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Pakur (Jaydev Kumar) : कानून व्यवस्था की जिम्मेदारियों और रोजमर्रा की भागदौड़ के बीच जब पुलिसकर्मी कुछ पल अपने लिए निकालते हैं, तो उसका असर सिर्फ शरीर पर नहीं, मन पर भी दिखता है। पाकुड़ जिला मुख्यालय स्थित पुलिस केंद्र के शहीद अमरजीत बलिहार स्टेडियम में ऐसा ही एक सुकून भरा दृश्य देखने को मिला, जब SDPO पाकुड़ और SDPO महेशपुर की टीमों के बीच फ्रेंडली क्रिकेट मैच खेला गया।
ड्यूटी से पहले खेल का मैदान
आमतौर पर इसी परिसर से गश्त, जांच और फाइलों की आवाजाही होती है। लेकिन इस दिन मैदान में फरियाद और आदेश नहीं, बल्कि बल्लेबाज की आवाज और गेंद की टप्पे गूंज रहे थे। खिलाड़ी वर्दी में नहीं, खेल भावना के रंग में नजर आए। हर रन पर तालियां थीं और हर विकेट पर मुस्कान।

मैच नहीं, आपसी जुड़ाव का मौका
पहले बल्लेबाजी करते हुए SDPO महेशपुर की टीम ने 12 ओवर में 61 रन बनाए। यह स्कोर भले बड़ा नहीं था, लेकिन मैदान पर मौजूद हर खिलाड़ी के लिए यह मुकाबला जीत-हार से ज्यादा आपसी जुड़ाव का अवसर था। जवाब में SDPO पाकुड़ की टीम ने आत्मविश्वास के साथ खेलते हुए मात्र छठे ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया।
थकान की जगह ताजगी
मैच के दौरान खिलाड़ियों के चेहरों पर थकान नहीं, ताजगी साफ दिख रही थी। कुछ देर के लिए ही सही, लेकिन कानून व्यवस्था का दबाव पीछे छूट गया। मैदान पर हंसी, मजाक और हल्की-फुल्की प्रतिस्पर्धा ने माहौल को सहज बना दिया।

सम्मान और संदेश
मैच के बाद पुलिस अधीक्षक निधि द्विवेदी ने दोनों टीमों को ट्रॉफी देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि खेलकूद केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि मानसिक संतुलन और टीमवर्क का मजबूत माध्यम है। उन्होंने सभी पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों से नियमित रूप से खेल गतिविधियों में भाग लेने की अपील की।
मैदान से मिली नई ऊर्जा
यह फ्रेंडली मैच सिर्फ एक खेल आयोजन नहीं था, बल्कि यह संदेश भी था कि वर्दी के पीछे भी इंसान होते हैं। ऐसे आयोजन पुलिसकर्मियों को नई ऊर्जा देते हैं, जो अंततः उनकी ड्यूटी और जनता के साथ व्यवहार में भी झलकती है। पाकुड़ पुलिस केंद्र का यह मैदान उस दिन खेल का नहीं, इंसानी जुड़ाव का गवाह बना।

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