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Ramgarh (Dharmendra Pradhan) : रामगढ़ के कुजू इलाके में मंगलवार का दिन अचानक अफरा-तफरी में बदल गया। श्रीराम पावर एंड स्टील प्राइवेट लिमिटेड प्लांट में रोज की तरह मजदूर अपने-अपने काम में जुटे थे। मशीनों की आवाज और काम की रफ्तार के बीच किसी ने सोचा भी नहीं था कि कुछ ही पल में एक बड़ा हादसा हो जाएगा। काम के दौरान ऊंचाई पर लगे एक प्लेटफॉर्म से मजदूर विकास चौहान का संतुलन बिगड़ा और वह नीचे गिर पड़ा। गिरते ही आसपास काम कर रहे मजदूरों के बीच हड़कंप मच गया। कुछ साथी दौड़कर उसके पास पहुंचे और उसे संभालने की कोशिश करने लगे।
साथी मजदूरों ने संभाला, तुरंत पहुंचाया अस्पताल
हादसे के बाद कुछ मिनटों तक प्लांट परिसर में घबराहट का माहौल बना रहा। साथी मजदूरों ने तुरंत प्लांट प्रबंधन को सूचना दी। इसके बाद एंबुलेंस बुलाकर घायल विकास को रामगढ़ के एक निजी अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है। अस्पताल सूत्रों का कहना है कि उसे गंभीर चोटें आई हैं और उसकी हालत फिलहाल नाजुक बनी हुई है।
ठेकेदार के अधीन करता था काम
बताया जा रहा है कि विकास चौहान ठेकेदार राज चौहान के अधीन काम करता था। वह प्लांट में ऊंचाई पर चल रहे काम में लगा हुआ था। रोज की तरह वह भी अपने काम में व्यस्त था, लेकिन एक पल की चूक ने उसे अस्पताल के बिस्तर तक पहुंचा दिया। मजदूरों के मुताबिक ऐसे कामों में जरा सी चूक भी भारी पड़ सकती है, इसलिए हर समय पूरी सावधानी और सुरक्षा जरूरी होती है।
मजदूरों के बीच डर और चिंता
घटना के बाद प्लांट में काम करने वाले मजदूरों के बीच डर और चिंता का माहौल है। कई मजदूरों का कहना है कि ऊंचाई पर काम करना हमेशा जोखिम भरा होता है। अगर सुरक्षा उपकरण पूरी तरह उपलब्ध न हों तो खतरा और बढ़ जाता है। कुछ मजदूरों ने बताया कि कई बार काम के दबाव में सुरक्षा के नियमों को उतनी सख्ती से लागू नहीं किया जाता, जितना किया जाना चाहिए।
मजदूरों की जिंदगी हमेशा दांव पर
कुजू और आसपास के औद्योगिक इलाकों में हजारों मजदूर रोज ऐसे ही जोखिम भरे काम करते हैं। ये मजदूर अपने परिवार की रोजी-रोटी के लिए ऊंचाई, मशीनों और भारी उपकरणों के बीच काम करते हैं। एक छोटी सी गलती या लापरवाही उनके जीवन को हमेशा के लिए बदल सकती है। यही वजह है कि ऐसे हादसे सामने आते ही मजदूरों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगते हैं।
जांच और सख्ती की मांग
स्थानीय लोगों और मजदूरों ने इस घटना की गंभीर जांच की मांग की है। उनका कहना है कि औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन होना चाहिए। लोगों का मानना है कि अगर सुरक्षा इंतजाम मजबूत हों और मजदूरों को जरूरी उपकरण सही समय पर मिलें, तो इस तरह के कई हादसों को टाला जा सकता है। फिलहाल सभी की नजर अस्पताल में भर्ती विकास चौहान की हालत पर टिकी है और साथी मजदूर उसके जल्द स्वस्थ होने की दुआ कर रहे हैं।
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