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Ranchi : झामुमो यानी झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी से कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की विदेश यात्रा और वहां की बैठकों के महत्व को गंभीरता से समझना चाहिए। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की यात्रा उच्च स्तर पर स्वीकृत है और इसे केवल औपचारिक मुलाकात मानना सही नहीं है।
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम और संवाद
विनोद पांडेय ने कहा कि हेमंत सोरेन ऑक्सफोर्ड और यूके में कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों और संवादों में भाग ले रहे हैं। मुख्यमंत्री भारत और झारखंड का प्रतिनिधित्व पूरी तैयारी और स्पष्ट उद्देश्य के साथ कर रहे हैं और सभी दृष्टिकोणों को समझने की कोशिश कर रहे हैं।
दूरदर्शी नेतृत्व का उदाहरण
विनोद पांडेय ने बताया कि झारखंड ने केवल छह हफ्तों की तैयारी में दावोस में प्रतिनिधित्व किया और भारत–यूके मुक्त व्यापार समझौते के तुरंत बाद यूके पहुंचने वाला पहला राज्य बना। उन्होंने कहा कि यह सफलता केवल बयानबाजी से नहीं, बल्कि सक्षम नेतृत्व और प्रशासन के कारण हासिल हुई है।
शैक्षणिक और वैश्विक मान्यता
झामुमो महासचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री को ऑल सोल्स कॉलेज और सेंट जॉन कॉलेज में आधिकारिक मान्यता मिली, वही कॉलेज जहां जयपाल सिंह मुंडा ने शिक्षा प्राप्त की थी। उन्होंने ब्लावटनिक स्कूल ऑफ गवर्नमेंट में भी व्याख्यान दिया, जो विश्व के प्रमुख गवर्नेंस संस्थानों में शामिल है।
विपक्ष के लिए संदेश
विनोद पांडेय ने बाबूलाल मरांडी को सलाह दी कि आरोप लगाने से पहले यात्रा के उद्देश्य, महत्व और उपलब्धियों को समझें। उन्होंने कहा कि जलन और नकारात्मक राजनीति छोड़कर झारखंड के वैश्विक मंच पर गर्वपूर्ण प्रतिनिधित्व पर ध्यान देना ही जिम्मेदार विपक्ष की पहचान है।
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