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Patna : पटना प्रमंडल के आयुक्त डॉ. चन्द्रशेखर सिंह के निर्देश पर 4 अगस्त 2025 से पटना शहर में अतिक्रमण हटाने के लिए विशेष अभियान शुरू होगा। इसके लिए DM डॉ. त्यागराजन एस.एम. और SSP कार्तिकेय के. शर्मा ने नौ टीमों का गठन किया है। यह अभियान पटना नगर निगम के छह अंचलों (नूतन राजधानी, पाटलिपुत्र, कंकड़बाग, बांकीपुर, अजीमाबाद, पटना सिटी) के साथ-साथ खगौल, फुलवारीशरीफ और दानापुर निजामत में भी चलाया जाएगा।
सभी विभागों को समन्वय से कार्य करने का आदेश
इस अभियान में प्रशासन, नगर निगम, ट्रैफिक पुलिस, परिवहन, राजस्व, पथ निर्माण, स्वास्थ्य, पुलिस, अग्निशाम, पुल निर्माण निगम, दूरसंचार, वन और विद्युत विभाग के कर्मचारी शामिल होंगे। आयुक्त ने सभी अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने और निर्देशों का पालन करने का आदेश दिया है। आयुक्त ने कहा कि पटना की शहरी व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए एक समर्पित शहरी प्रबंधन इकाई बनाई गई है। उन्होंने अपर जिला दंडाधिकारी (नगर-व्यवस्था) को मुख्य सड़कों और क्षेत्रों को अतिक्रमण मुक्त रखने के लिए नियमित अभियान चलाने का निर्देश दिया। साथ ही, नो-वेंडिंग जोन को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त रखने और दोबारा अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ FIR करने का आदेश दिया गया।
अस्थायी अतिक्रमण पर लगेगा जुर्माना
यह अभियान 30 अगस्त तक चलेगा और इसमें शहर की मुख्य सड़कों जैसे नेहरू पथ, अटल पथ, बोरिंग रोड, अशोक राजपथ, कंकड़बाग रोड, सगुना मोड़ आदि को अतिक्रमण मुक्त किया जाएगा। प्रत्येक टीम में दंडाधिकारी, पुलिस, महिला बल और नगर निगम के कर्मचारी शामिल होंगे। अभियान की वीडियोग्राफी की जाएगी और अतिक्रमण में इस्तेमाल सामान जब्त कर जुर्माना लगाया जाएगा। अस्थायी अतिक्रमण पर 5,000 रुपये और स्थायी अतिक्रमण पर 20,000 रुपये का जुर्माना लगेगा। आयुक्त ने कहा कि जनता की सुविधा के लिए सड़कें और फुटपाथ अतिक्रमण मुक्त रखना जरूरी है। इसके लिए सभी संबंधित विभागों को मिलकर काम करने और अभियान को सफल बनाने का निर्देश दिया गया है। साथ ही, यातायात पुलिस को विशेष वाहन जांच अभियान चलाने और अवैध पार्किंग पर कार्रवाई करने का आदेश दिया गया।
अभियान की निगरानी के लिए मॉनिटरिंग सेल गठित
इसके लिए एक पांच सदस्यीय मॉनिटरिंग सेल भी बनाई गई है, जिसमें यातायात पुलिस अधीक्षक, अपर जिला दंडाधिकारी (नगर-व्यवस्था), सुरक्षा और विधि-व्यवस्था पुलिस अधीक्षक, अपर नगर आयुक्त और सिटी मजिस्ट्रेट शामिल हैं। यह सेल अभियान की निगरानी करेगी।
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