अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :
Ranchi : जगरनाथपुर मौसीबाड़ी के छोटे से घर में एक बार फिर खुशियों की हलचल लौट आई। पांच साल के अंश कुमार और चार साल की अंशिका कुमारी, जो कुछ दिन पहले रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गए थे, अब अपने माता-पिता के गले लगकर मुस्कुरा रहे थे। उनके माता-पिता सुनील और मीना कुमार की आंखों में राहत और आंसू दोनों ही थे। “हमने सोचा था कि शायद हमें अपने बच्चों से हमेशा के लिए विदा लेना पड़ेगा,” मीना ने हल्की हिचकी के साथ कहा। “लेकिन पुलिस ने हमारे बच्चों को सुरक्षित लौटाकर हमारी दुनिया बदल दी।”
500 CCTV और 5000 गाड़ियों की जांच
डीजीपी तदाशा मिश्रा ने मीडिया को बताया कि अंश-अंशिका के पिता सुनील कुमार ने 3 जनवरी को धुर्वा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीण एसपी प्रवीण पुष्कर के नेतृत्व में विशेष टीम बनाई गई। टीम में सिटी एसपी पारस राणा, ट्रैफिक एसपी राकेश सिंह समेत 48 पुलिस अधिकारी शामिल थे। अधिकारियों ने जमीनी और तकनीकी जांच को एक साथ संभाला। डीजीपी ने कहा कि जांच आसान नहीं थी। इस सफलता के पीछे रांची पुलिस की दिन-रात की मेहनत है। 500 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाली गई और 5,000 से अधिक वाहनों की जांच की गई। पुलिस ने संदिग्ध गतिविधियों को दूसरे राज्यों में हुई ऐसी ही घटनाओं से जोड़कर छानबीन की।

12 राज्यों में खोज, हजारों कॉल और सोशल मीडिया सहयोग
अंश-अंशिका की तलाश में ओडिशा, पश्चिम बंगाल, बिहार, छत्तीसगढ़, राजस्थान, दिल्ली, महाराष्ट्र समेत 12 राज्यों में टीम भेजी गई। प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया का इस्तेमाल करके जनता से लगातार जानकारी मांगी गई। प्रति बच्चे दो लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया गया। हर दिन पुलिस को 1,000 से ज्यादा कॉल प्राप्त होती थीं। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और हाट बाजारों में पोस्टर लगाए गए। ड्रोन और डॉग स्क्वॉड की मदद से क्षेत्र में खोजबीन की गई। सीआईडी के जरिये देशभर में ह्यू एंड क्राई नोटिस जारी किया गया। पूरे देश में बच्चों की सूचना फैलाई गई। कई बाल संगठनों ने भी सूचना प्रसारण में सहयोग किया।
परिवार की राहत और पुलिस की प्रतिबद्धता
जांच की सघन प्रक्रिया और लगातार समीक्षा के बाद पुलिस को सफलता मिली। डीजीपी मिश्रा ने कहा, “यह केवल पुलिस की मेहनत का परिणाम नहीं है, बल्कि समाज और परिवार की एकजुटता का भी परिणाम है। बच्चों की मुस्कान ही सबसे बड़ा इनाम है।”
इसे भी पढ़ें : अंश–अंशिका मामले में DGP बोलीं- मेहनत हुई है और मेहनत रंग लाई है



