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Patna : पटना DM डॉ. त्यागराजन एसएम ने रविवार को समाहरणालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बाढ़ राहत और बचाव कार्यों की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में सभी अनुमंडल पदाधिकारी, अंचल अधिकारी और जल संसाधन विभाग के अभियंता शामिल हुए। डीएम ने कहा कि बाढ़ पीड़ितों को किसी भी स्थिति में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए और सभी विभाग मिलकर समन्वित प्रयास करें।
दो दिनों में लंबित भुगतान निपटाने का निर्देश
DM ने पिछले वर्ष के बाढ़ पीड़ितों को दी जाने वाली सहायता राशि, नाविकों का भाड़ा और गृह क्षति मुआवजा जैसे लंबित भुगतानों को अगले दो दिनों के भीतर निपटाने का निर्देश दिया।
नावों की व्यवस्था पर विशेष जोर
उन्होंने अंचल अधिकारियों से कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के नाव मालिकों से बैठक कर नावों की उपलब्धता को लेकर एग्रीमेंट करें और नावों की सूची मोबाइल नंबर सहित तैयार करें। नावों पर ओवरलोडिंग और रात में परिचालन पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए। साथ ही घाटों पर चौकीदार और दंडाधिकारी की तैनाती करने को भी कहा गया है।
डीएम ने यह भी कहा कि तेज बहाव के दौरान नावों का परिचालन नहीं किया जाए, और सभी नावों पर लाल झंडा और “निःशुल्क सेवा” का बोर्ड लगाया जाए। लाइफ जैकेट जैसे जीवन रक्षक उपकरणों की भी व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
SDRF/NDRF टीम की उपलब्धता सुनिश्चित
बाढ़ या विस्थापन की स्थिति से निपटने के लिए NDRF और SDRF टीमों की तैनाती क्षेत्रवार सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी अपर समाहर्ता आपदा को दी गई है।
सूखा राशन और सामुदायिक किचन की तैयारी
डीएम ने निर्देश दिया कि बाढ़ के समय सूखा राशन तैयार और वितरित करने के लिए जिला और अंचल स्तर पर टीमों का गठन किया जाए। साथ ही रसोइयों, आंगनबाड़ी सेविकाओं और सहायिकाओं की मदद से टोला स्तर पर भी टीम बनाई जाए ताकि जरूरत पड़ने पर सामुदायिक रसोई सुचारू रूप से संचालित की जा सके।
बांधों पर बढ़ता दबाव, तत्काल कटाव निरोधक कार्य का आदेश
समीक्षा के दौरान जानकारी दी गई कि दरधा और धोबा नदी, सलारपुर, होरल बिगहा, मसनदपुर, और निसबुचक गांव जैसे क्षेत्रों में बांधों पर पानी का दबाव बढ़ गया है। कुछ जगहों पर सड़क के दोनों ओर पानी बह रहा है और कटाव की आशंका है।
इस पर DM ने गंभीर रुख अपनाते हुए जल संसाधन विभाग के अधीक्षण अभियंता से जवाब-तलब किया और 24 घंटे के अंदर मरम्मत कार्य पूरा करने का सख्त निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही के लिए संबंधित अभियंता जिम्मेदार होंगे।
सभी अधिकारियों को चौकस रहने का निर्देश
अंत में DM ने सभी अनुमंडल और अंचल स्तर के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे चौकस और भ्रमणशील रहकर 24 घंटे हालात पर नजर बनाए रखें, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
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