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Ranchi : राजधानी रांची के अनगड़ा थाना क्षेत्र से एक बड़ी खबर सामने आई है। पुलिस ने सीताडीह गांव में चल रहे अवैध हथियार बनाने और बेचने के धंधे का पर्दाफाश किया है। गुप्त सूचना के आधार पर की गई छापेमारी में पुलिस ने 19 तैयार देशी बंदूक, 4 अर्धनिर्मित हथियार और भारी मात्रा में हथियार बनाने का सामान बरामद किया है। इस मामले में 60 साल के नारायण लोहरा को गिरफ्तार किया गया है। वह अनगड़ा के सीताडीह गांव का रहने वाला है। पूछताछ में उसने खुद माना कि वह घर में ही हथियार बनाकर बेचता था।
शाम की सूचना, रात में छापा
रांची के रुरल एसपी प्रवीण पुष्कर ने बताया कि 6 फरवरी की शाम करीब 6:40 बजे पुलिस को खबर मिली थी कि सीताडीह गांव में एक व्यक्ति अपने घर में अवैध हथियार तैयार कर रहा है। सूचना मिलते ही एसएसपी राकेश रंजन के निर्देश पर तुरंत टीम बनाई गई। सिल्ली डीएसपी रणवीर सिंह के नेतृत्व में और अनगड़ा के सर्किल इंस्पेक्टर रविन्द्रनाथ सिंह की अगुवाई में टीम गांव पहुंची। पुलिस ने बिना समय गंवाए संदिग्ध के घर पर छापा मारा।
घर के अंदर चल रही थी ‘छोटी फैक्ट्री’
छापेमारी के दौरान जो नजारा सामने आया, उसने पुलिस को भी चौंका दिया। घर के अंदर से 10 तैयार सिंगल बैरल देशी बंदूक मिलीं। इसके अलावा घर के पीछे एल्वेस्टर के नीचे 9 और तैयार हथियार छिपाकर रखे गए थे। यहीं नहीं, 4 अर्धनिर्मित हथियार और हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाले औजार भी बरामद किए गए। जब पुलिस ने लाइसेंस या कोई वैध कागजात मांगे तो आरोपी कुछ भी नहीं दिखा सका।
कबूल किया अवैध धंधा
पुलिस हिरासत में पूछताछ के दौरान नारायण लोहरा ने साफ तौर पर स्वीकार किया कि वह अवैध रूप से हथियार बनाकर बेचता था। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि वह ये हथियार किन लोगों को सप्लाई करता था और इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
आर्म्स एक्ट में केस दर्ज
अनगड़ा थाना में आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब पूरे नेटवर्क को खंगालने की तैयारी में है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इस मामले में और खुलासे हो सकते हैं।
राजधानी में 60 साल का बुजुर्ग बना रहा था मौत का सामान, कैसे खुला राज, बता गया रांची के रुरल एसपी प्रवीण पुष्कर… जानें pic.twitter.com/sm55tbYrBY
— News Samvad (@newssamvaad) February 7, 2026
सराहनीय रही इनकी भूमिका
इस पूरी कार्रवाई में इंस्पेक्टर रविन्द्रनाथ सिंह, थानेदार गौतम कुमार रजवार, एसआई अनिल कुमार मेहता और एएसआई विजय कुमार दास की भूमिका सराहनीय रही।
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