अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :
Palamu : छवि और पहचान की लालसा कभी-कभी इंसान को ऐसे रास्तों पर ले जाती है, जिससे खुद का और परिवार का जीवन उलझ जाता है। पलामू के हुसैनाबाद में ऐसा ही मामला सामने आया, जहां राजेश कुमार ने छह साल तक खुद को IAS अधिकारी बताकर समाज और प्रशासन में प्रभाव दिखाने की कोशिश की। वह हैदरनगर थाना क्षेत्र के कुकही गांव का रहने वाला है।
फर्जी IAS की हकीकत सामने आई
दो जनवरी को हुसैनाबाद थाना पहुंचे राजेश कुमार ने खुद को 2014 बैच के ओडिशा कैडर का IAS और भुवनेश्वर में सीएओ पद पर तैनात बताया। थानेदार सोनू कुमार चौधरी ने उसकी पोस्टिंग के बारे में पूछा। राजेश ने दावा किया कि वह भुवनेश्वर, देहरादून और हैदराबाद में काम कर चुका है। तीन अलग-अलग राज्यों में पोस्टिंग के सवाल पर थानेदार को शक हुआ और यहीं से कहानी के पलटी मार दी।
पिता का सपना और बेटे की हकीकत
SDPO मोहम्मद याकूब ने मीडिया को बताया कि राजेश के पिता का सपना था कि उनका बेटा आईएएस बने। चार बार UPSC परीक्षा में असफल होने के बाद राजेश ने यह रास्ता अपनाया। एक सामान्य परिवार का यह बेटा अब खुद को एक प्रतिष्ठित अधिकारी बनाकर समाज में मान-सम्मान पाने की कोशिश कर रहा था।
फर्जी दस्तावेज, धोखाधड़ी और पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने राजेश से उसके आईएएस परिचय पत्र और नियुक्ति संबंधी दस्तावेज मांगे, लेकिन वह कुछ भी पेश नहीं कर सका। तलाशी के दौरान उसके पास एक फर्जी आईएएस परिचय पत्र और गाड़ी मिली, जिस पर “Government of India CAO Telecommunication Department” लिखा था। छह सालों से वह अपने फर्जी आईडी के सहारे प्रभावशाली काम कर रहा था। राजेश कुमार के खिलाफ हुसैनाबाद थाना में गंभीर धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
इसे भी पढ़ें : 9 हाई कोर्ट के 31 जज रांची के खेलगांव में दिखा रहे दम… जानें

