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Patna : बिहार विधानसभा में वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने 3.47 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया है। यह राज्य का अब तक का सबसे बड़ा बजट है। सरकार ने इस बार शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास, किसानों, महिलाओं और बुनियादी सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया है।
सरकार का कहना है कि इस बजट से गांव से लेकर शहर तक विकास की रफ्तार तेज होगी और आने वाले वर्षों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
नीचे बजट की 10 सबसे अहम बातें आसान भाषा में दी जा रही हैं।
1. बिहार का अब तक का सबसे बड़ा बजट
इस साल राज्य सरकार ने कुल 3.47 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया है।
यह बजट पिछले साल के मुकाबले करीब 30 हजार करोड़ रुपये ज्यादा है।
सरकार का दावा है कि बढ़े हुए बजट से विकास कार्यों में तेजी आएगी।
2. विकास कार्यों पर खर्च बढ़ाया गया
सड़क, पुल, बिजली, पानी और सरकारी भवन जैसे कामों के लिए
63,455 करोड़ रुपये का पूंजीगत खर्च रखा गया है।
इसका सीधा मतलब है कि आधारभूत ढांचे पर सरकार ज्यादा पैसा लगाएगी।
3. शिक्षा को सबसे ज्यादा बजट
स्कूल और कॉलेज शिक्षा के लिए इस बार
68,216 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
यह किसी भी विभाग को मिलने वाला सबसे बड़ा बजट है।
4. स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास पर विशेष ध्यान
स्वास्थ्य सेवाओं के लिए
21,270 करोड़ रुपये रखे गए हैं।
वहीं ग्रामीण विकास के लिए
23,701 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे गांवों में सड़क, आवास और अन्य सुविधाओं को बेहतर बनाया जाएगा।
5. किसानों को सालाना अतिरिक्त सहायता
मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत अब किसानों को
3,000 रुपये प्रति वर्ष अतिरिक्त दिए जाएंगे।
इससे छोटे और सीमांत किसानों को सीधी राहत मिलने की बात कही गई है।
6. महिलाओं के लिए आर्थिक सहायता और ऋण
स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को
10,000 रुपये से लेकर 2 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता या ऋण देने का प्रावधान किया गया है।
सरकार का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है।
7. रोजगार बढ़ाने का लक्ष्य
सरकार ने दावा किया है कि
2025 से 2030 के बीच 1 करोड़ रोजगार के अवसर तैयार किए जाएंगे।
इसके लिए उद्योग, कौशल विकास और विभिन्न योजनाओं पर काम किया जाएगा।
8. बिजली, पानी और सिंचाई पर जोर
सरकार ने हर खेत तक पानी पहुंचाने,
गंगा जल आपूर्ति योजना
और बिजली उत्पादन व खपत बढ़ाने पर फोकस किया है।
इससे खेती और घरेलू जरूरतों दोनों में सुधार लाने का लक्ष्य है।
9. गरीब, एससी और एसटी वर्ग के लिए अलग बजट
अनुसूचित जाति वर्ग के लिए
19,603 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए
1,648 करोड़ रुपये रखे गए हैं।
सरकार का कहना है कि इससे सामाजिक योजनाओं को मजबूत किया जाएगा।
10. राजकोषीय घाटा नियंत्रण में
राज्य सरकार ने दावा किया है कि
राजकोषीय घाटा 3 प्रतिशत से कम रखा गया है।
इसका मतलब है कि सरकार खर्च के साथ-साथ वित्तीय संतुलन पर भी ध्यान दे रही है।
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