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Ranchi : सोचिए, आपके फोन पर एक मैसेज आता है… “निवेश कीजिए और कुछ ही हफ्तों में दोगुना मुनाफा कमाइए।” स्क्रीन पर ग्राफ ऊपर चढ़ते दिखते हैं, ऐप पर आपके पैसे हर दिन बढ़ते दिखाई देते हैं। विश्वास होना स्वाभाविक है। लेकिन हकीकत? यह सब एक जाल होता है। झारखंड CID की साइबर क्राइम टीम ने ऐसे ही एक जाल को तोड़ते हुए देवघर से यशवर्धन कुमार को गिरफ्तार किया है। महज 19 साल का यशवर्धन कुमार इतना शातिर है कि उसने लोगों के खाते से झटके में 44 लाख रुपये टपा दिये। CID की DSP नेहा बाला ने बताया कि यशवर्धन ने “CANTILLON” नाम के फर्जी ट्रेडिंग ऐप के जरिए लोगों को चूना लगाया। साथ ही करोड़ों की ठगी करने वाले नेटवर्क का भी साथ दिया।
WhatsApp से शुरू हुआ खेल
शिकायतकर्ता के मुताबिक, उन्हें WhatsApp पर लिंक भेजकर CANTILLON ऐप डाउनलोड करने के लिए कहा गया। ऐप पर निवेश करने पर नकली प्रॉफिट दिखाया गया। पहले छोटे निवेश पर झूठे रिटर्न दिखाकर विश्वास जमाया गया और फिर बड़े निवेश में फंसा लिया गया। कुल मिलाकर पीड़ित से 44 लाख रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करवा लिए गए।
देवघर से CID ने दबोचा
तफ्तीश के दरम्यान देवघर से आरोपी यशवर्धन को दबोचा गया। पुलिस ने उसके पास से एक मोबाइल, दो सिम कार्ड और बैंक खाता विवरण बरामद किए। जांच में सामने आया कि इस युवक के नाम से जुड़े खाते का इस्तेमाल न सिर्फ झारखंड बल्कि कई राज्यों में फ्रॉड करने के लिए किया गया है।
15 राज्यों में 46 शिकायतें
गृह मंत्रालय के National Cyber Crime Reporting Portal के आंकड़े चौंकाने वाले हैं। गिरफ्तार आरोपी के बैंक ऑफ बड़ौदा खाते (संख्या 26450200001669) से जुड़े 46 साइबर फ्रॉड की शिकायतें दर्ज हैं। ये शिकायतें 15 राज्यों से हैं… तेलंगाना, उत्तराखंड, झारखंड, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल, हिमाचल प्रदेश, गुजरात, दिल्ली, बिहार, आंध्र प्रदेश और उत्तर प्रदेश।
चौंकाने वाला है ठगी का पैटर्न
साइबर अपराधियों की यह तकनीक बेहद चालाकी भरा और चैंकाने वाला है…
- फर्जी ऐप बनाकर WhatsApp/Telegram पर भेजा जाता है।
- पहले छोटे निवेश पर नकली मुनाफा दिखाया जाता है।
- जब भरोसा बन जाता है, तब बड़े पैसे की ठगी की जाती है।
- ठगे गए पैसे तुरंत कई बैंक खातों में बांट दिए जाते हैं, ताकि ट्रेस करना मुश्किल हो।
CID ने की यह अपील
CID ने लोगों से अपील की है…
- WhatsApp या Telegram पर आए निवेश ऑफर पर विश्वास न करें।
- अनजान खातों या UPI ID में पैसे न डालें।
- निवेश हमेशा सरकार से अधिकृत प्लेटफॉर्म पर ही करें।
- किसी भी फ्रॉड की स्थिति में तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।
ठगी और तफ्तीश की दास्तां
देवघर का यह युवक अब पुलिस हिरासत में है। जांचकर्ता यह पता लगाने में जुटे हैं कि उसके पीछे कौन सा नेटवर्क काम कर रहा था और कितने लोग इसमें शामिल हैं। महज 19 साल की उम्र में इस तरह के हाई-टेक अपराध में शामिल होना यह जता गया कि साइबर अपराध अब गांव-शहर और उम्र की सीमाएं पार कर चुका है।
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