अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :
Muzaffarpur : माखन साह चौक की वह पान की दुकान, जो हर दिन हंसी मजाक और ग्राहकों की आवाजों से गुलजार रहता था, वहां अब सिर्फ खामोश थी। दुकान के पास खून से लथपथ पड़ा था मनोज राय। वही मनोज, जो रोज सुबह पान सजाता था और रात तक परिवार के लिए दो वक्त की रोटी का जुगाड़ करता था। किसी ने सोचा भी नहीं था किघर का कलेश उसे इस तरह मौत के मुंह में धकेल देगा।
खून देखकर चीख पड़े लोग, तुरंत पहुंची पुलिस
सुबह जब आसपास के लोग उधर से गुजरे तो मनोज को खून में सना देखकर चीख निकल गई। कुछ पल में चौक पर भीड़ जमा हो गई। किसी ने नगर थाना को फोन किया। पुलिस मौके पर पहुंची और गंभीर हालत में मनोज को सदर अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
एक मेहनती दुकानदार, जो परिवार के लिए जी रहा था
मनोज राय कोई अपराधी नहीं था। वह एक साधारण पान दुकानदार था, जो अपने छोटे से कारोबार से घर चला रहा था। पड़ोसी बताते हैं कि मनोज शांत स्वभाव का था, ज्यादा बोलता नहीं था। सुबह दुकान और रात को घर, यही उसकी दुनिया थी।
घर के भीतर था कलेश
मनोज की मौत के बाद जो कहानी सामने आई, उसने सभी को झकझोर दिया। मृतक की मां का इल्जाम है कि उनकी बहू का किसी दूसरे लड़के के साथ इश्क का लफड़ा है। मनोज ने जब इसका प्रतिरोध किया, तो घर में कलेश बढ़ गया। घरवालों का कहना है कि घटना वाले दिन मनोज ने अपनी पत्नी के मोबाइल पर उसके आशिक का कॉल देख लिया था। इसी बात को लेकर झगड़ा हुआ और कुछ ही घंटों बाद मनोज की गला रेतकर हत्या कर दी गई।
मां की टूटी आवाज, ‘मेरा बेटा गलत नहीं था’
अस्पताल के बाहर बैठी मां बार बार यही कहती रही, “मेरा बेटा मेहनत से कमाता था, किसी से दुश्मनी नहीं थी। अगर उसने गलत का विरोध किया, तो उसकी जान ले ली गई।” उनकी आंखों में आंसू और चेहरे पर सवाल थे, जिनका जवाब अब पुलिस ढूंढ रही है।
पुलिस हर एंगल से जांच में जुटी
घटना की गंभीरता को देखते हुए एसडीपीओ टाउन वन सुरेश कुमार मौके पर पहुंचे। पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू की है और सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हत्या गला रेतकर की गई है और प्रेम प्रसंग समेत सभी बिंदुओं पर जांच चल रही है।
एक दुकान बंद हुई, एक परिवार उजड़ गया
मनोज की दुकान अब बंद पड़ी है। पान की खुशबू की जगह वहां खून के धब्बे और सन्नाटा है। यह सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि उस आम आदमी की कहानी है, जो अपने घर के अंदर चल रही उथल पुथल में अकेला पड़ गया और उसकी कीमत अपनी जान देकर चुकाई। पुलिस का दावा है कि जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा, लेकिन मनोज के परिवार के लिए अब कोई खुलासा उस खालीपन को नहीं भर सकता, जो हमेशा के लिए रह गया है।
इसे भी पढ़ें : एक दूसरे का हाथ पकड़ 9वीं मंजिल से कूद गईं तीन सगी बहनें, मचा तहलका



