Close Menu
News SamvadNews Samvad
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • बिजनेस
  • स्पोर्ट्स
  • राशिफल
Facebook X (Twitter) Instagram
Sunday, 1 November, 2026 • 10:09 am
  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • AdSense Policy
  • Terms and Conditions
Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest Vimeo
News SamvadNews Samvad
  • HOME
  • INDIA
  • WORLD
  • JHARKHAND
    • RANCHI
  • BIHAR
  • UP
  • SPORTS
  • HOROSCOPE
  • CAREER
  • HEALTH
  • MORE…
News SamvadNews Samvad
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • बिजनेस
  • स्पोर्ट्स
  • राशिफल
Home » किसकी है ये कोख, किसका है ये दर्द… दो विक्षिप्त बेनाम जिंदगियों का डालसा का सहारा
Headlines

किसकी है ये कोख, किसका है ये दर्द… दो विक्षिप्त बेनाम जिंदगियों का डालसा का सहारा

March 10, 2026No Comments3 Mins Read
Share Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Telegram WhatsApp Email
Follow Us
Google News Flipboard Facebook X (Twitter)
डालसा
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Telegram WhatsApp Email
WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now

अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :

auto

auto

Ranchi : कभी-कभी खबरें सिर्फ घटनाएं नहीं होतीं, बल्कि समाज के सामने आईना बनकर खड़ी हो जाती हैं। रांची में सामने आई दो कहानी भी कुछ ऐसी ही है… दर्द, बेबसी और सवालों से भरी हुई। एक 15 साल की नाबालिग बच्ची, जो मानसिक रूप से अस्थिर है और 8 महीने की गर्भवती है। उसे यह तक नहीं पता कि वह कौन है, उसका घर कहां है, या उसकी कोख में पल रहा बच्चा किसका है। दूसरी ओर, रेलवे स्टेशन के पास बेसुध पड़ी एक गर्भवती महिला, जो होश में आने के बाद बस इतना बता पाती है कि वह ओडिशा की रहने वाली है। दोनों की कहानी अलग है, लेकिन दर्द एक जैसा… अकेलापन, असुरक्षा और पहचान।

एक बच्ची… जिसे अपना नाम तक याद नहीं

15 साल की वह बच्ची अब अस्पताल के एक कमरे में है। उसकी आंखों में मासूमियत है, लेकिन उनमें गहरा खालीपन भी है। जब उससे पूछा जाता है… “तुम्हारा नाम क्या है?” वह बस चुप हो जाती है। … “घर कहां है?” वह इधर-उधर देखने लगती है, जैसे कोई याद ढूंढ रही हो जो कहीं खो चुकी है। डॉक्टर बताते हैं कि बच्ची मानसिक रूप से अस्थिर है और करीब आठ महीने की गर्भवती है। यह सोचकर ही दिल दहल जाता है कि इतनी छोटी उम्र में उसकी जिंदगी किस दर्द से गुजर रही होगी।

रेलवे स्टेशन के पास मिली एक और अधूरी कहानी

दूसरी महिला की कहानी भी उतनी ही दर्दनाक है। रांची रेलवे स्टेशन के पास जब लोग अपने काम में व्यस्त थे, तभी एक महिला अचेत अवस्था में जमीन पर पड़ी मिली। आसपास के लोगों ने देखा तो किसी ने पानी दिया, किसी ने पुलिस को सूचना दी। जब उसे अस्पताल लाया गया और होश आया, तो उसने धीमी आवाज में बस इतना कहा… “मैं ओडिशा से आई हूं…”इसके आगे वह कुछ साफ नहीं बता पाई। वह भी करीब 9 महीने की गर्भवती है। उसके चेहरे पर थकान, डर और अनगिनत अनकहे सवाल साफ दिखाई देते हैं।

