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Ranchi : फरवरी 2026 की एक ठंडी सुबह, झारखंड के एक आम आदमी के फोन पर एक अजनबी कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को केंद्रीय प्रवर्तन एजेंसी का अधिकारी बताया। शुरुआत में सवाल साधारण लगे, लेकिन जल्द ही धमकियां शुरू हो गईं। पीड़ित ने पुलिस को बताया, “मैं समझ ही नहीं पा रहा था कि क्या करूं। बार-बार धमकियां मिल रही थीं, और मेरी जान को खतरा बताया जा रहा था।” डर और घबराहट में उसने अपने बैंक खातों से कुल 38,62,982 रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दिए।
डर दिखाकर ट्रांसफर कराये पैसे
पीड़ित ने बताया कि शातिर ठगों ने खुद को सरकारी अधिकारी बताकर कहा कि वह किसी गंभीर मामले में शामिल हैं और डिजिटल अरेस्ट किया जा रहा है। डर और कानूनी कार्रवाई की धमकी देकर पीड़ित को मजबूर किया गया और कई बैंक खातों में लाखों रुपये ट्रांसफर करवा लिए गए।
डिजिटल फुटप्रिंट्स के जरिये पहुंची CID
CID डीएसपी नेहा बाला ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सीआईडी ने तकनीकी टीम की मदद से डिजिटल फुटप्रिंट्स का पीछा किया। जांच में मिले सुरागों के आधार पर जमशेदपुर में छापेमारी की गई। इस ऑपरेशन में घाटशिला और कदमा पुलिस की मदद से तीन आरोपियों को पकड़ लिया गया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में रोहित कुमार जैन, संजीव कुमार मिश्रा और लोकेश महतो शामिल हैं। पुलिस ने उनके पास से ठगी में इस्तेमाल किए गए उपकरण और अन्य आपत्तिजनक सामान भी बरामद किया। सीआईडी अब इस गिरोह के मुख्य हैंडलरों और उन बैंक म्यूल की पहचान करने में जुटी है, जिनका इस्तेमाल पैसे छिपाने के लिए किया गया था।
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