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Lakhisarai : सावन की चौथी सोमवारी पर लखीसराय के प्रसिद्ध अशोक धाम मंदिर में इस बार कांवड़ियों के जलाभिषेक का तरीका बदला रहेगा। देवघर की तर्ज पर श्रद्धालुओं को लोहे के अरघा सिस्टम से भगवान भोलेनाथ पर जल चढ़ाने की व्यवस्था की गई है। मंदिर में उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन पिछले पांच दिनों से लगातार तैयारियों में जुटा है। प्रशासन का पूरा जोर इस बार श्रद्धालुओं को सुरक्षित तरीके से दर्शन और जलाभिषेक कराने पर है। पिछली बार जलाभिषेक के दौरान हुई भगदड़ में सात महिलाओं की मौत के बाद प्रशासन ने इस बार सुरक्षा व्यवस्था में कोई ढिलाई नहीं बरतने का फैसला किया है। मंदिर परिसर से लेकर रेलवे स्टेशन और श्रद्धालुओं के आने-जाने वाले रास्तों तक पुलिस और प्रशासन की निगरानी रहेगी।
लोहे के अरघे से होगा जलाभिषेक, भीड़ को नियंत्रित करने की तैयारी
प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, इस बार शिवलिंग पर सीधे भीड़ लगाकर जल चढ़ाने के बजाय लोहे के अरघा सिस्टम का इस्तेमाल किया जाएगा। जिस तरह श्रद्धालु भगवान सूर्य को अर्घ्य देते समय एक तय दूरी और व्यवस्था के तहत जल अर्पित करते हैं, उसी तरह अरघे के जरिए शिवलिंग पर जल चढ़ाया जाएगा। इससे एक साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शिवलिंग के पास पहुंचने की स्थिति नहीं बनेगी और भीड़ को नियंत्रित करना आसान होगा। मंदिर और आसपास के इलाकों में चार दर्जन से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। ड्रोन कैमरों से भी भीड़ की लगातार निगरानी की जाएगी। इसके लिए कंट्रोल रूम बनाया गया है, जहां से अलग-अलग जगहों की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। किसी स्थान पर अचानक भीड़ बढ़ती है तो वहां तैनात अधिकारियों को तत्काल सूचना दी जाएगी। जरूरत पड़ने पर सीटी बजाकर श्रद्धालुओं को नियंत्रित किया जाएगा और भीड़ को दूसरे रास्ते या स्थान की ओर मोड़ा जाएगा।एसपी प्रेरण कुमार ने बताया कि किसी भी जगह पर भीड़ ज्यादा बढ़ने या भगदड़ जैसी स्थिति बनने की आशंका होने पर वहां मौजूद अधिकारी तुरंत सक्रिय होंगे। श्रद्धालुओं को कुछ समय के लिए दूसरे पॉइंट पर रोका जाएगा और फिर भीड़ को धीरे-धीरे आगे बढ़ाया जाएगा। इसका मकसद किसी भी स्थिति में लोगों को एक साथ धक्का-मुक्की करते हुए आगे बढ़ने से रोकना है।
तीन बटालियन फोर्स, रेलवे स्टेशन पर भी रहेगी कड़ी निगरानी
राज्य सरकार के निर्देश पर चौथी सोमवारी को अशोक धाम में बड़ी संख्या में पुलिस बल और दंडाधिकारी तैनात रहेंगे। करीब तीन बटालियन फोर्स के साथ तीन दर्जन से अधिक दंडाधिकारी और पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। अशोक धाम रेलवे स्टेशन पर भी सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। यहां जीआरपी के 25 और आरपीएफ के 15 जवान तैनात रहेंगे। कांवड़ियों की सुविधा को देखते हुए डीएम के अनुरोध पर दानापुर मंडल की ओर से अशोक धाम रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों के दो मिनट के ठहराव की व्यवस्था की गई है। इससे ट्रेन से आने वाले श्रद्धालुओं को उतरने के बाद मंदिर तक पहुंचने में सुविधा होगी। रेलवे स्टेशन पर भीड़ को देखते हुए पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल के जवान लगातार निगरानी करेंगे। स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन ने तैयारी की है। वास्तु विहार कैंपस में दर्जनों बेड की व्यवस्था की गई है। यहां डॉक्टर, नर्स और इमरजेंसी सेवाएं उपलब्ध रहेंगी। श्रद्धालुओं के रास्ते की मरम्मत कराने के साथ जगह-जगह मजबूत बैरिकेडिंग भी की गई है, ताकि भीड़ को तय रास्ते से ही आगे बढ़ाया जा सके।
सुबह 3 बजे से लागू रहेगा सुरक्षा प्लान, पिछली घटना से लिया सबक
जिला प्रशासन के निर्देश के अनुसार सोमवार की सुबह तीन बजे से ही मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की तैनाती प्रभावी हो जाएगी। दोपहर 12 बजे तक भीड़ की स्थिति पर लगातार नजर रखी जाएगी। मौके की स्थिति के अनुसार श्रद्धालुओं की आवाजाही और जलाभिषेक की व्यवस्था को नियंत्रित किया जाएगा। पिछली घटना प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है। बीते 17 अगस्त को जलाभिषेक के दौरान अचानक करीब 50 हजार श्रद्धालुओं की भीड़ जुट गई थी। इसी दौरान लाइन में लगे कांवड़ियों के बीच बिजली का करंट फैलने की अफवाह फैल गई। देखते ही देखते लोग घबरा गए और परिसर में भगदड़ मच गई। इस हादसे में सात महिलाओं की मौत हो गई थी, जबकि करीब 25 श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हुए थे। उस घटना के बाद इस बार प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन को लेकर पहले से तैयारी की है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी अफवाह को फैलने से रोकना और भीड़ को एक जगह जमा नहीं होने देना सबसे अहम है। मंदिर परिसर में तैनात अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर रखेंगे। प्रशासन की कोशिश है कि श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर सकें, लेकिन इसके साथ उनकी सुरक्षा भी पूरी तरह सुनिश्चित रहे।
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