जब इंसानियत ने आगे बढ़कर थामा हाथ

इन दोनों मामलों की जानकारी डालसा सचिव राकेश रौशन के कानों तक पहुंची। उन्होंने बिना देर किये आपनी सीनियर्स तक ये बात पहुंचाई। झालसा यानी झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यपालक अध्यक्ष न्यायमूर्ति सुजित नारायण प्रसाद के निर्देश पर तुरंत कार्रवाई की गई। सदस्य सचिव कुमारी रंजना अस्थाना और रांची के न्यायायुक्त अनिल कुमार मिश्रा के मार्गदर्शन में डालसा सचिव ने अलग-अलग दो टीमों का गठन किया। दोनों टीमें दोनों पीड़िताओं के पास तुरंत मदद के लिए पहुंच गयी। सचिव राकेश रौशन की देखरेख में टीम ने पहले दोनों पीड़िताओं का रिम्स और रिनपास में इलाज शुरू कराया और उनके रहने-खाने की व्यवस्था की। नाबालिग बच्ची के मामले में डालसा सचिव ने बताया कि रांची में ऐसे मामलों में लंबे समय तक रखने के लिए कोई संस्था उपलब्ध नहीं है। इसलिए सीडीपीओ वेद प्रकाश तिवारी से बातचीत और पत्राचार कर बच्ची को एमओसी धनबाद में रखने की प्रक्रिया शुरू की गई है। डालसा सचिव का कहना है कि इन दोनों की देखभाल और इलाज अब पूरी तरह प्रशासन की निगरानी में होगा। जरूरत पड़ने पर उन्हें सुरक्षित संस्थानों में भी रखा जाएगा।

इन अधिकारियों की रही अहम भूमिका

इस पूरे मामले में डालसा रांची की टीम लगातार सक्रिय रही। टीम में डालसा सचिव राकेश रौशन, डिप्टी एलएडीसी राजेश कुमार सिन्हा, पीएलवी भारती शाहदेव और पिंकु कुमारी शामिल रहे, जिन्होंने मौके पर पहुंचकर दोनों महिलाओं के इलाज और रहने की व्यवस्था कराई।

इसे भी पढ़ें : स्कूल छूटा, खेल छूटा, ‘अपनों’ के चलते बचपन छूटा… फिर हुई डालसा की एंट्री

Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Telegram WhatsApp Email
Previous Articleस्टील प्लांट में ऊंचाई से गिरा मजदूर लड़ रहा जिंदगी की जंग, व्यवस्था पर उठे सवाल
Next Article तीन मासूमों की जिंदगी तबाह होने से बचा गया RPF… जानें कैसे

Related Posts

राशिफल

राशिफल @ 01 नवंबर 2026… आज क्या कहता है आपका भाग्य… जानें

November 1, 2026
झारखंड

जेसोवा मेला : दिन में सुकून की धूप, शाम ढलते ही रोशनी के समंदर में डूबा मोरहाबादी

October 31, 2026
बिहार

बिहार में नया बिजली कनेक्शन लेना हुआ आसान, 150 KW तक जमीन-मकान की नाप-जोख बंद

October 31, 2026
Advertisement
  • Facebook
  • Twitter
  • Telegram
  • WhatsApp

Latest Post

राशिफल @ 01 नवंबर 2026… आज क्या कहता है आपका भाग्य… जानें

November 1, 2026

जेसोवा मेला : दिन में सुकून की धूप, शाम ढलते ही रोशनी के समंदर में डूबा मोरहाबादी

October 31, 2026

बिहार में नया बिजली कनेक्शन लेना हुआ आसान, 150 KW तक जमीन-मकान की नाप-जोख बंद

October 31, 2026

CM सम्राट ने लॉन्च किया ‘UPYOG’, अब घर बैठे पास होंगे नक्शे और बनेंगे लाइसेंस

October 31, 2026

बिहार के युवाओं को हुनरमंद बनाने की नई पहल, 1609 केंद्रों पर शुरू होगी ‘डिजिटल मित्र’ ट्रेनिंग

October 31, 2026
© 2026 News Samvad. Designed by Launching Press.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.