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New Delhi : नई दिल्ली के भारत मंडपम में कल से तीन दिन तक लोकतंत्र और चुनाव प्रबंधन पर एक अनूठा अंतरराष्ट्रीय संवाद शुरू होने जा रहा है। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा आयोजित IICDEM-2026 में दुनिया भर से आए प्रतिनिधि, चुनाव विशेषज्ञ और शैक्षणिक संस्थान मिलकर लोकतंत्र के भविष्य पर चर्चा करेंगे।
प्रतिनिधियों का उत्साह और आगमन
32 देशों के 71 प्रतिनिधि अब तक नई दिल्ली पहुंच चुके हैं। होटल लॉबी में बातचीत करते हुए कई प्रतिनिधियों ने साझा किया कि भारत में लोकतंत्र के विविध अनुभव और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता उन्हें विशेष रूप से आकर्षित करती है। “यह हमारा सौभाग्य है कि हम भारत के चुनावी प्रबंधन को इतने करीब से देख सकते हैं,” एक अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि ने कहा।
उद्घाटन समारोह और स्वागत
कल मुख्य चुनाव आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू एवं डॉ. विवेक जोशी उद्घाटन समारोह में प्रतिनिधिमंडलों का स्वागत करेंगे। समारोह में परंपरा और आधुनिकता का संगम देखने को मिलेगा, जिसमें भारत की लोकतांत्रिक विविधता को प्रदर्शित करने वाले सांस्कृतिक और औपचारिक कार्यक्रम शामिल हैं।

तीन दिवसीय संवाद की रूपरेखा
सम्मेलन में उद्घाटन सत्र, ईएमबी नेताओं के पूर्ण सत्र, कार्य समूह की बैठकें और वैश्विक चुनावी मुद्दों पर थीम आधारित चर्चा आयोजित होंगी। प्रतिनिधि न केवल अपने अनुभव साझा करेंगे बल्कि नई चुनौतियों और नवाचारों पर भी विचार करेंगे।
शैक्षणिक और विशेषज्ञ सहयोग
36 विषयगत समूहों में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारी, 4 IIT, 6 IIM, 12 राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय और IIMC के विशेषज्ञ गहन विचार-विमर्श करेंगे। यह सम्मेलन छात्रों, शोधकर्ताओं और प्रैक्टिशनरों के लिए सीखने और नेटवर्किंग का एक अद्वितीय अवसर है।

भारत का वैश्विक नेतृत्व
इस वर्ष भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार ने International IDEA के सदस्य देशों की परिषद की अध्यक्षता संभाली है। IICDEM-2026 इस थीम “समावेशी, शांतिपूर्ण, लचीले और टिकाऊ विश्व के लिए लोकतंत्र” को वैश्विक मंच पर आगे बढ़ाएगा। यह सम्मेलन लोकतंत्र और चुनावी शासन पर उच्च स्तरीय संवाद की दिशा तय करेगा।
झलक रहा उत्साह और जिज्ञासा
प्रतिनिधियों के चेहरों पर उत्साह और जिज्ञासा साफ झलक रहा है। किसी ने कहा, “हम यहाँ सिर्फ सीखने नहीं आए हैं, बल्कि भारत के लोकतंत्र की कहानी सुनने और साझा करने आए हैं।” इस तरह IICDEM-2026 न केवल एक तकनीकी सम्मेलन है बल्कि लोकतंत्र की आत्मा को महसूस करने का अनुभव भी है।
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