर मुद्दे पर अपना रुख बदला
जिनपिंग की भारत यात्रा से पहले चीन ने मंगलवार को कश्मीर मसले पर अपना रुख बदल लिया था। मंगलवार को चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने कहा कि इस मसले को द्विपक्षीय तरीके से हल किया जाना चाहिए। इससे पहले चीन ने कश्मीर मुद्दे पर में संयुक्त राष्ट्र और उसकी सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव के मुताबिक हल निकाले जाने की बात कही थी। इसके बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के दौरे के दौरान चीन ने कहा था कि कश्मीर के हालात पर उसकी नजर है।

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