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Ramgarh (Dharmendra Pradhan) : रामगढ़ के गोला प्रखंड के नेमरा गांव में सोमवार का दिन खास रहा। संथाल समाज की पारंपरिक ‘कुठ कटी’ रीति से नाइके चयन की प्रक्रिया हुई और इस मौके पर खुद सीएम हेमंत सोरेन मौजूद रहे। गांव में सुबह से ही हलचल थी। दोपहर करीब 1:30 बजे सीएम का हेलीकॉप्टर नेमरा के स्थायी हेलीपैड पर उतरा, जहां पुलिस प्रशासन ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। हेलीपैड से वे सीधे अपने पैतृक घर पहुंचे, परिवार के लोगों से मुलाकात की और फिर करीब दो बजे आमसभा स्थल पर पहुंच गए। खास बात यह रही कि वे चयन प्रक्रिया में शुरुआत से लेकर आखिर तक मौजूद रहे।
सर्वसम्मति से चेतन टुडू बने नाइके बाबा
सोहन सोरेन के त्यागपत्र के बाद यह आमसभा बुलाई गई थी। गांव और समाज के लोगों की मौजूदगी में सर्वसम्मति से चेतन टुडू को नया नाइके बाबा चुना गया। उन्हें पारंपरिक पगड़ी पहनाई गई, हथियार देकर सम्मानित किया गया और विधिवत जिम्मेदारी सौंपी गई। नाइके के तौर पर अब वे ग्राम देवताओं की पूजा, फसल और बारिश से जुड़े अनुष्ठान, और सामाजिक-सांस्कृतिक आयोजनों की अगुवाई करेंगे। पहले से समाज में सक्रिय पदाधिकारियों में मांझी बाबा हेतंत सोरेन, प्राणिक बाबा बिरजू सोरेन, भादो राम बाबा सुखदेव किस्कू, कुड़म नाइके छुट्टू बेसरा और जोग मांझी विश्वनाथ बेसरा शामिल रहे।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम
सीएम के कार्यक्रम को देखते हुए गांव और आसपास के इलाकों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। हेलीपैड से लेकर सभा स्थल तक सुरक्षा घेरा बना रहा। डीडीसी आशीष अग्रवाल, डीएसपी मुख्यालय चंदन वत्स, इंस्पेक्टर पंकज कुमार, बीडीओ सुधा वर्मा, सीओ सीताराम महतो, बरलंगा थाना प्रभारी अशोक कुमार समेत कई अधिकारी मौके पर मौजूद थे और पूरी व्यवस्था पर नजर रखे हुए थे।
ग्रामीणों ने रखीं अपनी समस्याएं
कार्यक्रम सिर्फ परंपरा तक सीमित नहीं रहा। ग्रामीणों ने मौके का फायदा उठाते हुए अपनी समस्याएं सीधे मुख्यमंत्री के सामने रखीं। सबसे ज्यादा मांग धान अधिप्राप्ति केंद्र खोलने को लेकर उठी। किसानों का कहना था कि अगर स्थानीय स्तर पर केंद्र खुलेगा तो उन्हें अपनी उपज का सही दाम मिल सकेगा। स्वास्थ्य सेवाओं की कमी, अस्पतालों में सुविधाओं का अभाव और डॉक्टरों की उपलब्धता जैसे मुद्दे भी सामने आए। ओराडीह क्षेत्र की महिलाओं ने पेयजल संकट और बुनियादी सुविधाओं की समस्या बताई। महिला समिति की ओर से विकास कार्यों से जुड़े आवेदन भी सौंपे गए। मुख्यमंत्री ने सभी आवेदनों को संबंधित अधिकारियों को भेजते हुए जल्द कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

चाचा से मुलाकात, बेहतर इलाज का निर्देश
नेमरा दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने अपने चाचा श्रीकांत सोरेन से भी मुलाकात की, जो पिछले पांच वर्षों से लकवा से पीड़ित हैं। उनकी सेहत की जानकारी लेने के बाद सिविल सर्जन नवल कुमार को साफ निर्देश दिया गया कि इलाज में किसी तरह की लापरवाही न हो, जरूरी दवाएं और सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं और नियमित मॉनिटरिंग हो।
परंपरा और प्रशासन साथ-साथ
संथाल समाज में नाइके का पद सिर्फ धार्मिक नहीं, बल्कि सामाजिक रूप से भी बेहद अहम माना जाता है। गांव के बड़े फैसलों और अनुष्ठानों में उनकी भूमिका केंद्रीय होती है। मुख्यमंत्री की मौजूदगी में पूरे सम्मान के साथ पारंपरिक रीति-रिवाज निभाए गए। इससे ग्रामीणों में खास उत्साह देखने को मिला। लोगों का कहना था कि यह सिर्फ एक चयन प्रक्रिया नहीं, बल्कि अपनी पहचान और परंपरा का सम्मान है।

बीच में नेटवर्क ठप, लेकिन कार्यक्रम शांतिपूर्ण
कार्यक्रम के दौरान कुछ समय के लिए बीएसएनएल टॉवर का सिग्नल बाधित हो गया, जिससे इंटरनेट सेवा प्रभावित रही। हालांकि इससे आयोजन पर कोई खास असर नहीं पड़ा और पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। मौके पर मुखिया जीतलाल टुडू, पूर्व मुखिया अनुज कुमार, कपिल महतो, हरण सिंह मुंडा, आलम अंसारी, बरतू करमाली, सुनील करमाली, फखरुद्दीन अंसारी, सतीश मुर्मू (मुखिया, सूतरी पंचायत), गोला थाना प्रभारी अभिषेक कुमार समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
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